मुजफ्फरनगरः दिव्यांगता भी नहीं डिगा पाई शिव भक्त की आस्था, कांवड़ लेकर चला गोमुख से हरियाणा

हादसे में टांग गंवाने के बाद भी 5 साल से कांवड़ लेकर आ रहा पवन कांवड़ियां

 
मुजफ्फरनगर

 

  • रिपोर्टः गोपी सैनी

मुजफ्फरनगर। सावन का पवित्र महीना चल रहा है। भक्त भगवान शिव की भक्ति में डूबे नजर आ रहे हैं। कुछ ऐसी ही अनोखी शिव भक्ति मुजफ्फरनगर में देखने को मिली। जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। एक पैर से दिव्यांग और उम्रदराज होने के बाद भी शिव भक्ति की आस्था नहीं डिगी। दिव्यांग कावड़ लेकर मुजफ्फरनगर पहुंचा। जो उत्तराखंड से यूपी तक सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. और उनकी सराहना हर कोई कर रहा हैं। चाहे वो जनप्रतिनिधि हो समाजसेवी हो या आम लोग सोशल मीडिया पर उसकी वीडियो और फोटो वायरल कर उसका उत्साहवर्धन कर रहे हैं। ये कावड़िया हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है।

मुजफ्फरनगर

दरअसल सोनीपत के रहने वाले इस शिव भक्त का नाम पवन कुमार है। जो उत्तराखंड के गोमुख से जल भरकर हरियाणा अपने गांव सोनीपत की ओर जा रहा है। पवन एक हादसे में बुरी तरह जलकर घायल हो गया था। जिसके बाद डॉक्टरों ने एक टांग काट दी थी। पवन कुमार ने बताया कि वो 14 साल से कावंड़ ला रहा हैं और टांग कटने के बाद 5 साल से लगातार कावड़ लेकर आ रहा हैं। 2 साल तक कोरोना काल में कावंड़ नहीं चली थी। लेकिन अब जैसे ही कावंड़ चली तो उसने गोमुख से जल भरा और सोनीपत अपने गांव कुंडली के लिए रवाना हो गया। पवन ने कहा कि वो बस इतना ही कहना चाहेंगे कि आदमी को परिस्थितियों से नहीं हारना चाहिए और वे जो कर रहे हैं। देश के लिए कर रहे है।

पवन ने कहां कि वे देश के लिए कावंड़ ला रहे हैं। वे चाहते हैं कि देश सुरक्षित रहे समर्थ रहे। उन्होंने कहा कि उन्हे कोई दिक्कत नहीं होती। वे सक्षम हैं समर्थ हैं भले ही उनकी एक टांग कट गई हो लेकिन उनके अंदर जज्बा है। कुछ करने का इरादा है। वो लगातार 5 साल से टांग कटने के बाद भी गंगाजल लेकर आ रहे हैं।

बता दें कि देर रात पवन कुमार ने मुजफ्फरनगर में एक शिविर में विश्राम किया था और सुबह दिन निकलते ही वो अपने गंतव्य की ओर हाथ मे भारत की शान तिरंगा लेकर चल पड़े।