मुजफ्फरनगरः अग्निवीर भर्ती में आधार कार्ड और प्रमाण पत्रों में फर्जीवाड़े का खेल

प्रमाणपत्रों की जांच के दौरान संदिग्ध मिले युवाओं को भर्ती से वापस भेजा

 
मुजफ्फरनगर

मुजफ्फरनगर। सेना की अग्निपथ योजना में अग्निवीर भर्ती के दौरान कुछ अभ्यर्थियों के आधार कार्ड और अन्य प्रमाण पत्रों में फर्जीवाड़े का खेल सामने आया है। प्रमाणपत्रों की जांच के दौरान संदिग्ध मिले युवाओं को भर्ती से वापस भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि इस फर्जीवाडे़ के तार शामली जनपद से जुड़े है जिसकी गोपनीय जांच की जा रही है।

जनपद में चौधरी चरण सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में चल रही भर्ती के दौरान शारीरिक परीक्षा से पहले प्रमाण पत्रों की जांच की जा रही है। आवेदन फार्म के अलावा मूल शैक्षिक प्रमाण पत्र और आधार कार्ड भी चेक किया जा रहा है। इस दौरान कुछ अभ्यर्थियों ने आधार कार्ड में फोटो और नाम में बदलाव कर भर्ती में शामिल होने की कोशिश कीलेकिन जांच में पकड़े गए। ऐसे युवकों को मैदान से वापस भेज दिया गया है। अंदेशा जताया जा रहा है कि युवाओं के फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर रहे लोगों के तार शामली से जुड़े हैं। शामली में कुछ लोग 16 हजार रुपये लेकर भर्ती से संबंधित फर्जी प्रमाणपत्र बना रहे हैं।

भर्ती के दौरान प्रमाण पत्र लेकर पहुंचे कई युवक ऐसे भी पकड़े गए हैंजिन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर किए हुए हैं। ऐसे संदिग्ध युवकों को भी बाहर कर दिया गया है। भर्ती में दौड़ के दौरान 40 युवक ऐसे थे, जिन्होंने ग्रुप बनाकर अन्य युवकों को आगे निकलने का रास्ता तक नहीं दिया। ऐसे युवकों पर भी अधिकारियों ने सख्ती की है। हालांकि फर्जी प्रमाण पत्रों के मामले की सेना के अधिकारियों ने पुष्टि नहीं की है। पुलिस की ओर से नोडल अधिकारी बनाए गए एसपी क्राइम प्रशांत कुमार का कहना है कि पुलिस के पास इस तरह की कोई जानकारी नहीं है।