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धुरंधर 2 और टॉक्सिक: बॉक्स ऑफिस पर बड़ा टकराव
मुंबई – भारतीय फिल्म उद्योग एक बहुत बड़े बॉक्स ऑफिस मुकाबले के लिए तैयार हो रहा है, क्योंकि रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ और यश की ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ दोनों ही 19 मार्च, 2026 को रिलीज होने वाली हैं। जहां दोनों सुपरस्टार्स के प्रशंसक उत्साहित हैं, वहीं ट्रेड एनालिस्ट और उद्योग के दिग्गजों ने गंभीर चिंता व्यक्त की है कि एक ही दिन रिलीज होने से दोनों फिल्मों की कमाई पर बुरा असर पड़ सकता है।
आदित्य धर के निर्देशन में बनी ‘धुरंधर’ अपनी रिलीज के समय एक ‘सिनेमैटिक फेनोमेनन’ बन गई थी, जिसमें रणवीर सिंह द्वारा निभाए गए ‘हमज़ा’ के किरदार को काफी सराहा गया था। इसके सीक्वल से हमज़ा की पिछली कहानी (बैकस्टोरी) सामने आने की उम्मीद है। दूसरी ओर, गीतू मोहनदास की ‘टॉक्सिक’ के साथ कन्नड़ सुपरस्टार यश की बहुप्रतीक्षित वापसी हो रही है, जो ‘KGF’ फ्रेंचाइजी की वैश्विक सफलता के बाद बड़े पर्दे पर लौट रहे हैं।
“दुर्भाग्यपूर्ण” टकराव: निर्देशक संजय गुप्ता की राय
प्रसिद्ध फिल्म निर्माता संजय गुप्ता ने इस टकराव पर अपनी राय देते हुए दोनों फिल्मों को एक ही दिन रिलीज करने के फैसले को “दुर्भाग्यपूर्ण” बताया है। अपने खुद के अनुभव का हवाला देते हुए, जब उनकी फिल्म ‘काबिल’ शाहरुख खान की ‘रईस’ से टकराई थी, गुप्ता ने भारतीय दर्शकों की आर्थिक स्थिति पर प्रकाश डाला।
वैराइटी इंडिया (Variety India) के साथ एक साक्षात्कार में संजय गुप्ता ने कहा: “मैं दोनों फिल्में देखूंगा, लेकिन दुर्भाग्य से वे एक साथ आ रही हैं। इनका इतनी बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है कि वे एक-दूसरे के बिजनेस को प्रभावित करेंगी। हमें इस तथ्य पर ध्यान देना चाहिए कि हमारे लोगों के पास एक साथ दो फिल्में देखने के लिए इतना पैसा नहीं है। कई लोग तो एक महीने में दो फिल्में भी नहीं देख सकते। हालांकि दोनों फिल्में अच्छा करेंगी, लेकिन कोई भी अपनी अधिकतम व्यक्तिगत क्षमता हासिल नहीं कर पाएगी।”
बाजार की गतिशीलता और स्क्रीन शेयरिंग
विशेषज्ञों के लिए मुख्य चिंता स्क्रीन का विभाजन है। चूंकि दोनों ही ‘इवेंट’ फिल्में हैं जिन्हें बड़े पैमाने पर और आईमैक्स (IMAX) जैसे स्क्रीन्स की आवश्यकता होती है, एक ही दिन रिलीज होने से वितरकों को सीमित संख्या में उपलब्ध हाई-एंड स्क्रीन को बांटना पड़ता है। इससे अक्सर ऐसी स्थिति पैदा होती है जहां दोनों फिल्मों का कुल कलेक्शन उस आंकड़े से कम रह जाता है जो वे अलग-अलग रिलीज होने पर प्राप्त कर सकती थीं।
ट्रेड एनालिस्टों का मानना है कि ‘फर्स्ट वीकेंड’ की कमाई ही सब कुछ होती है। जब रणवीर और यश जैसे दो दिग्गज टकराते हैं, तो ओपनिंग डे के नंबर—जो गति (मोमेंटम) के लिए महत्वपूर्ण होते हैं—विभाजित हो जाते हैं। यह वितरकों के लिए एक बड़ी चुनौती है और फिल्म उद्योग के कुल वार्षिक टर्नओवर के लिए भी नुकसानदेह है।
धुरंधर का प्रभाव
‘धुरंधर’ के पहले भाग को इसके यथार्थवाद और जबरदस्त एक्शन के लिए सराहा गया था, जिसने भारत में जासूसी-थ्रिलर शैली के लिए एक नया पैमाना स्थापित किया था। संजय गुप्ता ने इसे सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक ‘फेनोमेनन’ (विलक्षण घटना) बताया। सीक्वल का उद्देश्य इस ब्रह्मांड का विस्तार करना है। वहीं, ‘टॉक्सिक’ ने अपनी “वयस्कों के लिए परियों की कहानी” वाली थीम के कारण जबरदस्त जिज्ञासा पैदा की है, जो यश के एक गहरे और अधिक प्रयोगात्मक पक्ष का वादा करती है।
जैसे-जैसे 19 मार्च नजदीक आ रही है, उद्योग को उम्मीद है कि ‘धुरंधर 2’ का क्रेज और ‘टॉक्सिक’ की स्टार पावर एक साथ बनी रहेगी। हालांकि, इतिहास गवाह है कि ऐसे टकरावों में जीत अक्सर उसी फिल्म की होती है जिसे दर्शकों की अधिक सराहना मिलती है, भले ही वह अपने प्रतिद्वंद्वी की शुरुआती कमाई की कीमत पर क्यों न हो।
