भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग ने उप-खनिजों के अवैध परिवहन को लेकर जारी किए सख्त निर्देश

खनन क्षेत्र के निकासी स्थल पर सघन जांच करने करने के दिए निर्देश

 
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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग उत्तर प्रदेश ने प्रदेश के सभी जनपदीय ज्येष्ठ खान अधिकारियों, खान अधिकारियों, खान निरीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे उप-खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खनन क्षेत्र के निकासी स्थल पर सघन जांच अनिवार्य रूप से करें।

खनन मुख्यालय से जारी दिशा निर्देशों में कहा गया है कि जनपद स्तर पर उप-खनिजों के अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण किए जाने के लिए ये आवश्यक है कि अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग के वाहनों की सघन जांच खनन क्षेत्रों के निकासी स्थल पर ही की जाए। जांच के लिए इंटीग्रेटेड माइनिंग सर्विलांस सिस्टम के अंतर्गत बालू और मौरम के सभी खदानों पर कैमरा युक्त-वे ब्रिज, मुख्य मार्गों पर मानव रहित ए आई या आई ओ टी आधारित चेक गेट्स लगाए गए हैं. और सभी जनपदों को एम चेक एफ युक्त आर एफ आई डी हैंड हेल्ड रीडर उपलब्ध कराए गए हैं।

खनन मुख्यालय से जारी निर्देशों में कहा गया है कि खनन क्षेत्र से वैध परिवहन प्रपत्र के बिना कोई खनिज वाहन न निकले। सबी खनिज वाहनों का रजिस्ट्रेशन नंबर आवश्यक रूप से चेक किया जाए और ई-एमएम-11 की मात्रा के अनुरूप ही उप-खनिजों का परिवहन सुनिश्चित किया जाए। बिना नंबर प्लेट, फर्जी नंबर प्लेट, धुंधली नंबर प्लेट के साथ उपखनिज का परिवहन करने वाले वाहनों को खनन क्षेत्र पर ही चिन्हित कर खिलाफ किया जाए और ये सुनिश्चित कर लिया जाए कि ऐसे वाहनों को परिवहन प्रपत्र निरस्त न हो।

खनन क्षेत्र में स्थापित तौल मशीन पर लगे कैमरों की पॉजिशन की जांच की जाए और कैमरे की पॉजिशन इस तरह हो कि वे ब्रिज पर खनिज वाहन का तौल करते समय नंबर प्लेट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हो। इसके साथ ही वाहन का पिछला भाग स्पष्ट रूप से दिखें। जिससे की लदे हुए उपखनिज की मात्रा का आकलन सही ढंग से हो सके। ऐसे प्रत्येक खनिज वाहन, जिनके खिलाफ पूर्व में निर्गत ई-नोटिस का बकाया हो, संज्ञान लेकर वसूली की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही यह भी अपेक्षा की गई है कि खदानों की जांच स्वयं सुनिश्चित करेंगे और जांच एवं सूचना के प्रेषण में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।