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ट्रंप के बड़े चंदादाता को वेनेजुएला के तेल से भारी मुनाफे की उम्मीद

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SamacharToday.co.in - ट्रंप के बड़े चंदादाता को वेनेजुएला के तेल से भारी मुनाफे की उम्मीद - Image Credited by Alternet

कैरिबियन क्षेत्र में एक बड़ा भू-राजनीतिक ड्रामा सामने आ रहा है, जहाँ वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने देश की तेल संपत्ति के व्यापक पुनर्वितरण का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। इस बदलाव के केंद्र में अरबपति निवेशक पॉल सिंगर हैं, जो ‘इलियट इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट’ के संस्थापक और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रमुख चंदादाता हैं। सिंगर को वेनेजुएला की बेशकीमती अमेरिकी संपत्ति ‘सिटगो’ (Citgo) में किए गए समयबद्ध निवेश से अरबों डॉलर का मुनाफा होने वाला है।

मादुरो की गिरफ्तारी और ‘आर्ट ऑफ द डील’

यह घटनाक्रम 3-4 जनवरी 2026 के सप्ताहांत में अमेरिकी सैन्य अभियान के साथ शुरू हुआ, जिसमें निकोलस मादुरो को पकड़ा गया। इसके बाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने वेनेजुएला के प्रति अमेरिकी नीति में बड़े बदलाव का संकेत दिया। एयर फ़ोर्स वन पर पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि यह अभियान क्षेत्रीय स्थिरता के लिए आवश्यक था।

ट्रंप ने कहा, “हमारी बड़ी अमेरिकी तेल कंपनियां वहां जाएंगी और इस पूरी व्यवस्था को फिर से खड़ा करेंगी।” प्रशासन का मानना है कि इससे वेनेजुएला के तेल उद्योग में नई जान आएगी और अमेरिका के लिए “पैसा बनना” शुरू होगा।

पॉल सिंगर और सिटगो का सौदा

जहाँ मुख्य खबरें सैन्य कार्रवाई पर केंद्रित हैं, वहीं वित्तीय विश्लेषक पॉल सिंगर की कंपनी द्वारा सिटगो के $5.9 बिलियन के अधिग्रहण पर नजर गड़ाए हुए हैं। नवंबर 2025 में—अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से महज कुछ हफ्ते पहले—सिंगर की फर्म ने एक नीलामी में सिटगो को खरीदने का अधिकार हासिल कर लिया था।

सिटगो वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी PDVSA की सहायक कंपनी है, जिसे कर्ज चुकाने के लिए नीलामी के लिए मजबूर किया गया था। इस सौदे में शामिल हैं:

  • लुइसियाना, टेक्सास और इलिनोइस में तीन विशाल रिफाइनरियां।

  • अमेरिका भर में 43 तेल टर्मिनल

  • 4,000 से अधिक गैस स्टेशन

    $5.9 बिलियन की यह कीमत बहुत कम मानी जा रही है। अदालत के सलाहकारों ने इसकी कीमत $11-13 बिलियन आंकी थी, जबकि वेनेजुएला सरकार के अनुसार यह $18 बिलियन से अधिक की संपत्ति है।

‘वल्चर’ कैपिटलिज्म और रणनीति

81 वर्षीय पॉल सिंगर को अक्सर “वल्चर कैपिटलिस्ट” कहा जाता है। उनकी रणनीति संघर्ष कर रहे देशों के कर्ज को बहुत कम दाम पर खरीदना और फिर कानूनी लड़ाई के जरिए पूरा भुगतान वसूलना है। अर्जेंटीना के खिलाफ उनकी 10 साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद उनकी फर्म को $2.4 बिलियन मिले थे, जो उनके मूल निवेश से 10-15 गुना अधिक थे।

सिटगो का सौदा भी इसी पैटर्न पर दिखता है। प्रतिबंधों के कारण सिटगो अपनी क्षमता के अनुसार काम नहीं कर पा रही थी। अब शासन परिवर्तन और प्रतिबंध हटने की संभावना के साथ, सिटगो फिर से सस्ते वेनेजुएला के कच्चे तेल को रिफाइन कर सकेगी, जिससे इसकी कीमत रातों-रात दोगुनी हो सकती है।

राजनीतिक संबंध और प्रभाव

इस मुनाफे ने चुनावी चंदे और विदेश नीति के मेल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सिंगर राष्ट्रपति ट्रंप के सबसे बड़े समर्थकों में से एक हैं। 2024 के चुनाव चक्र में उन्होंने:

  • ट्रंप के सुपर पीएसी (Super PAC) को $5 मिलियन दिए।

  • रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में $37 मिलियन खर्च किए।

  • ट्रंप की ट्रांजिशन टीम के लिए भी बड़ी राशि दान की।

इसके अलावा, सिंगर उन थिंक टैंकों के बोर्ड में शामिल हैं जो लंबे समय से मादुरो को सत्ता से हटाने की वकालत कर रहे थे।

घरेलू विरोध: थॉमस मैसी के आरोप

रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी इस कदम की आलोचना हो रही है। प्रतिनिधि थॉमस मैसी ने इस हस्तक्षेप का कड़ा विरोध किया है। मैसी का तर्क है कि यह अभियान निजी हितों के लाभ के लिए अमेरिकी सैनिकों की जान जोखिम में डालता है।

मैसी ने कहा, “यह अमेरिकी तेल नहीं है। यह वेनेजुएला का तेल है। अमेरिकी सैनिकों की जान तेल कंपनियों को और अधिक मुनाफा कमाने के लिए खतरे में डाली जा रही है। पॉल सिंगर, जिन्होंने मुझे हराने के लिए $10 लाख खर्च किए, अब वेनेजुएला पर इस प्रशासन के कब्जे के बाद सिटगो निवेश से अरबों डॉलर बनाने वाले हैं।”

वेनेजुएला के तेल क्षेत्र का पतन

वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार (लगभग 300 बिलियन बैरल) है। हालांकि, कुप्रबंधन और अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण, इसका उत्पादन 1990 के दशक के 30 लाख बैरल प्रतिदिन से गिरकर 2025 तक मात्र 11 लाख बैरल रह गया था।

मादुरो की गिरफ्तारी और अमेरिकी दबाव में डेल्सी रोड्रिग्ज का अंतरिम राष्ट्रपति बनना, वेनेजुएला के संसाधनों पर अमेरिकी नियंत्रण के एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।

अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। समाचार टुडे में अनूप कुमार की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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