‘एक ऐसा भी मंदिर’ जहां भगवान की तरह होती है ‘कुत्ते की पूजा’...जानिए इसके पीछे का रहस्य

पूजा के बाद ना तो काटता कुत्ता और न ही कुकुरखांसी होती

 
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ये खबर छत्तीसगढ़ से है, जहां एक हैरान कर देनी वाली घटना सामने आई है। वो ये है कि अगर किसी के कुत्ता काट लेता है तो वो किसी डॉक्टर के नहीं जाती बल्कि कुत्ते के मंदिर में जाता है। और मंदिर में कुत्ते की पूजा करने से व्यक्ति एक दम ठीक हो जाता है। जिसके बाद ना तो काटता कुत्ता और न ही कुकुरखांसी होती है।

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गांव-देहात में संत-महात्माओं के नाम पर बने मंदिर तो आपने लगभग सभी जगह देखे होंगे। लेकिन क्या आपने खासतौर पर किसी जानवर को समर्पित मंदिर देखा है? शायद कभी नहीं। लेकिन आज हम आपको बता रहे हैं एक अजीबोगरीब मंदिर के बारे में।  छत्तीसगढ़ के बालोद में स्थित इस मंदिर में कुत्ते की पूजा होती है। इस मंदिर को कुकुरदेव मंदिर के नाम से जाना जाता है। और दूर-दूर से लोग यहां पूजा करने के लिए आते हैं। इस मंदिर की मान्यता के बारे में सुनकर और ज्यादा हैरानी होगी। कुत्ते के काटने से रेबीज नामक बीमारी होने की संभावना होती है। कहते हैं कि कुत्ता अगर काट ले तो रेबीज बीमारी होने की संभावना होती है। कुत्ता अगर काट ले तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना और कुत्ते के जहर से बचाने के लिए 14 इंजेक्शन लगाए जाते हैं। 

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लेकिन इस मंदिर की मान्यता है कि अगर आपको कभी कुत्ता काट ले तो इस मंदिर में पूजा करने कुत्ते का काटा हुआ एकदम ठीक हो जाता है. और जहर भी नहीं चढ़ता है. साथ ही, यहां पूजा करने वालों को कभी कुकुरखांसी भी नहीं होती है और कभी कुत्ता नहीं काटता है. इसलिए लोग यहां पूजा करने आते हैं. पूरे विधि-विधान से मंदिर में गर्भगृह में स्थापित कुत्ते की प्रतिमा की पूजा की जाती है। अब इसे अंधविश्वास कहे या परंपरा, लेकिन छत्तीसगढ़ के अलावा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र जैसे राज्यों से भी लोग इस मंदिर में आते हैं।