बुलंदशहर जेल में महिला बंदियों ने वृत रख की वट वृक्ष की पूजा

सोमवती अमावस्या पर बुलंदशहर जेल में महिलाओं ने अपने पति की सलामती और दीर्घायु की कामना की
 
bulandshahr jail

बुलंदशहर। खबर बुलंदशहर जेल से है, जहां सोमवार को वट सावित्री पूजा यानि वर अमास्या (सोमवती अमावस्या) का त्यौहार बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। कारागार में निरुद्ध महिला बंदियों द्वारा वृत रखकर कारागार प्रांगण में स्थित वट वृक्ष की विधिवत पूजा अर्चना की। आपको बता दें कि प्राचीन परंपरागत विश्वास के मुताबिक वट सावित्री पूजा महिलाओं द्वारा अपने पति की सलामती एवं दीर्घायु के लिए की जाती है।

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कारागार में सभी बंदियों को उनके परंपरागत धार्मिक एवं सांस्कृतिक विश्वास के अनुसार उन्हें सभी क्रियाकलाप करने की पूरी छूट, माहौल एवं सुविधा दी जाती है, ताकि कारागार में निरुद्ध रहने के दौरान उन्हें ऐसी कोई कुण्ठा या पछतावा न रहे कि वो जेल में निरुद्ध रहने के कारण कोई वृत, उपवास अथवा क्रियाकलाप नहीं कर पाए।

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वृत रखने वाली सभी महिला बंदियों को सभी आवश्यक पूजा सामग्री एवं साज-ओ-सामान यथा फल, मिष्ठान, हवन-पूजन आदि सभी सामान जेल प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराया गया। वृत रखने वाली महिला बंदियों को विधि-विधान से पूजन-हवन कराया गया। अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अन्य महिला बंदियों ने उनके वृत पूजन में साथ दिया।

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सभी ने खुशनुमा माहौल में उल्लासपूर्ण तरीके से पूजा की। प्रशासन का ऐसे अवसरों पर कार्यक्रम आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य जहां एक तरफ बंदियों की सामाजिक, सांस्कृतिक व धार्मिक विश्वास  के अनुसार क्रियाकलाप करने की आजादी देना और दूसरी तरफ उनमें पनपने वाली कुण्ठा व अवसाद को रोककर कारागार के वातावरण को सामंजस्यपूर्ण बनाये रखना है। इस पूरे आयोजन में जेल अधीक्षक मिजाजी लाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।