मुजफ्फरनगर के रमणीक को मिला IPS कैडर, कंधों पर सजेंगे सितारे

सिविल सेवा में आईपीएस कैडर मिलने पर चरथावल में उत्साह

 
मुजफ्फरनगर

मुजफ्फरनगर। यूपीएससी परीक्षा वर्ष 2021 में चयनित चरथावल के रमणीक गौतम को आईपीएस कैडर मिला है। पुलिस सेवा मिलने पर रमणीक गौतम ने कहा कि वो खुश और उत्साहित है। युवाओं से अपील करते हुए कहा कि अपने लक्ष्य को लेकर भ्रमित ना रहें और समयबद्ध तरीके से कदम बढ़ाते रहें। कामयाबी आपके कदम चूमेगी।

दरअसल संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के घोषित परिणामों में चरथालव कस्बे के मोहल्ला बाजार खुर्द निवासी रमणीक गौतम को देश में 437 रैंक मिली थी। वर्ग निर्धारण में उन्हें आईपीएस कैडर मिला है। आईपीएस रमणीक ने कहा कि विद्यार्थी बस पढ़ने की आदत डाल लें। कामयाबी उनके कदम चूमेगी। सफलता का कोई शॉर्ट कट नहीं है। बल्कि निरंतर परिश्रम और अनुशासन से ही मुकाम हासिल होते है। दुविधा में रहने से भी लक्ष्य भटक जाता है। समय अमूल्य है। ज्यादा सोचने से बेहतर है, जो करना है, उस पर आगे बढ़े।

रनणीक ने कहा कि पाठ्यक्रम के विषयों को तैयार करते वक्त जब भी मन बोझिल हो तो पसंदीदा लेखकों की किताबें, करंट अफेयर्स, न्यूज पेपर पढ़ने में संकोच ना करें। गौतम बताते है दिन में पढ़ना और शाम में घूमना उनकी दिनचर्या थी। राजनीतिक विज्ञान उनका पसंदीदा विषय रहा है। आईपीएस वर्ग मिलना बेहद अहम है। अब हैदराबाद में ट्रेनिंग शुरू होगी।

रमणीक की मां रश्मि कहती हैं कि बचपन से ही उन्हे आभास था कि रमणीक समाज में जिम्मेदार नागरिक बनेगा। लेकिन ये नहीं मालूम था कि उसका बेटा वर्दी की शान बनेगा। रश्मि ने किसान नीरज त्यागी से विवाह के बाद घर-गृहस्थी के दायित्वों के साथ अध्यापन को चुना। बड़ी बेटी आयुषी एमबीए कर एमएनसी कंपनी में जॉब करती है। उन्होंने कहा कि रमणीक ने शिक्षा और लक्ष्य को लेकर मौन साधक की तरह साधना की। रमणीक भी मानते है कि दादी राजबाला एवं बाबा सुभाष चंद त्यागी और मां ने उसे लगातार प्रोत्साहित किया।

रमणीक कहते है देश के लिए कानून व्यवस्था में सेवा करना गौरव की बात है। निष्पक्ष और सत्य न्याय पीड़ित को मिले, यहीं महत्वपूर्ण है। पुलिस प्रशासन का आम आदमी से व्यवहार जितना अनुशासित होगा। उतनी ही व्यवस्था बेहतर बनेगी। तकनीकी ज्ञान से वारदात की तफ्तीश और जांच आज की आवश्यकता है।