राकेश टिकैत ने पीएम की 10 लाख नौकरी वाली घोषणा को बताया जुमला

मुफ्त बिजली देने का वादा हवा-हवाई साबित हो रहा हैः राकेश टिकैत

 
RAKESH

  • रिपोर्टः गोपी सैनी

मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मंगलवार को मुजफ्फरनगर में स्थित अपने आवास पर एक पत्रकार वार्ता की। राकेश टिकैत ने प्रधानमंत्री की 10 लाख सरकारी नौकरी की घोषणा पर बोलते हुए कहा कि इस सरकार के पास देश को पूर्ण रूप से बेरोजगार बनाने का प्लान है। राकेश टिकैत ने कहां कि किसानों की समस्याओं को लेकर आगामी 16 जून से लेकर 18 जून तक उत्तराखंड के हरिद्वार में तीन दिवसीय किसान चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा जिसमें देश के हर एक कोने से किसान भाग लेगा।

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि बेरोजगारी के चलते देश मजदूरों की बड़ी कालोनी बनता जा रहा है। सरकुलर रोड स्थित अपने आवास पर उन्होंने बड़ा बयान जारी किया। कहा कि किसानों को गन्ना भुगतान नहीं हो रहा। मुफ्त बिजली दिये जाने का वायदा हवा-हवाई साबित हो रहा। एमएसपी बढाने का सरकार का मैकेनिज्म ठीक नहीं। उन्होंने कहा कि बुल्डोजर की कार्रवाई सिर्फ एक पक्ष पर न हो। सरकार विचार करे कि दंगे के हालात आखिर पैदा क्यों हो रहे हैं।

टिकैत ने कहा कि राजस्थान और पंजाब में किसानों के ऊपर किए गए मुकदमे वापस हुए है। कुछ किसानों को मुआवजा भी मिला है। उत्तर प्रदेश में अभी तक 16 किसानों को मुआवजा नहीं मिला है। आंदोलन के समय सरकार से ये तय हुआ था कि जो किसानों के ऊपर मुकदमे किए गए हैं वापस किए जा रहे हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश में किसानों के ऊपर किए गए मुकदमे अभी वापस नहीं हुए।

राकेश टिकैत ने कहा कि बिजली का बड़ा इश्यू आजकल चल रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली के मुद्दे को लेकर 16 से 18 जून को हिरद्वार में किसानों की पंचायत होगी। उन्होंने कहा कि करीब 7 स्टेट में बिजली फ्री है। इलैक्शन से पहले भाजपा ने घोषणा पत्र में कहा था किसानों को बिजली यानी सिंचाई के लिए पानी फ्री देंगे। नहर का पानी फ्री कर दिया। सरकारी ट्यूबवेल का पानी फ्री कर दिया। लेकिन जिन किसानों की प्राईवेट ट्यूबवेल थी वह कहां जाएं। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर, मेरठ शामली में भी गन्ना भुगतान नहीं हो रहा। किसान कहां से खर्च करें। साथ ही कहा कि दवाईयां कैश में खरीदनी पड़ती हैं।