आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत से कुछ ही हफ्ते पहले, दो बड़ी अंतरराष्ट्रीय टीमों की तैयारियों पर कूटनीतिक और नौकरशाही के बादल मंडरा रहे हैं। इंग्लैंड के दिग्गज स्पिनर आदिल राशिद और रेहान अहमद को भारतीय वीजा मिलने में देरी हो रही है, जिसका कारण उनका पाकिस्तानी मूल से होना बताया जा रहा है।
यह मामला तब सामने आया है जब हाल ही में संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के कई पाकिस्तानी मूल के क्रिकेटरों ने भी इसी तरह की समस्या का सामना किया था। हालांकि आईसीसी और विभिन्न क्रिकेट बोर्ड इस गतिरोध को सुलझाने के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन इस स्थिति ने खेल और राजनीति के टकराव पर एक नई बहस छेड़ दी है।
इंग्लैंड की स्पिन जोड़ी अधर में
इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने इस हफ्ते पुष्टि की कि आदिल राशिद और रेहान अहमद श्रीलंका के तैयारी दौरे पर बाकी टीम के साथ नहीं जा पाएंगे। जबकि टीम का मुख्य हिस्सा शनिवार को रवाना हो गया, ये दोनों स्पिनर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में फंसे हुए हैं।
आदिल राशिद वर्तमान में दक्षिण अफ्रीका की SA20 लीग में खेल रहे हैं, जबकि रेहान अहमद ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग में हिस्सा ले रहे हैं। योजना के अनुसार उन्हें कोलंबो में टीम के साथ जुड़ना था, लेकिन वीजा न मिलने के कारण अब उन्हें सीधे भारत या बाद में श्रीलंका जाना होगा।
द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, ईसीबी ने इस मामले में ब्रिटिश सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। भारतीय सरकार की ओर से यह आश्वासन दिया गया है कि खिलाड़ियों के आवेदनों पर कोई “आपत्ति” नहीं है, लेकिन पाकिस्तानी विरासत वाले व्यक्तियों के लिए आवश्यक “अतिरिक्त प्रशासनिक जांच” की वजह से प्रक्रिया धीमी हो गई है।
USA वीजा विवाद: क्या वाकई आवेदन खारिज हुए?
विवाद तब शुरू हुआ जब अमेरिकी तेज गेंदबाज अली खान ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उन्हें और उनके तीन साथियों—शायन जहांगीर, मोहम्मद मोहसिन और एहसान आदिल—को वीजा देने से मना कर दिया गया है। अली खान ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “इंडिया वीजा डिनाइड (वीजा मना कर दिया गया), लेकिन जीत के लिए KFC ही काफी है।”
हालांकि, बाद में यूएसए क्रिकेट के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि वीजा खारिज नहीं हुए हैं, बल्कि उनकी जांच चल रही है। अधिकारी ने कहा, “एक खिलाड़ी द्वारा यह गलत जानकारी दी गई कि वीजा खारिज हो गया है। वे अभी केवल प्रोसेसिंग चरण में हैं।”
देरी का पुराना इतिहास
इंग्लैंड क्रिकेट के लिए यह स्थिति नई नहीं है। 2024 की शुरुआत में, युवा स्पिनर शोएब बशीर को भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज के पहले मैच से बाहर होना पड़ा था क्योंकि उनका वीजा समय पर नहीं आया था। इससे पहले साकिब महमूद और ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी उस्मान ख्वाजा को भी इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा है।
भारत की वीजा नीति के अनुसार, पाकिस्तानी मूल के किसी भी व्यक्ति को (चाहे उनकी वर्तमान नागरिकता कुछ भी हो) एक “प्रायर रेफरेंस कैटेगरी” (PRC) जांच से गुजरना पड़ता है। इस प्रक्रिया में कई मंत्रालयों की मंजूरी की आवश्यकता होती है, जिसमें अक्सर काफी समय लगता है।
वर्ल्ड कप की तैयारियों पर असर
2026 टी20 वर्ल्ड कप 7 फरवरी से शुरू हो रहा है। इंग्लैंड का पहला मैच 8 फरवरी को मुंबई में नेपाल के खिलाफ है। श्रीलंका दौरे से इन दोनों प्रमुख स्पिनरों का बाहर होना कप्तान हैरी ब्रूक के लिए एक बड़ा झटका है। दक्षिण एशियाई पिचों पर अभ्यास की कमी वर्ल्ड कप के शुरुआती मैचों में इंग्लैंड को भारी पड़ सकती है।
निष्कर्ष
फिलहाल, आईसीसी क्रिकेट बोर्डों और भारत सरकार के बीच मध्यस्थता कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी इस बड़े आयोजन का हिस्सा बन सकें। जानकारों का मानना है कि वीजा अंततः मिल जाएगा, लेकिन इस अनिश्चितता ने खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन की चिंताएं जरूर बढ़ा दी हैं।
