आबकारी आयुक्त ने NCR और कानपुर मंडल के बाद गोरखपुर मंडल में की समीक्षा बैठक

अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी पर अंकुश लगाने के अधिकारियों को दिए निर्देश
 
Excise Commissioner

लखनऊ। उत्तर प्रदेश आबकारी आयुक्त सेंथिल पांडियन सी ने बताया कि आबकारी विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय आर भूसरेड्डी द्वारा दिए गए निर्देश के अनुपालन में अवैध मदिरा के निर्माण, बिक्री और तस्करी पर रोक लगाए जाने के लिए जनपदों में लगातार प्रवर्तन एवं वाहनों की चेकिंग की कार्यवाही कराई जा रही है। इसी क्रम में आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश द्वारा गोरखपुर मंडल की समीक्षा बैठक की गई। बैठक में गोरखपुर के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक समेत संयुक्त आबकारी आयुक्त, गोरखपुर जोन और उप आबकारी आयुक्त, गोरखपुर मंडल समेत मंडल के सभी जिला आबकारी अधिकारी, सहायक आबकारी आयुक्त और आबकारी निरीक्षक मौजूद रहे।

आयुक्त ने समीक्षा बैठक में आबकारी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण रखने के लिए लगातार प्रवर्तन कार्य किए जाने के निर्देश दिए। उन्होने ये भी कहा कि प्रवर्तन कार्यों में पुलिस, प्रशासन, परिवहन, जीएसटी और  आबकारी विभाग द्वारा समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर प्रवर्तन कार्रवाई करने के साथ ही संयुक्ति आबकारी आयुक्त एवं उप आबकारी आयुक्त सहित समस्त अधिकारियों को क्षेत्र में भ्रमण करने के निर्देश दिए। प्रवर्तन कार्यों के साथ-साथ सभी एफएल-2/2बी थोक अनुज्ञापनों और फुटकर दुकानों पर रजिस्टर्ड ब्रांडों की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। जिससे की उपभोक्ताओं को उनकी मांग के अनुसार विभिन्न ब्रांडों की मदिरा उपलब्ध हो सके। 

आबकारी आयुक्त ने जनपद के निर्जन स्थान, इंडस्ट्रियल एरिया, बंद पड़ी फैक्ट्री आदि का नियमित रूप से निरीक्षण करने के साथ दुकानों की चेकिंग में दुकानों पर सीसीटीवी कैमरों के संचालन और दुकानों पर स्पष्ट रूप से रेट लिस्ट दर्शित किए जाने निर्देश दिए। इसके साथ ही किसी भी हाल में ओवर रेटिंग नहीं होने के संबंध में सख्त दिशा-निर्देश दिए गए। कहा कि जिन दुकानों पर मदिरा की निकासी माह के शुरुआत में अथवा माह के अंत में केवल एक या दो बार ही ली जाती है, ऐसी दुकानों पर विशेष रूप से नजर रखी जाए। दुकानों के खुलने के पूर्व और दुकानों के बंद होने के बाद भी दुकानों पर निगरानी रखी जाए ताकि उनके द्वारा अवैध रूप से मदिरा की बिक्री न की जा सके। जिन अनुज्ञापियों द्वारा दुकान का नवीनीकरण नहीं कराया गया है उन्हें उनके द्वारा जमा की गई प्रतिभूति धनराशि का भुगतान जल्द से जल्द किए जाने के लिए भी आदेशित किया गया।

गोरखपुर मंडल के भ्रमण के दौरान आबकारी आयुक्त द्वारा आईजीएल आसवनी का निरीक्षण भी किया गया। इस दौरान आईजीएल डिस्टलरी के बाटलिंग हाल का निरीक्षण किया गया और मदिरा की गुणवत्ता भी जांची गई। निरीक्षण के समय आसवनी के अधिकारियों और विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। ये भी निर्देशित किया गया कि मदिरा की गुणवत्ता पर पूरा ध्यान दिया जाए और थोक अनुज्ञापनों से प्राप्त हो रहे मांग पत्रों के क्रम में प्रथम आवक प्रथम पावक के सिद्धान्त पर राजस्व हित में मदिरा की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक दशा में मदिरा के परिवहन के लिए जीपीएस युक्त वाहन ही इस्तेमाल में लाए जाए और उनके संचालन की लगातार मॉनिटरिंग की जाए। टैंकरों पर डीजी लॉक सही तरीके से लगाए जाये और अधिकारी स्वयं उसे चेक करें।

आबकारी आयुक्त ने अंत में समीक्षा बैठक में सभी अधिकारियों को शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए अवैध कच्ची शराब के निर्माण एवं बिक्री और अवैध मदिरा की तस्करी पर पूर्ण अंकुश लगाने के लिए लगातार क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई कराए जाने के निर्देश दिए