बर्बादी की कगार पर छोटे उद्योग, महज दो दिन में 5 करोड़ उत्पादन का नुकसान

 
production loss

दिल्ली। कोरोना ने लोगों को ऐसे दोराहे पर लाकर खड़ा कर दिया है कि चाहकर भी इंसान एक रास्ता नहीं चुन पा रहा है। एक रास्ता इंसान को बर्बादी की तरफ ले जा रहा है तो दूसरा रास्ता मौत के मुंह की तरफ। जिसकी बानगी बर्बाद और ठप होते लधु उद्योग है। अगर कोरोना को ध्यान में रखते काम-धंधा बंद करते है तो छोटे कारोबारी बर्बाद होने के कगार है। तो वहीं दूसरी तरफ कोरोना के नए वैरिएंट की वजह से लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए राजधानी दिल्ली में वीकेंड कर्फ्यू लगाया गया है। जिसकी वजह से उत्पादन इकाइयां फिर से भारी नुकसान की तरफ जा रही है। ओखला फ्लैटेड फैक्ट्री एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन के महासचिव चरणजीत सिंह ने दावा किया है कि महज़ दो दिनों में लगभग 5 करोड़ उत्पादन का नुकसान हुआ है। मजदूर घर लौट गए हैं और नया मजदूर ढूंढना आसान नहीं है। उन्होंने सरकार से प्राइवेट ऑफिस की तरह की 50 प्रतिशत क्षमता के साथ काम करने की अनुमति देने की मांग की है।

ये भी पढ़ेंः दिल्ली पुलिस विभाग में फूटा कोरोना बम, 300 जवान हुए पॉजिटिव

आपको बता दें कि कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों की वजह से राजधानी दिल्ली में वीकेंड कर्फ्यू लागू किया गया है। यानि दिल्ली में शनिवार और रविवार दोनों ही दिन लॉकडाउन रहता है। ऐसे में छोटे उद्योगों के लिए बेहद मुश्किल भरा दौर है।