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इतिहास रच दिया: 16 वर्षीय ओवेन कूपर ने जीता गोल्डन ग्लोब

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SamacharToday.co.in - इतिहास रच दिया 16 वर्षीय ओवेन कूपर ने जीता गोल्डन ग्लोब - Image Credited by India Today

लॉस एंजिल्स — टेलीविजन और सिनेमाई उपलब्धि के शिखर का जश्न मनाने वाली एक रात में, 83वें गोल्डन ग्लोब अवार्ड्स ने एक ऐतिहासिक “बदलाव” देखा। 16 वर्षीय ब्रिटिश अभिनेता ओवेन कूपर को टेलीविजन श्रृंखला में ‘सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता’ (Best Supporting Actor) के रूप में नामित किया गया। नेटफ्लिक्स के क्राइम ड्रामा एडोलेसेंस (Adolescence) में अपने दमदार अभिनय से वैश्विक पहचान बनाने वाले कूपर, इस श्रेणी में अब तक के सबसे कम उम्र के विजेता बन गए हैं।

बेवर्ली हिल्टन में आयोजित इस समारोह में कूपर का मुकाबला जेसन इसाक, वॉल्टन गोगिन्स और बिली क्रुडुप जैसे दिग्गज कलाकारों से था। जब उनके नाम की घोषणा हुई, तो युवा अभिनेता पूरी तरह से हैरान दिखाई दिए। उनकी यह जीत हॉलीवुड के इतिहास में किसी किशोर द्वारा अब तक का सबसे प्रभावशाली पुरस्कार सफर माना जा रहा है।

बेवर्ली हिल्टन में एक ऐतिहासिक जीत

कूपर की जीत केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि एक नया रिकॉर्ड है। 16 साल की उम्र में, उन्होंने ग्ली (Glee) स्टार क्रिस कोलफर का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने 2011 में 20 साल की उम्र में यह पुरस्कार जीता था। यह जीत अभिनेता के लिए “ट्रिपल क्राउन” वर्ष का समापन करती है, क्योंकि वह पहले ही इसी भूमिका के लिए एमी (Emmy) और क्रिटिक्स च्वाइस अवार्ड (Critics’ Choice Award) जीत चुके हैं।

अपने स्वीकृति भाषण में, कूपर ने विनम्रता और अविश्वास के साथ कहा, “गोल्डन ग्लोब्स में यहाँ खड़ा होना बिल्कुल भी वास्तविक नहीं लगता। मेरे और मेरे परिवार के लिए यह कितना अविश्वसनीय सफर रहा है।” उन्होंने मैनचेस्टर के अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि अभिनय की कक्षा में “इकलौता लड़का” होना अक्सर “शर्मनाक” होता था, लेकिन उन्होंने उस झिझक को पीछे छोड़कर अपने सपनों को पूरा किया।

ब्रेकथ्रू प्रदर्शन: ‘एडोलेसेंस’ की लहर

कूपर की सफलता का मुख्य आधार नेटफ्लिक्स की सीमित श्रृंखला एडोलेसेंस है, जिसे जैक थॉर्न और स्टीफन ग्राहम ने बनाया है। इस शो की सबसे बड़ी विशेषता इसका “वन-शॉट” (one-shot) तकनीक है, जिसमें प्रत्येक एक घंटे के एपिसोड को बिना किसी कट के एक ही बार में फिल्माया गया था।

कूपर ने इसमें जेमी मिलर की भूमिका निभाई है, जो एक सहपाठी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार 13 वर्षीय लड़का है। यह श्रृंखला पारंपरिक “मर्डर मिस्ट्री” के बजाय इस बात पर केंद्रित है कि कैसे सोशल मीडिया और जहरीले ऑनलाइन समुदायों के प्रभाव में आकर एक युवा किशोर का जीवन बिखर जाता है।

नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने के पहले तीन महीनों में इस शो को 14.1 करोड़ (141 मिलियन) से अधिक बार देखा गया। आलोचकों ने कूपर के अभिनय की जमकर तारीफ की है, और उनकी तुलना अनुभवी कलाकारों से की है।

वारिंगटन से हॉलीवुड तक का सफर

ओवेन कूपर की कहानी प्रतिभा और अवसर के मिलन की एक बेहतरीन मिसाल है। 5 दिसंबर, 2009 को वारिंगटन, इंग्लैंड में जन्मे कूपर का परिवार फिल्मी दुनिया से नहीं जुड़ा है; उनकी माँ एक देखभालकर्ता (carer) हैं और उनके पिता आईटी क्षेत्र में काम करते हैं। शुरुआत में एक प्रतिभाशाली फुटबॉलर रहे कूपर ने मैनचेस्टर के एक स्थानीय अभिनय स्कूल ‘द ड्रामा मॉब’ में दाखिला लिया।

स्टीफन ग्राहम, जिन्होंने एडोलेसेंस का सह-निर्माण किया, जेमी की भूमिका के लिए उत्तरी इंग्लैंड के एक अनजान चेहरे की तलाश में थे। कूपर को 500 से अधिक उम्मीदवारों में से चुना गया था। उनकी सफलता को अब उत्तरी इंग्लैंड के कला जगत की एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।

विरासत और भविष्य की संभावनाएं

83वें गोल्डन ग्लोब्स के समापन पर, एडोलेसेंस टेलीविजन श्रेणियों में रात का सबसे बड़ा विजेता बनकर उभरा। कूपर के लिए भविष्य बेहद उज्ज्वल है। उन्हें पहले ही एमराल्ड फेनेल की आगामी फिल्म वुदरिंग हाइट्स (Wuthering Heights) में ‘यंग हीथक्लिफ’ की भूमिका के लिए चुना गया है।

इतनी बड़ी सफलता के बावजूद, अभिनेता के करीबी सूत्रों का कहना है कि वे अभी भी जमीन से जुड़े हुए हैं और हाल ही में अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी करने के लिए वापस लौट आए हैं। उनकी जीत उद्योग में एक व्यापक बदलाव का संकेत है जहाँ युवाओं की जटिलताओं पर आधारित कहानियाँ दुनिया भर के दर्शकों के बीच गहराई से पसंद की जा रही हैं।

शमा एक उत्साही और संवेदनशील लेखिका हैं, जो समाज से जुड़ी घटनाओं, मानव सरोकारों और बदलते समय की सच्ची कहानियों को शब्दों में ढालती हैं। उनकी लेखन शैली सरल, प्रभावशाली और पाठकों के दिल तक पहुँचने वाली है। शमा का विश्वास है कि पत्रकारिता केवल खबरों का माध्यम नहीं, बल्कि विचारों और परिवर्तन की आवाज़ है। वे हर विषय को गहराई से समझती हैं और सटीक तथ्यों के साथ ऐसी प्रस्तुति देती हैं जो पाठकों को सोचने पर मजबूर कर दे। उन्होंने अपने लेखों में प्रशासन, शिक्षा, पर्यावरण, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक बदलाव जैसे मुद्दों को विशेष रूप से उठाया है। उनके लेख न केवल सूचनात्मक होते हैं, बल्कि समाज में जागरूकता और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा भी दिखाते हैं।

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