मुजफ्फरनगर में समाजसेवी ने किया एक और लावारिश शव का अंतिम संस्कार

छपार थाने में 4 दिन से लावारिश रखी हुई थी युवक की लाश

 
मुजफ्फरनगर

  • रिपोर्टः गोपी सैनी

मुजफ्फरनगर। सामाजिक कार्यों में अपनी अलग पहचान बनाने वाली क्रांतिकारी शालू सैनी ने एक और सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने छपार थाने की सूचना पर एक 55 वर्षीय लावारिस शव का अंतिम संस्कार नई मंडी श्मशान घाट पर अपनों हाथो से पूर्ण विधि विधान के साथ किया है।

दरअसल छपार पुलिस द्वारा शालू सैनी को सूचित किया गया था कि एक लावारिस शव पिछले 4 दिनों से अंतिम संस्कार के लिए रखा गया है। जिसका अभी तक कोई भी वारिस नहीं आया है। साक्षी वेलफेयर ट्रस्ट की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सूचना मिलते ही तत्काल समस्त व्यवस्था पूर्ण करते हुए विश्वकर्मा चौक पर स्थित श्मशान घाट पर उस लावारिस शव का अंतिम संस्कार पूर्ण विधि-विधान के साथ किया। जहां पर छपार थाने के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।  

क्रांतिकारी शालू सैनी ने बताया की आत्म शांति के मिशन पर चलते हुए अब उनके जीवन का ये लक्ष्य बन चुका है अब वो हर लावारिस की वारिश बनकर अंतिम संस्कार और अस्थि विसर्जन करती रहेंगी अभी तक 500 से ज्यादा लावारिस और कोरोना मृतकों का अंतिम संस्कार एवं अस्थि विसर्जन कर चुकी है। लगातार प्रशासन और आम जनमानस द्वारा इस तरह की सूचना उन्हें उपलब्ध कराई जाती है उन्होंने इस पुनीत कार्य में समाज से पूर्ण सहयोग की अपील की है। उनके सहयोगी राजू सैनी, मंगलेश कुमार, रविंद्र शर्मा, अंकित सैनी भी अपने कर्तव्य का निर्वहन पूरे मनोभाव के साथ कर रहे है।