मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन के बाहर मीट की दुकान बंद नहीं हुई तो धरना देगी शिवसेना

मंदिर के बाहर मीट की दुकानों पर कार्रवाई करने की उठाई मांग

 
मांग पत्र

  • रिपोर्टः गोपी सैनी

मुज़फ्फरनगर। शिवसेना पदाधिकारियों के एक प्रतिनिधि मंडल ने गुरुवार को जिलाधिकारी को एक मांगपत्र दिया। जिसके माध्यम से मांग की गई कि रेलवे स्टेशन के बाहर शिव मंदिरर के सामने स्थित इकराम होटल एवं इरशाद होटल है। उनको हटाया जाए। शिव सैनिकों का आरोप है कि ये लोग मीट बनाकर वहीं पर खिलाने का कार्य करते हैं और हड्डियों को मंदिर की तरफ फेंक दिया जाता है। शिवसेना ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इन होटलों पर तत्काल कार्रवाई की जाए और मंदिर के बाहर इस प्रकार का कोई भी कारोबार न होने दिया जाए। जिससे मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को कोई कष्ट न हो और उनकी आस्था को ठेस ना पहुंचे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन जल्द ही इन होटलों पर कोई कार्रवाई नहीं करता तो शिव सेना सभी हिन्दू संगठनों को साथ लेकर इनके खिलाफ धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

शिवसेना के जिलाध्यक्ष बिट्टू सिखेडा ने कहा कि हिंदू धर्म की आस्था से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए चाहे कितनी भी कुर्बानी देनी पड़े। शिवसेना ने एडीएम से मिलकर कावड़ यात्रा में अपने शिविर लगाए जाने को लेकर भी मांग उठाई। उन्होंने बताया कि हर बार आनंद भवन में शिवसेना का शिविर लगाया जाता है। लेकिन इस बार दूसरा संगठन वहां पर शिविर लगाने की बात कर रहा है जो पूरी तरह से गलत है। इस बार भी वे चाहते हैं कि वहां पर शिवसेना का ही शिविर लगाया जाए।

मांग पत्र देने के दौरान गुरु वाल्मीकि, जलसिंह वर्मा, संदीप ठाकुर, रूपराम कश्यप, सोनू वर्मा, कपिल कुमार, विनय चौहान, राधेश्याम कश्यप, सैल कश्यप, राहुल कुमार, अरविन्द कुमार, रविंद्र कुमार, मांगेराम, जगी वाल्मीकि, अमित कुमार, मयंक कुमार आदि लोग मौजूद रहे।