हौसले की कहानीः पथरीली जमीन पर खड़ा किया हरियाली का पहाड़, नाम दिया आलाजी पार्क

मूल सागर सरपंच खेताराम भील और उसके भाई पदमाराम ने पेश की मिसाल

 
मिशाल

  • रिपोर्टः चंद्रभान सोलंकी

जैसलमेर। ये कहानी आपके चेहरे पर उम्मीदों की मुस्कान लाएगी। ये उस हौसले की कहानी है. जिसने पथरीली जमीन पर हरियाली का पहाड़ उगा दिया।  आप कल्पना भी नही कर सकते हैं कि पथरीली जमीन और चट्टानों से घिरे पहाड़ पर भी कोई पेड़-पौधे पनप सकते हैं। लेकिन ये संभव हुआ है. और करीब साल भर पहले लगाए ये पौधे अब कड़ी मेहनत के बाद पनपने लगे हैं। देखते ही देखते पत्थरों के बीच 3 हजार छोटे-बड़े पौधों का संसार बस गया और कभी बेजान सा दिखने वाले पर्वत अब अपनी खूबसूरती से आकर्षित करने लगा है।

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दरअसल, जैसलमेर शहर से 7 किलोमीटर दूर स्थित मूल सागर ग्राम पंचायत में महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत स्वीकृत हुआ ये कार्य अब जुनून बन गया हैं। करीब 25 बीघा में फैली ये पथरीली पहाड़ी कभी बंजर हुआ करती थी। लेकिन नवनिर्वाचित सरपंच खेताराम और उसके भाई पदमाराम ने अपने गांव को हरा भरा करने की ठानी। लेकिन ये इतना आसान नहीं था। पथरीली जमीन पर गड्ढे खोदना काफी मुश्किल भरा काम था और पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर रहना इसे और चुनौतीपूर्ण बना रहा था।

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एक फीट के गड्ढे में लगाए पौधे

साल 2021 में बेजान पहाड़ी पर जब पौधरोपण के लिए खुदाई शुरू हुई तो एक फीट से गहरा गड्ढा नहीं हो पा रहा था। पत्थरों को तोड़ना मुश्किल था। लेकिन इसी गड्ढे में सोच को अंजाम तक पहुंचाना था। क़रीब एक वर्ष पहले पौधे लगाने शुरू किए थे। इसके सिंचाई के लिए टैंकर से पानी की व्यवस्था की फिर ड्रिप सिस्टम लगवाया ओर देखते ही देखते पौधों ने सर्वाइव कर लिया। फिर हिम्मत मिली और एक साल में हजारों पौधे रोप दिए।

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ऐसे लिया सोच ने आकार

सरपंच प्रतिनिधि पदमाराम ने बताया जिला कलेक्टर आशीष मोदी और सीओ जिला परिषद नारायण सिंह  के प्रोत्साहन से हमने ठाना कि कुछ अलग करना है। एक ऐसा मॉडल तैयार करना है जो प्रेरणा का सबक बने। इसी सोच को आगे बढ़ाया। आज बंजर पहाड़ी पर हरियाली छाई हुई है। पदमाराम ने बताया पौधों की डेथ रेट 5 प्रतिशत से कम है। पहले चरण में 1500 पौधे रोपे थे। रिजल्ट अच्छा मिलने पर पौधों की संख्या बढ़ाने लगे। अब 3000 पेड़-पौधे लगाने का लक्ष्य है। पौधे लगाने के लिए पहाड़ी खोद कर मिट्टी निकालनी पड़ती है। जिसका वीडियो बना कुछ लोग ग़लत वायरल के हमें परेशान भी करते है।

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300 प्रकार के पेड़-पौधों का संसार

मूल सागर पहाड़ी आलाजी मंदिर पहाड़ी पर लगभग 300 प्रकार के हरे भरे पेड़-पौधों का संसार बस चुका है। सागवान, शीशम,  पीपल, बरगद, आम, जामुन, आंवला, सेब, अनार के साथ ही औषधीय से लेकर कई फलदार किस्म के पौधे इस पहाड़ी का हिस्सा हैं। वो अब से पहले तक वीरान और बंजर हुआ करती थी। लेकिन अब दूर से ही यह हरी-भरी नजर आने लगी है।

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सरपंच प्रतिनिधि पदमाराम की माने तो अब इसके एक बड़े हिस्से को हरा-भरा बनाने पर भी विचार हो रहा है। इस क्षेत्र में ये नवाचार सफल होने के बाद अब पास की राजस्व भूमि पर भी इसी तरह से जंगल लगाने की योजना है। अगर ऐसा हुआ तो ये पहाड़ एक बार फिर हरियाली का बाना ओढ़ सकेगा।