अब यूपी से फार्मेसी के क्षेत्र में निकलेंगे विशेषज्ञ

फार्मेसी संस्थान स्थापित करने पर हुई चर्चा

 
 
लखनऊ

लखनऊ। अब वो दिन दूर नहीं जब उत्तर प्रदेश से फार्मेसी के क्षेत्र में विशेषज्ञ निकलेंगे। यहां न केवल विश्वस्तरीय फॉर्मेसी में विश्वस्तरीय शोध होगा। बल्कि छात्रों को रोजगार भी मिलेगा। इसके लिए एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय ने कदम बढ़ा दिया है। शुक्रवार को कुलपति प्रदीप कुमार मिश्र की अध्यक्षता में प्रदेश में इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड बायोइंजीनियरिंग एजुकेशन एंड रिसर्च स्थापित करने के लिए कोर कमेटी की बैठक हुई। बैठक में संस्थान को जल्द से जल्द स्थापित करने पर चर्चा की गई।

कुलपति प्रदीप कुमार मिश्र ने कहा कि संस्थान स्थापित करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर एक रूपरेखा तैयार की जाए। साथ ही डीपीआर बनाने के लिए एजेंसी या संस्था को नामित हो। जिससे कार्य में तेजी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि संस्थान के लिए चरणबद्ध तरीके से काम हो। ताकि किसी तरह की कोई रूकावट न आए। बैठक में ऑनलाइन जुड़े मुख्यमंत्री के सलाहकार जीएन सिंह ने कहा कि इस संस्थान को स्थापित करने सबसे जरूरी है एक रूपरेखा तैयार करना। उन्होंने कहा कि इसे जल्द से जल्द बनाया जाएगा। जिससे कि संस्थान स्थापित करने में गति मिल सके।

एलकेएम के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अरुण पांडेय ने भी अपना सुझाव देते हुए कहा कि जो भी दिक्कतें हैं। उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर कर कार्य को गति दी जाएगी। बीएन मिश्रा ने संस्थान के लिए एक रूपरेखा की प्रस्तुति दी। कमेटी जल्द ही एक प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजेगी। बैठक में वंदना सहगल और देवेंद्र पाठक समेत आकाश वेद ने भी अपने सुझाव दिए।