वसी अंसारी ने फहराया विजय पताका, बने मुजफ्फरनगर ज़िला बार संघ के अध्यक्ष

शुरूआत से ही बढ़त बनाकर चल रहे थे वसी अंसारी, देर रात तक चली मतगणना
 
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  • रिपोर्टः अमित सैनी, प्रधान संपादक

मुजफ्फरनगर। राजनीति के मैदान में अपनी अलग पहचान कायम करने के साथ-साथ मृदुभाषी अधिवक्ता वसी अंसारी ने जिला बार संघ चुनाव में भी बाज़ी मार ली है। वसी अंसारी ने अपने प्रतिद्वंदी प्रत्याशी सुरेंद्र शर्मा को 31 मतों से परास्त कर विजय हासिल की। वहीं सुरेंद्र कुमार मलिक ने भी महासचिव पद पर जीत हासिल की है। कलेक्ट्रेट में देर रात तक चली मतगणना के बाद दोनों को विजयी घोषित किए गए।

मुजफ्फरनगर ज़िला बार संघ के चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए कांटे की टक्कर रही। अध्यक्ष पद के लिए अधिवक्ता वसी अंसारी, सुरेंद्र शर्मा और प्रेमदत्त चुनाव मैदान में उतरे। मतदान के बाद गुरूवार को मतगणना हुई, जिसमें वसी अंसारी को कुल 772 वोट प्राप्त हुए, जबकि सुरेंद्र शर्मा को 741 मत मिले, जबकि प्रेमदत्त को महज 348 मतों पर ही संतोष करना पड़ा।

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घोषणा के बाद जीत का जश्न मनाते नव निर्वाचित मुजफ्फरनगर जिला बार संघ अध्यक्ष वसी अंसारी

अटकी रही सांसे, धीरे-धीरे कम हो रहा था अंतर

मतगणना के दौरान अधिवक्ता वसी अंसारी और सुरेंद्र शर्मा की सांसे अटकी रही। वैसे तो वसी अंसारी शुरूआत से ही बढ़त बनाकर चल रहे थे, लेकिन जैसे ही धीरे-धीरे मतगणना अपनी आखिरी दौर में पहुंच रही थी, मतों का अंदर कम होता जा रहा था। हालांकि शुरूआत की बढ़त के बाद से ही वसी असांरी को बधाईयां मिलनी शुरू हो गई थी, मगर जब अंत में मतों का अंतर कम होने लगा तो दिल की धड़कने तेज़ होने लगी। एक बार को तो ऐसा लगने लगा था कि मानों सुरेंद्र शर्मा बाजी मार लेंगे। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। शुरूआत में हुई बढ़त ने वोटों के अंतर को पाट दिया और वसी अंसारी के सिर पर जीत का सेहरा बंध गया।

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चिर-परिचितों के साथ जीत का जश्न मनाते नव निर्वाचित मुजफ्फरनगर जिला बार संघ अध्यक्ष वसी अंसारी

सपा नेता है वसी, काम आई 'मृदुभाषा'

अधिवक्ता वसी अंसारी समाजवादी पार्टी में सक्रिय सदस्य है, जिनकी पहचान बेहद ही मृदुभाषी वाले व्यक्ति के रूप में होती है। उनकी इस जीत के पीछे उनक शालीन होना और मृदुभाषी होना भी बड़ी वजह है। यहां आपको ये भी बताना जरूरी है कि जब साल 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान सपा में दो फाड़ हो गई थी तो वसी अंसारी को मुजफ्फरनगर विधान सभा से चुनाव मैदान में उतारने की भी घोषणा कर दी गई थी।

'ये हम सबकी जीत है। सभी के सहयोग से मुझे ये जीत हासिल हुई है। सभी के प्यार और आशीर्वाद ने मुझे हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है।' -वसी अंसारी, नव निर्वाचित अध्यक्ष, जिला बार संघ, मुजफ्फरनगर

ब्रजबंधु को हराकर सुरेंद्र मलिक बने महासचिव

अधिवक्ता सुरेंद्र मलिक ने अपने निकटतम प्रतिद्विंदी प्रत्याशी ब्रजबंधु सैनी को हराकर जीत का सेहरा अपने नाम किया। सुरेंद्र मलिक को कुल 879 मत मिले, जबकि ब्रजबंधु को 665 और अनुराग को कुल 324 मत प्राप्त हुए।

निश्चल त्यागी बने वरिष्ठम उपाध्यक्ष

इसी तरह निश्चल त्यागी कुल 803 मतों के साथ वरिष्ठम उपाध्यक्ष बने। अधिवक्ता यशपाल को 506 और देवेंद्र दत्त को कुल 451 मत मिले।

श्रवण कुमार सोम कोषाध्यक्ष, अखिलेश गौतम और महेश पालीवाल बने वरिष्ठ उपाध्यक्ष

कोषाध्यक्ष पद पर 601 मत पाकर श्रवण कुमार सोम ने जीत हासिल की, जबकि दीपक कुमार को 130, राजेश कुमारी को 504, शशि प्रभा को 551 मतों पर ही संतोष करना पड़ा।

इनके अलावा 15 सालों से अधिक की प्रेक्टिस के वरिष्ठ उपाध्यक्षों पर अखिलेश गौतम 656 और महेश पालीवाल 619 मत पाकर विजयी रहे।

दो उपाध्यक्ष पदों पर अरूण धारीवाल 966 और सनसवीर बालियान 664 मत लेकर विजयी घोषित हुए। इनके साथ-साथ सहसचिव के तीन पदो ंके लिए अब्दुल हक 667, अमित सैनी 1052 और सुनीता देवी 676 मतों के साथ जीते।

वरिष्ठ एवं कनिष्ठ सदस्य पदों पर ये हुए विजयी

वरिष्ठ सदस्य के 6 पदों के लिए अमित जैन 668, अनुराग 760, अरविंद शर्मा 611, उदयपाल 600, नुसरत आरा 709, हसीन हैदर ज़ैदी 689 मत पाकर विजयी रहे। कनिष्ठ सदस्य के 6़ पदों के लिए अंजलि सैनी 928, नईम चौधरी 676, मोहिनी 922, रूबिना अंजुम 654, शालू 729, सलमा प्रवीन 775 मत पाकर विजयी रहे।

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मनोज बने सिविल बार अध्यक्ष और सुनील कुमार बने महासचिव

मुजफ्फरनगर। सिविल बार एसोसिएशन के चुनाव में मनोज कुमार शर्मा और महासचिव पद पर सुनील कुमार मित्तल ने जीत हासिल की। मनोज कुमार शर्मा को कुल 177 मत मिले, जबकि जितेंद्र पाल सिंह को कुल 144 ही मत मिल सके। इसी तरह से महासचिव पद पर सुनील कुमार मित्तल को 162 मत मिले, जबकि सतेंद्र कुमार को 157 मत प्राप्त हुए।