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एप्पल का विस्तार: मुंबई में खुलेगा भारत का छठा रिटेल स्टोर
नई दिल्ली / मुंबई — भारतीय बाजार के बढ़ते महत्व को रेखांकित करते हुए, वैश्विक तकनीकी दिग्गज एप्पल इंक (Apple Inc.) ने मुंबई में अपना दूसरा रिटेल स्टोर खोलने की योजना की पुष्टि की है। यह नया आउटलेट भारत में कंपनी का छठा ईंट-गारे वाला (physical) प्रतिष्ठान होगा। यह विस्तार उस तीव्र चरण के बाद हो रहा है, जिसमें पिछले एक साल के भीतर ही तीन नए स्टोर खोले गए हैं।
इसकी घोषणा एप्पल के सीईओ (CEO) टिम कुक ने कंपनी की वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (जो 27 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई) की अर्निंग कॉल के दौरान की। कुक ने उपमहाद्वीप में ब्रांड के प्रदर्शन को लेकर अत्यधिक उत्साह व्यक्त किया और इस बात पर जोर दिया कि भारत, एप्पल की वैश्विक खुदरा और विनिर्माण रणनीति का एक आधार स्तंभ बना हुआ है।
बोरीवली कनेक्शन: स्थान और रसद
नया स्टोर उत्तरी मुंबई के एक हलचल भरे आवासीय और वाणिज्यिक उपनगर बोरीवली में स्थित ओबेरॉय स्काई सिटी मॉल में खुलने के लिए तैयार है। रियल एस्टेट डेटा फर्म ‘प्रॉपस्टैक’ द्वारा विश्लेषण किए गए लीज दस्तावेजों के अनुसार, एप्पल ने पिछले साल जून में यह जगह लीज पर ली थी। इस तकनीकी दिग्गज ने ₹2.08 करोड़ के वार्षिक किराए का अनुबंध किया है, जिसका अर्थ है लगभग ₹17.35 लाख का मासिक भुगतान।
यह स्टोर मॉल के मुख्य भूतल (ground floor) पर लगभग 12,616 वर्ग फुट के कारपेट एरिया में फैला होगा। इसका आकार कंपनी के फ्लैगशिप स्टोर ‘एप्पल बीकेसी’ (Apple BKC) के बराबर है, जो अप्रैल 2023 में खुला था। बोरीवली का चुनाव एप्पल के उस इरादे को दर्शाता है जिसके तहत वह बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) जैसे हाई-एंड बिजनेस जिलों से आगे बढ़कर मुंबई के उपनगरों के संपन्न निवासियों तक अपनी पहुंच बनाना चाहता है।
तीव्र विस्तार: एक से छह तक का सफर
भारत में एप्पल की खुदरा यात्रा पिछले 36 महीनों में काफी तेज हुई है। सालों तक कंपनी केवल तीसरे पक्ष के पुनर्विक्रेताओं (resellers) और अपने ऑनलाइन स्टोर (2020 में लॉन्च) पर निर्भर थी। हालाँकि, अप्रैल 2023 में ‘एप्पल बीकेसी’ (मुंबई) और ‘एप्पल साकेत’ (नई दिल्ली) के एक साथ लॉन्च होने से परिदृश्य पूरी तरह बदल गया।
तब से यह गति निरंतर बनी हुई है:
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बेंगलुरु: हेब्बल क्षेत्र में 8,000 वर्ग फुट का स्टोर।
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पुणे: शहर की विशाल आईटी और छात्र आबादी की जरूरतों को पूरा करने वाला एक हाई-टेक आउटलेट।
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नोएडा: दिसंबर 2025 में खुला, जिसने उत्तर प्रदेश के बाजार में ब्रांड की पहली उपस्थिति दर्ज की।
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मुंबई (बोरीवली): आगामी छठा स्टोर, जिसके 2026 की पहली छमाही में चालू होने की उम्मीद है।
टिम कुक ने अर्निंग कॉल के दौरान कहा, “रिटेल में, हम दुनिया भर के अपने ग्राहकों के लिए एक जादुई अनुभव प्रदान करना जारी रखे हुए हैं, और हमें इस तिमाही के दौरान रिटेल में अपने अब तक के सर्वश्रेष्ठ परिणाम प्राप्त कर बेहद खुशी हुई। हम दिसंबर में भारत में अपना पांचवां स्टोर खोलकर रोमांचित थे और जल्द ही मुंबई में एक और स्टोर खोलने की योजना बना रहे हैं।”
‘मेक इन इंडिया’ की रफ्तार
एप्पल का रिटेल विस्तार एक बहुत गहरे औद्योगिक बदलाव का हिस्सा है। कंपनी की “इंडिया स्ट्रैटेजी” के दो मुख्य लक्ष्य हैं: प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार पर कब्जा करना और अपनी विनिर्माण आपूर्ति श्रृंखला (supply chain) को चीन से हटाकर विविधता लाना।
2017 से, एप्पल ने फॉक्सकॉन, पेगाट्रॉन और विस्ट्रॉन (अब टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स) जैसे भागीदारों के माध्यम से भारत में अपने विनिर्माण कार्यों को लगातार बढ़ाया है। आईफोन एसई (iPhone SE) की असेंबली से शुरू हुआ यह सफर अब आईफोन 15 और 16 सीरीज जैसे नवीनतम फ्लैगशिप मॉडलों के स्थानीय उत्पादन तक पहुंच गया है।
उद्योग विश्लेषकों का सुझाव है कि वैश्विक आईफोन उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी अब लगभग 14-16% है। यह बदलाव भारत सरकार की ‘उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन’ (PLI) योजना और एप्पल की “चीन प्लस वन” नीति से प्रेरित है, जिसका उद्देश्य वाशिंगटन और बीजिंग के बीच भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार शुल्क के जोखिमों को कम करना है।
बाजार की स्थिति और भविष्य का दृष्टिकोण
यद्यपि बिक्री की मात्रा के मामले में सैमसंग या शाओमी जैसे ब्रांडों की तुलना में एप्पल की बाजार हिस्सेदारी कम है, लेकिन “वैल्यू” (मुनाफे) के मामले में इसका दबदबा है। भारतीय उपभोक्ता तेजी से “प्रीमियम” उत्पादों की ओर बढ़ रहे हैं—यानी बजट स्मार्टफोन से हाई-एंड डिवाइस की ओर—और एप्पल इस प्रवृत्ति का प्राथमिक लाभार्थी है।
वरिष्ठ रिटेल विश्लेषक अनिकेत व्यास कहते हैं, “मुंबई पर दोबारा दांव लगाने का एप्पल का फैसला साबित करता है कि यह शहर भारत की लग्जरी राजधानी बना हुआ है। बोरीवली में जाकर वे यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि वे ‘नए मुंबई’ के उस वर्ग—युवा पेशेवरों और स्थापित व्यापारिक परिवारों—के लिए सुलभ हों, जो दक्षिण मुंबई जाने के बजाय स्थानीय हाई-एंड मॉल को प्राथमिकता देते हैं।”
जैसे ही एप्पल बोरीवली में रिबन काटने की तैयारी कर रहा है, टेक जगत की नजरें इस पर टिकी हैं। हैदराबाद और चेन्नई में भी स्टोर खोलने की चर्चाओं के साथ, एप्पल का “इंडियन ड्रीम” अब केवल एक कल्पना नहीं, बल्कि अरबों डॉलर की हकीकत है।
