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नकली मुर्ति बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश, भगवान गौतम बुद्ध की मूर्ति बरामद

रिपोर्ट : कपिल सिंह
ब्यूरो चीफ | बाराबंकी

7 Feb

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बाराबंकी। मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ लखनऊ और सफदरगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने अष्टधातु की प्राचीन मूर्ति बताकर धोखाधड़ी कर बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से भगवान गौतम बुद्ध की सवा सात किलो0 से अधिक वजन की मूर्ति बरामद की है। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने बताया कि एसटीएफ लखनऊ को सूचना मिली थी कि एक गिरोह जो लखनऊ व उसके आस-पास के जिलो में नकली मूर्तियों को अष्टधातु की प्राचीन मूर्ति बताकर बेचने का काम करते है जो वर्तमान समय में एक सक्रिय गिरोह है। पुलिस उपाधीक्षक लखनऊ डी के शाही की निगरानी माँ कार्य कर रही लखनऊ एसटीएफ टीम के उपनिरीक्षक सतेन्द्र सिंह, वीरेंद्र सिंह को मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि उक्त गिरोह के कुछ सदस्य मोटरसाइकिल से सफदरगंज की ओर आ रहे है सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक सतेन्द्र सिंह, वीरेंद्र सिंह हमराही प्रदीप कुमार, नीरज पाण्डेय, ब्रजेश सिंह, शैलेन्द्र प्रताप सिंह चालक शिवहरि सिंह के साथ सफदरगंज पहुँचकर थानाध्यक्ष श्रवण कुमार सिंह से गिरोह के बारे में जानकारी दी जिस पर थानाध्यक्ष श्रवण कुमार सिंह, चौकी प्रभारी रामपुर कटरा रविन्द्र यादव, आरक्षी अजय कुमार शुक्ला,रविकान्त गौतम के साथ काम पर जुट गयी। थोड़ी देर में ही सफदरगंज चौराहे से बदोसराय जाने वाले मार्ग पर जा रही पल्सर गाड़ी नम्बर यूपी 47 एल 2976 को जब पुलिस रोकने की कोशिश की तो भागने लगे जिसे पुलिस टीम ने सक्रियता दिखाते हुए पल्सर सवार राघवेंन्द्र प्रताप सिंह पुत्र नन्दगोपाल निवासी ग्राम जालेपुर थाना छपिया जनपद गोण्डा व रामनरेश पुत्र सुखराम निवासी ग्राम बलुहा थाना खरगूपुर जनपद गोण्डा व टीवीएस नम्बर यूपी 47 डब्लू 6852 निवासी सन्तोष पुत्र उदय नरायन निवासी ग्राम सिरसिया कोतवाली देहात जनपद बलरामपुर को दबोच कर जमातलासी ली तो रामनरेश के कब्जे से एक झोले में रखी 7 किलो0 275 ग्राम की कूटरचित अष्टधातु की भगवान बुद्ध की मूर्ति चार मोबाइल, एक फर्जी टेस्ट रिपोर्ट व दो बाइक बरामद हुई। पुलिस की पूछताछ में अभियुक्तो ने बताया कि हम लोगो का एक गिरोह है जो वजनी मूर्तियों को खरीद कर फिर अष्टधातु का रूप देकर फिर कूटरचित टेस्टिंग प्रपत्र बनाकर महंगे दामो पर बेच देते हुए। बरामद प्रतिमा को बेचने के लिए बलरामपुर के जनपद के ग्राम सेखुरिया निवासी जितेंद्र कुमार यादव के यहाँ जा रहा था। जिसकी बिक्री ऊँची कीमत पर तय हुई थी। पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने बताया कि एसटीएफ के दारोगा सत्येंद्र विक्रम की ओर से जालसाजी आदि धाराओं में थाना सफदरगंज में मुकदमा दर्ज किया गया है। शनिवार को न्यायालय से तीनों को जेल भेज दिया गया है। बरामद मूर्ति का परीक्षण कराए जाने पर स्पष्ट हो गया है कि मूर्ति अष्टधातु की है या बनावटी है।

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