पुस्तक में थारू जनजाति पर की गई अपमानजनक टिप्पणी से भड़के थारू समाज के लोग

थारू समाज के लोगों ने अजय रावत के खिलाफ शहर में जुलूस निकालकर की कार्रवाई की

 
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  • रिपोर्टः तनवीर अंसारी

सितारगंज। उत्तराखंड का समग्र राजनैतिक इतिहास पुस्तक में थारू जनजाति पर की गई अपमानजनक टिप्पणी से आक्रोशित थारु जनजाति समाज के लोगों ने नगर में जुलूस निकालकर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अजय सिंह रावत के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने तहसील पहुंचकर एसडीएम रविंद्र सिंह बिष्ट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की। साथ ही पुस्तक को प्रतिबंधित कर पाठ्यक्रम से हटाने की मांग की।

थारु जनजाति समाज के लोगों ने राणा थारू परिषद के बैनर तले थारु विकास भवन से प्रोफेसर अजय सिंह रावत के खिलाफ जुलूस निकाला। जुलूस नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए तहसील परिसर पहुंचा। यहां थारु जनजाति समाज के लोगों ने प्रोफेसर रावत के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

उन्होंने कहा कि प्रोफेसर की ओर से थारु जनजाति का वर्णन पूर्णतया गलत है और उस वर्णन से संपूर्ण थारू जनजाति आहत है। वहां राणा थारू परिषद अध्यक्ष दान सिंह राणा, रमेश सिंह राणा, रामकिशोर राणा, रोहित राणा, रविंद्र राणा, लक्ष्मण राणा, सुरेंद्र राणा, कुंदन राणा, शमशेर सिंह, शिवम सिंह, श्रीपाल राणा, सूरज राणा, चरण सिंह, मंजीत राणा, लीलावती राणा, मिथलेश देवी, भगवंती देवी आदि थे।