लखनऊ में 5 घंटे की बारिश से नगर निगम के 10 करोड़ के दावों की निकल गई हवा

जलभराव को लेकर हो गया आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू

 
RAIN

 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 5 घंटे की बारिश ने नगर निगम के 10 करोड़ के दावों की हवा निकाल कर रख दी है। गुरुवार से लेकर शुक्रवार सुबह तक 24 घंटे में 160.3 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इस बारिश के कारण लोगों के घरों,  यहां तक कि बेडरूम में पानी घुस गया। इस स्थिति ने लोगों की परेशानी को बढ़ा दिया है। राजधानी में बड़े, छोटे और मध्यम मिलाकर करीब 1800 नाले हैं। इनमें सर कटा, हैदर कैनाल और कुकरैल नाला प्रमुख है। नगर निगम ने सभी नालों की सफाई के लिए 10 करोड़ का बजट जारी किया था। जिम्मेदारों ने सभी नालों की सफाई का दावा किया था। हालांकि बारिश ने सच सामने ला दिया है।

दरअसल... लखनऊ में जलभराव को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। पार्षदों का आरोप है कि, बड़े नाले उफनाने की मुख्य वजह सफाई के नाम पर खानापूर्ति है। सफाई के दौरान पॉलिथन और अन्य कचरा तो निकाल गया, सिल्ट को छोड़ दिया गया। इसी के कारण बारिश में नाले उफनाए और तमाम इलाकों में पानी सड़कों पर भर गया। इस्माईलगंज प्रथम की पार्षद अमिता सिंह ने बताया कि बड़े नालों की सफाई के दौरान वीडियोग्राफी होती है। वहीं मझोले और छोटे नालों की सफाई में लापरवाही होती है। हैदर कैनाल मवैया के पीछे से कृष्णा नगर, आलमबाग,  चारबाग होते हुए करीब 19 किलोमीटर की दूरी तय कर गोमती में मिलता है। कई इलाकों के छोटे नालों को सीधे इससे जोड़ दिया गया है। ऐसे में पूरा नाला कचरे से एटा है। आरोप है कि शिकायत के बावजूद भी सही से सफाई नहीं करवाई जा रही है।

जलभराव को लेकर कार्यदायी संस्था सुएज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड परियोजना के निदेशक राजेश मठपाल ने बताया कि जलभराव की शिकायतें मिलने पर मशीनें लगाकर काम करवाया जा रहा है। जोन 1 में सिविल अस्पताल, डालीबाग में पंप और सीएम आवास के पास 1 सुपर सकर मशीन लगाई गई है। जोन 4 में लोहिया अस्पताल के पास 2 जेटिंग पंप, 1 सुपर सकर मशीन लगाकर पानी निकाला गया। इंजिनियरिंग कॉलेज चौराहे के आसपास नालियां चोक होने से सुपर सकर मशीन लगाई गई थी।