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कोहरे के कारण लखनऊ टी20 रद्द, बीसीसीआई बदला कार्यक्रम
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) अपने शीतकालीन सत्र के कार्यक्रमों में एक बड़ा फेरबदल करने की तैयारी कर रहा है। लखनऊ में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच चौथा टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच अत्यधिक कोहरे के कारण रद्द होने के बाद, बोर्ड को प्रशंसकों और विशेषज्ञों की तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा है। इसके जवाब में बीसीसीआई ने अब उत्तर भारत में सर्दियों के दौरान मैचों के आयोजन की समीक्षा करने का फैसला किया है।
लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी एकाना क्रिकेट स्टेडियम में बुधवार को होने वाला यह मुकाबला बिना एक भी गेंद फेंके रद्द कर दिया गया। भारत इस पांच मैचों की सीरीज में फिलहाल 2-1 से आगे है, लेकिन इस मैच के धुल जाने से न केवल सीरीज का रोमांच कम हुआ है, बल्कि बीसीसीआई की शेड्यूलिंग पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
बीसीसीआई का कड़ा रुख
मैच रद्द होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने पुष्टि की कि बोर्ड अब 15 दिसंबर से 15 जनवरी के बीच उत्तर भारत में होने वाले मैचों के कार्यक्रम की समीक्षा करेगा। शुक्ला ने एएनआई (ANI) से कहा, “कोहरे के कारण मैच रद्द करना पड़ा। लोग इससे काफी नाराज थे। हमें उत्तर भारत में 15 दिसंबर से 15 जनवरी के बीच के मैचों की समीक्षा करने की जरूरत है ताकि यह तय किया जा सके कि उन्हें दक्षिण या पश्चिम भारत में स्थानांतरित करने की आवश्यकता है या नहीं।”
उन्होंने आगे कहा कि यह समस्या केवल अंतरराष्ट्रीय मैचों तक सीमित नहीं है, बल्कि घरेलू मैच भी इससे प्रभावित हो रहे हैं, जो एक गंभीर चिंता का विषय है।
केरल का निमंत्रण और क्षेत्रीय मांग
इस चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में राजीव शुक्ला से कहा, “आइए केरल”। थरूर का सुझाव था कि केरल और दक्षिण भारत के अन्य राज्यों का मौसम इस समय क्रिकेट के लिए अनुकूल रहता है, जहाँ कोहरे की समस्या नहीं होती। बेंगलुरु, चेन्नई और मुंबई जैसे शहरों में सर्दियों के दौरान मौसम साफ रहता है, जिससे बिना किसी रुकावट के मैच संपन्न कराए जा सकते हैं।
घरेलू क्रिकेट और आगामी सीरीज पर प्रभाव
कोहरे का संकट दक्षिण अफ्रीका सीरीज के बाद भी जारी रह सकता है। 24 दिसंबर से 18 जनवरी तक चलने वाली विजय हजारे ट्रॉफी (50 ओवर टूर्नामेंट) के कई मैच उत्तर भारत के शहरों में होने हैं, जिनमें जयपुर भी शामिल है। इसके अलावा, 11 जनवरी से न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू होने वाली वनडे सीरीज में रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज मैदान पर उतरेंगे। हालांकि इसके मैच वडोदरा, राजकोट और इंदौर में हैं, फिर भी बीसीसीआई सतर्क है।
टीम में बदलाव और चोट की मार
इस बीच, भारतीय टीम को भी कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। बीसीसीआई ने 15 दिसंबर को जानकारी दी कि ऑलराउंडर अक्षर पटेल बीमारी के कारण सीरीज से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह चयन समिति ने शाहबाज अहमद को टीम में शामिल किया है।
विशेषज्ञों की राय
प्रसिद्ध क्रिकेट विशेषज्ञ हर्षा भोगले ने पहले भी उत्तर भारत की सर्दियों में मैचों के आयोजन पर टिप्पणी करते हुए कहा था, “क्रिकेट रोशनी का खेल है। जब दृश्यता (visibility) खत्म हो जाती है, तो खेल का सार भी खत्म हो जाता है। दिसंबर में उत्तर भारत में रात के समय क्रिकेट का आयोजन एक ऐसा जोखिम है जिसका खामियाजा अक्सर प्रशंसकों और ब्रॉडकास्टर्स को भुगतना पड़ता है।”
बीसीसीआई के लिए यह बदलाव न केवल खेल की गुणवत्ता सुधारने के लिए जरूरी है, बल्कि वित्तीय नुकसान से बचने के लिए भी अनिवार्य है। एक मैच रद्द होने से ब्रॉडकास्टर्स और प्रायोजकों को करोड़ों का नुकसान होता है।
अब सीरीज का आखिरी और निर्णायक मुकाबला शुक्रवार को अहमदाबाद में खेला जाएगा। उम्मीद है कि वहां का मौसम खिलाड़ियों और प्रशंसकों को एक पूरा और रोमांचक मैच देखने का मौका देगा।
