अग्निपथ योजनाः किसान और सामाजिक संगठनों ने की बैठक, लिया आंदोलन का फैसला

कहा, कृषि कानूनों की तरह अग्निपथ योजना भी लेनी होगी वापिस

 
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  • रिपोर्टः महेंद्र भारती

रेवाड़ी। उत्तर प्रदेश में सेना भर्ती को लेकर केंद्र सरकार द्वारा अग्निपथ योजना चलाई गई है। जिसमें उन्हें 4 साल के लिए भारतीय सेना में अग्निवीर बनाया जाएगा। अग्नीपथ योजना जैसे ही रक्षा मंत्रालय द्वारा घोषणा की गई वैसे ही देश के युवाओं में क्रोध की ज्वाला भड़क उठी और एक के बाद एक राज्य में आंदोलन की आग इस कदर भड़की कि देश उनकी लपटों में जलने लगा।

रेवाड़ी के महाराणा प्रताप चौक स्थित नेहरू पार्क में किसान और सामाजिक संगठनों द्वारा एक विशेष बैठक बुलाई गई जिसमें निर्णय लिया गया, कि आगामी 25 तारीख को एक महापंचायत बुलाई जाएगी, जिसमें अग्निपथ योजना का विरोध करते हुए उसे भी तीन कृषि कानूनों की तरह रद्द कर बेरोजगार युवा जवानों को पुरानी भर्ती के चलते सेना में नियुक्त किए जाने की मांग की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता कर रहे अभय सिंह ने बताया कि आगामी 25 तारीख को सभी संगठनों की एक बैठक बुलाकर निर्णय लिया जाएगा कि जिस तरह देश की मोदी सरकार ने किसानों पर तीन कृषि कानून थोपे थे और उन्हें किसानों ने आंदोलन कर सरकार को वापस लेने पर मजबूर कर रद्द करवाया था। उसी तरह इस अग्निपथ योजना को भी सरकार को वापस लेने पर मजबूर करेंगे। अगर सरकार समय रहते अग्निपथ योजना को वापस लेते हुए पुरानी प्रक्रिया के तहत सेना में भर्ती करती है तो ठीक है वरना उन्हें किसान आंदोलन की तर्ज पर अग्निपथ योजना के खिलाफ भी बड़ा आंदोलन छेड़ने पर मजबूर होना पड़ेगा।