मुजफ्फरनगर में मिड-डे-मील में गंध आई तो बच्चों ने बीएसए के सामने रख दी रोटियां, खाने से किया इंकार

बीएसए ने भोजन आपूर्तिकर्ता फर्म को अंतिम चेतावनी नोटिस जारी करने के दिए आदेश

 
मुजफ्फरनगर

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में मिड डे मील की व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शुभम शुक्ला ने गुरुवार को नगर इलाके के परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया। स्कूलों में मिड-डे मिल का भोजन खाने योग्य नहीं मिला। नई मंडी कन्या पाठशाला में गंध युक्त रोटियां बच्चों ने बीएसए के सामने रख दी। जिसके बाद प्रधानाध्यापिका से कहकर स्कूल में ही रोटियां बनवाकर विद्यार्थी को दी गई। बीएसए ने मध्याह्न भोजन आपूर्तिकर्ता फर्म को अंतिम चेतावनी नोटिस जारी करने के आदेश दिए है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शुभम शुक्ला को नई मंडी कन्या पाठशाला निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापिका रुचि गर्ग, शिक्षामित्र नीरज और सोनिया उपस्थित मिली। वहीं 77 विद्यार्थियों में से कोवल 39 ही उपस्थित थे। मध्याह्न भोजन निर्धारित मेन्यू के अनुसार था। लेकिन गुणवत्ता उपयुक्त नहीं पाई गई। रोटियां खाने योग्य नहीं मिली। रोटियों में गंध आ रही थी। बच्चों ने खाने से इंकार कर दिया और बीएसए के सामने रखी दी। इसके बाद प्रधानाचार्य ने बच्चों के खाने के लिए स्कूल में ही रोटियां तैयार कराई। साथ ही प्रधानाध्यापिका को निर्देशित किया गया कि जिस दिन खाना अच्छा नहीं आता, उस तिथि को नोट कर लिया जाएं।

निरीक्षण के दौरान खालापार स्थित विद्यालय में प्रधानाध्यापक जावेद और शिक्षा मित्र आदेश पंवार, बबीता के साथ समरीन रुही उपस्थित मिले। जबकि 188 विद्यार्थियों में से केवल 92 ही उपस्थित मिले। यहां भी मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता खराब मिली।

प्राथमिक विद्यालय रिफ्यूजी कैंप अध्यापक विहीन विद्यालय हैं। इसका प्रबंधन, शैक्षणिक कार्य एवं अन्य गतिविधियां कंपोजिट विद्यालय खालापार के प्रधानाध्यापक जावेद की ओर से देखी जा रही है। जहां पंजीकृत 79 विद्यार्थियों में से 55 ही उपस्थित थे। मध्याह्न भोजन निर्धारित मेन्यू के अनुसार मिला। लेकिन वहां भी गुणवत्ता उपयुक्त नहीं पाई गई।

प्राथमिक विद्यालय खालापार दक्षिणी किदवई नगर में प्रधानाध्यापक हिना समी और शिक्षामित्र हसीन बानो और हुमा रानी उपस्थित मिली। लेकिन 680 विद्यार्थियों में से केलव 276 ही उपस्थित थे। नामांकन के सापेक्ष कम उपस्थिति के लिए प्रधानाध्यापिका को निर्देशित किया गया। यहां भी मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सही नहीं मिली।