मुजफ्फरनगर में किसानों ने तालाब के अंदर अर्धनग्न होकर किया प्रदर्शन

बरसात का पानी तालाब में नहीं जाने को लेकर जताया विरोध

 
मुजफ्फरनगर

  • रिपोर्टः गोपी सैनी

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अमृत सरोवर योजना के तहत तालाबों के सौन्दर्यीकरण को लेकर करोड़ों रुपया खर्च किया जा रहा है लेकिन बावजूद इसके यूपी के मुजफ्फरनगर में तालाबों के सौंदर्यीकरण के नाम पर ना सिर्फ किसान और ग्रामीणों का शोषण किया जा रहा है बल्कि किसानों की जमीन से मिट्टी निकाल कर तालाबों का भराव किया जा रहा है जिससे ना सिर्फ किसानों की फसल में जलभराव की स्थिति बनी हुई है बल्कि तालाब के सौंदर्यीकरण को लेकर करोडों रुपये का बंटाधार किया जा रहा है।

दरअसल मामला मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना इलाके के गांव रोहनी हरजीपुर का है। जहां तालाबों के सौंदर्यीकरण के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर ग्रामीणों ने तलाब में अर्धनग्न होकर जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है की अमृत सरोवर योजना के नाम पर जिला प्रशासन द्वारा गांव में किसी भी तालाब की खुदाई नहीं की और ना सफाई बल्कि किसानो की जमीन से मिटटी उठाकर तालाब के चारो और लगा दी गयी जिससे बरसात का पानी तालाब में नहीं जाने के कारन उनके खेत में कड़ी फसल जल भराव होने से ख़राब हो रही है।

बता दें कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत जिले में 150 तालाबों को अमृत सरोवर योजना में शामिल किया गया है। इस योजना से भूगर्भ जल में वृद्धि होगी, पानी की दैनिक समस्या का निदान होगा। जनपद के सभी नौ ब्लाकों के 150 तालाबों का इसमें चयन किया गया है। तालाबों के माध्यम से जल संरक्षण और जल संचयन को बढ़ावा मिलेगा और भूगर्भ जल में व्यापक वृद्धि होगी। इस योजना में 75 नये तालाब शामिल किए गए है, जिन पर अब से पहले काम नहीं हुआ है। 53 तालाब ऐसे हैं जिनका जीर्णोद्धार किया जाएगा। 22 तालाब ऐसे हैं जिनके कार्य अधूरे पड़े है।