परम्परागत खेती छोड़ युवा किसान अपना रहें अत्याधुनिक खेती- कृष्ण कुमार

ड्रैगन फ्रूट की खेती ऑर्गेनिक खेती की तरह की जा सकती है- कृष्ण कुमार
 
 
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  • Reaport-Govind patel

कुशीनगर। जिला उधान विभाग द्वारा ड्रैगन फ्रूट की खेती पर जोर दिया जा रहा हैं। जिससे युवा किसान खेती के परंपरागत तौर तरिकों को छोड़कर आधुनिक ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहें हैं और इससे दोगुना आमदनी कर रहें हैं।
परंपरागत खेती-बाड़ी के तौर-तरीकों से किसान सदियों से घाटे का सौदा करता आ रहा और उसमें उत्पादन से ज्यादा लागत आ जाती हैं। लेकिन अब युवा किसान उससे हटकर परंपरागत तौर तरीके को छोड़कर आधुनिक खेती कर रहें हैं और उससे अच्छा मुनाफा कमा रहें हैं। जिसमें  जिला उद्यान विभाग के सहयोग से किसानो की आय दो गुनी हो रही हैं। समय के बेहतर प्रबंधन और विशेषज्ञों की राय और विभाग के सहयोग से तमाम युवा किसान खेती के क्षेत्र में इन दिनों महारत हासिल कर रहे हैं। जिले के दर्जनों किसान पारंपरिक खेती से हटकर आधुनिक फसल ड्रैगन फ्रूट की खेती सीखकर अच्‍छी खासी कमाई कर रहे हैं। 

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एक पौधे से लगभग 30 से 40 फल मिलते हैं- कृष्ण कुमार

जिला उद्यान विभाग अधिकारी कृष्ण कुमार ने बताया कि ड्रैगन फ्रूट की खेती ऑर्गेनिक खेती की तरह की जा सकती है। इस इसमें तीसरे वर्ष से पूर्ण फलत आनी शुरू हो जाती है और जैसे- जैसे इसका पौध पुराना होने लगता है, उसमें पैदावार देने की क्षमता बढ़ती जाती है। यह करीब 20-25 वर्षों से ज्यादा रुकने वाला पौधा है, जो किसान की तकदीर और खेत की तस्वीर बदल देता है। सबसे खास बात यह है कि यह जल्दी खराब होने वाली फसल नहीं है, जिससे किसान लगातार लाभ कमाते रहते हैं। एक पौधे से लगभग 30 से 40 फल मिलते हैं।  फलों की सीजन में 250 से 300 रुपये प्रति किलो की कीमत मिल जाती है। ड्रैगन फ्रूट के पौधों को सहारा देना पड़ता है, इसलिए सीमेंट के खंभे बनवाकर खेत में लगवाए हैं। पूरे खेत में ड्रिप इरिगेशन की मदद से सिंचाई की जाती है, जो कि उद्यान विभाग से ही सम्पर्क कर किसान द्वारा 80 एवं 90 प्रतिशत की अनुदान पर लगवाया जा सकता है। किसान के अनुसार, इस फल की ज्यादा मांग होने से अच्छी आमदनी होने की उम्मीद रहती है। इसकी खेती जनपद के दुदही के अलावा सुकरौली, खड्डा और रामकोला विकास खंण्ड में प्रारंभ कराया जा चुका है। दुदही के लालजी कुशवाहा, संतोष कुशवाहा, लाल बहादुर कुशवाहा व सुकरौली के राम प्रवेश यादव ड्रैगन फ्रूट की खेती के प्रगतिशील किसान हैं। ड्रैगन फ्रूंट यह पोषक तत्वों से भरपूर होता है एवं इसका सेवन करने से स्वास्थ्य को कई फायदे होते हैं।

पौष्टिकता : ड्रैगन फ्रूट में विटामिन सी आयरन, कैल्शियम और फास्फोरस जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं । एंटीऑक्सिडेंट प्रॉपर्टीज़ः यह फल अंटिओक्सिडेंट से भरपूर है जो शरीर में फ्री रेडिकल्स को नष्ट करते हैं।

पाचन: ड्रैगन फ्रूट में डायटरी फाइबर होता है जो पाचन में मदद करता है और कब्ज से राहत दिलाता है।

चर्बी कम करना: इसमें लो कैलोरी और हाई फाइबर होता है, जिससे यह वजन घटाने में मदद कर सकता है।

टाइप 2 मधुमेह: कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि ड्रैगन फ्रूट मधुमेह के प्रभाव को नियंत्रित कर सकता है।

हृदय के लिए लाभकारी: इसमें ओमेगा-3 और ओमेगा-9 फैटी एसिड्स होते हैं जो हृदय की सेहत के लिए अच्छे होते हैं,जिला उद्यान अधिकारी ने बताया इस समय ड्रैगन  फ्रूट की खेती का रक़बा जनपद में ४ हेक्टेयर तक पहुँच गया है, जिसकी खेती पर विभाग द्वारा 50000 रूपए प्रति हेक्टेयर की अनुदान दी जाती है।


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