हंगामे की भेंट चढ़ी सदन की बैठक, सत्ता और विपक्ष के पार्षदों में जमकर हुई बहस

बीजेपी के पार्षदों ने नई पार्किंग नीति को किया खारिज

 
बैठक में हंगामा

  • रिपोर्टः अजीत रावत

गाजियाबाद। शहर की नई पार्किंग नीति पर बहस करते हुए ये लोग गाजियाबाद नगर निगम के पार्षद है  शहर में अच्छी पार्किंग की व्यवस्था हो और गाजियाबाद नगर निगम की आय बढ़ा सके इस पर चिंतन मंथन किया गया। जबकि नई पार्क की नीति का लोगों ने विरोध किया और सभी सदस्यों ने इस को खारिज कर दिया। वहीं सत्ता पक्ष के पार्षदों ने कहा कि  नई पार्किंग नीति लोगों की जेब पर भारी पड़ेगी चुनावी सीजन में इस तरह के प्रस्ताव ठीक नहीं है तो सदन में सत्ता विरोधी पार्षदों ने कहा कि नई नीति लागू होनी चाहिए। इससे नया रेवेन्यू जनरेट होगा और विकास कार्य को गति मिलेगी सत्ता पक्ष और विपक्ष सदन में गिर गए और सदन हंगामे की भेंट चढ़ गया।

शहर में सार्वजनिक स्थानों और सड़कों के आसपास अवैध पार्किंग से जाम न लगे इसके लिए विशेष योजना बनाई गई है। जाम ना लगे लोग अवैध रूप से पार्किंग ना करें इन सब मुद्दों पर बैठक में चर्चा हुई। गाजियाबाद नगर निगम की आय बढ़ाने के लिए कई सदन के सदस्यों ने इसका विरोध किया तो कुछ लोग पक्ष में रहे और बोले कि लोगों का नई पार्किंग पॉलिसी जेब काटने जैसी है। निगम की बैठक में शिविर टैक्स, हाउस टैक्स, पार्किंग शुल्क, होल्डिंग प्रचार प्रसार जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर काफी लंबे वक्त तक चर्चा हुई। सदन में अधिकतर वक्त नगर निगम का आय बढ़ाने पर फोकस रहा और ऐसे प्रस्ताव को प्राथमिकता दी गई जिनमें नगर निगम अपनी आगे बढ़ा सकता है।

बैठक में हंगामा

बता दें कि कुछ महीनों बाद नगर निगम के चुनाव है. और चुनावी साल होने की वजह से सत्ता पक्ष ने ऐसे सभी प्रस्तावों को खारिज कर दिया जो जनता की जेब पर बोझ साबित हो सकते थे। जनता के बीच जाने में वर्तमान पार्षदों को दिक्कत होती है। लोग महंगाई का वास्ता देकर बीजेपी से किनारा कर सकते थे।

आपको ये भी बता दें कि अगर कोई भी गाड़ी घर के बाहर या सड़क या सरकारी जमीन पर कहीं भी अवैध रूप से पार्क करता है। तो उसके ऊपर जुर्माने का प्रावधान है। जुर्माने के इसी प्रावधान का सत्ता पक्ष के लोगों ने विरोध किया। जबकि विरोधी दल के पार्षद इसका समर्थन कर रहे थे। उनका तर्क था कि अगर निगम को ज्यादा रेवेन्यू जनरेट होगा तो विकास कार्य अच्छे होंगे और निगम की आय बढ़ेगी लेकिन बीजेपी के सभी पार्षदों ने इसे खारिज कर दिया।