Connect with us

Finance

बाजार में हलचल: फेड प्रमुख की सुगबुगाहट से सोना-चांदी लुढ़के

Published

on

SamacharTOday.co.in - बाजार में हलचल फेड प्रमुख की सुगबुगाहट से सोना-चांदी लुढ़के - Image Credited by The Financial Express

वैश्विक कमोडिटी बाजारों में शुक्रवार को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला। पिछले कई हफ्तों से आसमान छू रही कीमती धातुओं की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। भारत के मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की दरें गिरकर लगभग 3.80 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गईं, जबकि सोने की कीमतों में 4% की भारी गिरावट देखी गई। इस गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अगले प्रमुख के रूप में केविन वॉर्श (Kevin Warsh) के नाम की चर्चा है।

केविन वॉर्श फैक्टर: क्यों डरा बाजार?

बाजार में इस बिकवाली का तात्कालिक कारण राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा फेडरल रिजर्व के नए अध्यक्ष के नामांकन की घोषणा की सुगबुगाहट है। रिपोर्टों के अनुसार, पूर्व फेड गवर्नर केविन वॉर्श, जेरोम पॉवेल की जगह ले सकते हैं।

वॉर्श को बाजार में “हॉकिश” (Hawkish) माना जाता है, यानी वे मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरों में वृद्धि के समर्थक रहे हैं। इसके विपरीत, सोने के निवेशक “डविश” (Dovish) या कम ब्याज दरों वाला रुख पसंद करते हैं। स्टोनएक्स (StoneX) के वरिष्ठ विश्लेषक मैट सिम्पसन ने कहा, “केविन वॉर्श द्वारा जेरोम पॉवेल की जगह लेने की अफवाहों ने एशियाई कारोबार के दौरान सोने पर दबाव डाला है।”

सोना: रिकॉर्ड ऊंचाई से 4% की गिरावट

शुक्रवार की अस्थिरता के बावजूद, जनवरी 2026 सोने के लिए ऐतिहासिक रहा है। सप्ताह की शुरुआत में स्पॉट गोल्ड $5,594.82 प्रति औंस के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। शुक्रवार सुबह तक यह गिरकर $5,183.21 पर आ गया।

भारत में सोने के रुझान पर बात करते हुए, एलकेपी सिक्योरिटीज (LKP Securities) के रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी ने बताया, “खरीदारी का यह सिलसिला केंद्रीय बैंकों के आवंटन और हेज डिमांड (Hedge Demand) के कारण बना हुआ है। फेड द्वारा दरों को अपरिवर्तित रखने के बावजूद, आर्थिक विकास की चिंताओं ने सोने में सुरक्षित निवेश (Safe-haven) के प्रवाह को मजबूत किया है।”

त्रिवेदी के अनुसार, तकनीकी रूप से अब 1,70,000 रुपये प्रति 10 ग्राम एक मजबूत सपोर्ट जोन के रूप में कार्य कर रहा है, जबकि 1,85,000 रुपये अगला प्रतिरोध (Resistance) स्तर है।

चांदी: मुनाफे की वसूली (Profit Booking) का दौर

चांदी में गिरावट और भी गहरी रही। एमसीएक्स (MCX) पर कीमतें 3,80,000 रुपये प्रति किलोग्राम की ओर फिसल गईं। गुरुवार को $121.64 के रिकॉर्ड स्तर को छूने वाली स्पॉट चांदी लगभग 6% गिरकर $109.55 के करीब आ गई।

इंडसइंड सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक जिगर त्रिवेदी ने कहा, “निवेशकों द्वारा रिकॉर्ड रैली के बाद मुनाफा वसूलने (Profit Booking) के कारण चांदी में गिरावट आई, जबकि डॉलर में सुधार ने धातुओं पर दबाव और बढ़ा दिया।” इसके बावजूद, चांदी जनवरी में 50% से अधिक की बढ़त हासिल करने की राह पर है, जो इसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ मासिक प्रदर्शन है।

क्यों बढ़ रही थी कीमतें?

शुक्रवार की गिरावट को समझने के लिए जनवरी 2026 की अभूतपूर्व तेजी के कारणों को जानना आवश्यक है:

  1. भू-राजनीतिक तनाव: वैश्विक संघर्षों और अमेरिकी प्रशासन के व्यापार शुल्कों (Tariffs) ने निवेशकों को सोने-चांदी की ओर धकेला।

  2. डॉलर की कमजोरी: वॉशिंगटन की बदलती नीतियों और राष्ट्रपति ट्रंप के डॉलर की कमजोरी के प्रति उदासीन रवैये ने शुरू में कीमती धातुओं को समर्थन दिया।

  3. औद्योगिक मांग: सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में चांदी की रिकॉर्ड मांग ने इसकी कीमतों को हवा दी।

निष्कर्ष और तकनीकी दृष्टिकोण

बाजार की नजर अब व्हाइट हाउस की आधिकारिक घोषणा पर है। विश्लेषकों का सुझाव है कि यदि केविन वॉर्श को वास्तव में नामित किया जाता है और उनका रुख आक्रामक ब्याज दर वृद्धि की ओर होता है, तो मौजूदा गिरावट और गहरी हो सकती है। हालांकि, यदि भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो सुरक्षित निवेश की मांग कीमतों को फिर से सहारा दे सकती है।

“यह रैली निरंतर भू-राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण है… एमसीएक्स सिल्वर मार्च की कीमतों में मुनाफावसूली देखी जा सकती है, लेकिन 3,80,000 रुपये/किलोग्राम आज के लिए मुख्य सपोर्ट बना रहेगा।” — जिगर त्रिवेदी, इंडसइंड सिक्योरिटीज।

अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। समाचार टुडे में अनूप कुमार की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © 2017-2025 SamacharToday.