मुजफ्फरनगरः सिर पर टोपी कंधे पर कांवड़ रख कर जलाभिषेक करने निकला अल्लाह का बंदा

बाबू खान ने हरकी पौड़ी से कांवड़ में गंगाजल लेकर पुरा महादेव के लिए किया प्रस्थान

 
मुजफ्फरनगर

 

  • रिपोर्टः गोपी सैनी

मुजफ्फरनगर। मैं मुस्लिम हूं, तू हिन्दू है...हैं दोनों इंसान... ला मैं तेरी गीता पढ़ लूं, तू पढ ले कुरान, अपने तो दिल में है दोस्त, बस एक ही अरमान, एक थाली में खाना खाए सारा हिन्दुस्तान। ये शेर शनिवार को सिर पर लगी टोपी और कंधे पर कांवड़ देखकर बागपत के रंछाड गांव के बाबू खान पर बिल्कुल सटीक बैठी। सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक बने बाबू खान शुक्रवार को हरकी पैड़ी से कांवड़ में गंगाजल लेकर बागपत के पुरा महादेव के लिए प्रस्थान कर गए।

मुजप्प

शुक्रवार को दोपहर के समय बागपत के गांव रंछाड़ निवासी बाबू खान जब सिर पर मुस्लिम टोपी और कांधे पर कांवड़ लेकर हरकी पैड़ी पर पहुंचे तो हर कोई उनको ही देखने लगा। बाबू खान ने गंगा मैया में स्नान करने के बाद पूजा अर्चना की और इसके बाद कांवड़ में गंगा जल रखकर बागपत के पुरा महादेव मंदिर के लिए रवाना हो गए।

बाबू खान ने बताया कि इस्लाम हमें सभी धर्मों का सम्मान करने की सीख देता है। बताया कि सुबह 5 बजे गांव की मस्जिद में नमाज पढ़ते हैं और फिर शिव मंदिर पर जाकर साफ सफाई करते हैं। बाबू खान का कहना है। उन्होंने इस्लाम धर्म नहीं छोड़ा है। सिर्फ कांवड़ लाने में आस्था है। इसलिए हर साल कांवड़ लेने के लिए हरिद्वार आता हूं।

बाबू खान ने बताया कि जब वे पहली बार कांवड़ लेने के लिए आये थे तो घर में खूब झगड़ा हुआ था। परिवार को जैसे-तैसे समझाया। 2018 में पुरा महादेव मंदिर पर जलाभिषेक करने के बाद अगले दिन मस्जिद में सुबह 5 बजे वाली नमाज पढ़ने के लिए गए थे। तो वहां पर लोगों ने बहिष्कार कर दिया था। मस्जिद से बाहर निकाल दिया। इसके लिए उन्होने कानूनी लड़ाई लड़ी और मस्जिद से मुझे बाहर निकालने वाले कई लोग जेल भी गए थे।

बाबू खान ने बताया कि वे आजादपुर मंडी दिल्ली में ट्रक चलाते थे। 2018 में कांवड़ यात्रा चल रही थी जब वे कैराना पुलिस चौकी के नजदीक पहुंचे थे। तो वहां पर जाम लगा हुआ था। हजारों कांवड़िए आगे चल रहे थे। वहीं पर उनके मन में ख्याल आया कि अगर वो भी कांवड़िया होता तो इसी तरह कांवड़ लेकर आ रहा होता। पहली कावड़ भोले शंकर के नाम की थी। 2019 में दूसरी कांवड़ पार्वती माता के नाम उठाई थी। तीसरी कांवड़ 2022 में भगवान गणेश के नाम पर लेकर जा रहे हैं।