अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने मंगलवार को रूसी ओलंपिक समिति (ROC) पर लगाया गया निलंबन अस्थायी रूप से हटा लिया। इस फैसले के साथ रूस के खिलाड़ियों की लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक से पहले अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं और ओलंपिक क्वालिफायर में वापसी का रास्ता साफ हो गया है।
रूस द्वारा फरवरी 2022 में यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद IOC ने अक्टूबर 2023 में ROC को निलंबित कर दिया था। निलंबन का कारण रूस द्वारा यूक्रेन के कब्जे वाले क्षेत्रों लुहान्स्क, डोनेत्स्क, खेरसॉन और ज़ापोरिज्जिया की क्षेत्रीय ओलंपिक परिषदों को मान्यता देना था, जिसे IOC ने ओलंपिक चार्टर और यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन माना था।
IOC अध्यक्ष कर्स्टी कोवेंट्री ने कहा कि संगठन किसी भी युद्ध का समर्थन नहीं करता, लेकिन खिलाड़ियों को उनकी सरकार के फैसलों की सजा नहीं मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “हम इस युद्ध सहित किसी भी युद्ध का समर्थन नहीं करते। हम पहले की तरह यूक्रेन का समर्थन जारी रखेंगे, लेकिन मेरा मानना है कि खिलाड़ियों को इसकी कीमत नहीं चुकानी चाहिए।”
IOC के निर्णय के बाद रूसी खिलाड़ी अब कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक क्वालिफिकेशन प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकेंगे। हालांकि, IOC ने अभी यह फैसला नहीं किया है कि ओलंपिक में रूस अपने राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रीय रंग और राष्ट्रगान के साथ भाग ले सकेगा या नहीं।
रूस के खेल मंत्री मिखाइल डेग्त्यारेव ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे अंतरराष्ट्रीय खेल महासंघों के लिए रूसी खिलाड़ियों की पूर्ण वापसी का मार्ग प्रशस्त होगा।
उन्होंने कहा, “ओलंपिक परिवार में रूस की वापसी हमारे खिलाड़ियों को सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बहाल करने के लिए एक हरी झंडी है।”
रूसी खिलाड़ियों ने पेरिस 2024 ओलंपिक और मिलानो-कोर्टिना 2026 शीतकालीन ओलंपिक में तटस्थ (Neutral) खिलाड़ियों के रूप में हिस्सा लिया था।
हालांकि, IOC के इस फैसले की आलोचना भी हुई है। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने इसे “चिंताजनक” बताते हुए मेजबान देशों से रूसी सरकारी प्रतीकों पर प्रतिबंध बनाए रखने की अपील की है।
यूक्रेन के स्केलेटन खिलाड़ी व्लादिस्लाव हेरास्केविच ने इस निर्णय को “पूरी तरह शर्मनाक” करार दिया। वहीं खिलाड़ी अधिकार समूह ग्लोबल एथलीट और फेयरस्पोर्ट ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि यह फैसला ओलंपिक मूल्यों और जवाबदेही के सिद्धांतों के विपरीत है।
इसके बावजूद सभी खेलों में रूस की तत्काल वापसी तय नहीं मानी जा रही है। कई अंतरराष्ट्रीय खेल महासंघ अब भी रूस और बेलारूस के खिलाड़ियों पर अपने-अपने प्रतिबंध बनाए हुए हैं। हाल ही में विश्व एथलेटिक्स परिषद ने भी यूक्रेन युद्ध के कारण रूसी और बेलारूसी खिलाड़ियों पर लगा प्रतिबंध जारी रखने का फैसला दोहराया था।
IOC ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लौटने वाले सभी रूसी खिलाड़ियों को संबंधित एंटी-डोपिंग नियमों का पूरी तरह पालन करना होगा। रूस पिछले एक दशक से दुनिया के सबसे बड़े डोपिंग विवादों में से एक का सामना करता रहा है। वर्ष 2015 में विश्व एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA) की जांच में रूसी एथलेटिक्स में व्यवस्थित डोपिंग और 2014 सोची शीतकालीन ओलंपिक के दौरान राज्य समर्थित डोपिंग छिपाने के आरोप सामने आए थे।
IOC ने कहा कि वह भविष्य में भी ROC की गतिविधियों पर नजर रखेगा और यदि आवश्यक हुआ तो अतिरिक्त कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है।
