उत्तराखंडः सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं पर चला जिला पूर्ति अधिकारी का हंटर

5 विक्रेताओं की काटे चालान, 3-3 हजार रुपये का लगाया जुर्माना

 
सितारगंज

 

  • रिपोर्टः तनवीर अंसारी

सितारगंज। जिला पूर्ति अधिकारी तेज बल सिंह ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत खाद्यान्न का वितरण लाभार्थियों में शत प्रतिशत बायोमेट्रिक माध्यम से ना करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की गई है. सितारगंज के 5 सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता के चालान काट कर प्रत्येक विक्रेता से तीन तीन हजार रुपये का जुर्माना वसूला है।

पूर्ति निरीक्षक डीएस धामी ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्य की समीक्षा निरंतर शासन स्तर मंडल स्तर और जनपद स्तर पर की जा रही है. और बायोमेट्रिक माध्यम से खाद्यान्न वितरण किए जाने की समीक्षा करने पर जनपद में तहसील स्तर पर कई विक्रेता चिन्हित किए गए हैं। जिनके द्वारा संतोषजनक बायोमेट्रिक ट्रांजैक्शन नहीं किया जा रहा है। उन्होने बताया सितारगंज तहसील क्षेत्र में 5 सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं के द्वारा बायोमेट्रिक ट्रांजेक्शन के निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष अत्यंत न्यून बायोमेट्रिक ट्रांजेक्शन की गई है। उन्होने बताया कि न्यून बायोमेट्रिक ट्रांजेक्शन करने वाले विक्रेताओं का चालान काट कर अर्थदंड के रूप में 3-3 हजार रुपये प्रत्येक सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता से जुर्माना वसूला गया है।

धामी ने बताया कि भविष्य में सरकारी नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। साथ ही पूर्ति निरीक्षक धामी ने बताया कि जब तक सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता द्वारा जुर्माना राशि चालान के रूप में जमा नहीं की जाएगी। तब तक सरकारी सस्ता विक्रेताओं को राशन आवंटित नहीं किया जाएगा।