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भारती सिंह और हर्ष लिंबाचिया के घर गूंजी किलकारी: करोड़ों का साम्राज्य और आलीशान जीवन
भारतीय टेलीविजन की ‘कॉमेडी क्वीन’ भारती सिंह और उनके पति हर्ष लिंबाचिया के लिए शुक्रवार, 19 दिसंबर 2025 का दिन खुशियों की सौगात लेकर आया। इस जोड़े ने अपने दूसरे बच्चे, एक नन्हे राजकुमार का स्वागत किया है। इस खबर के बाद से ही मनोरंजन जगत में जश्न का माहौल है और प्रशंसकों की ओर से बधाइयों का तांता लगा हुआ है।
काम के बीच अचानक अस्पताल पहुंचीं भारती
भारती सिंह अपनी गर्भावस्था के दौरान भी लगातार सक्रिय रहीं। शुक्रवार सुबह जब वह अपने लोकप्रिय शो ‘लाफ्टर शेफ्स सीजन 3’ की शूटिंग कर रही थीं, तभी उन्हें अचानक प्रसव पीड़ा हुई। आनन-फाणन में उन्हें मुंबई के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्होंने अपने दूसरे बेटे को जन्म दिया। भारती और हर्ष का बड़ा बेटा, लक्ष्य (गोला), अब एक बड़े भाई की जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार है।
कमाई और कुल संपत्ति का विवरण
भारती और हर्ष केवल पर्दे पर ही नहीं, बल्कि वित्तीय रूप से भी टेलीविजन जगत के सबसे सफल जोड़ों में से एक हैं। 2025 के आंकड़ों के अनुसार, इस दंपति की कुल संपत्ति लगभग ₹50 करोड़ आंकी गई है।
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भारती सिंह: भारती की अपनी नेट वर्थ ₹30–35 करोड़ है। वह प्रति एपिसोड ₹10 से ₹12 लाख फीस लेती हैं, जो उन्हें देश की सबसे महंगी महिला कॉमेडियन बनाता है।
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हर्ष लिंबाचिया: हर्ष की कुल संपत्ति ₹15–20 करोड़ के आसपास है। वह अपनी प्रोडक्शन कंपनी ‘H3 प्रोडक्शंस’ और पटकथा लेखन के माध्यम से मोटी कमाई करते हैं।
डिजिटल क्रांति और आलीशान जीवनशैली
इस पावर कपल ने अपनी आय के स्रोतों को केवल टीवी तक सीमित नहीं रखा है। भारती ने हाल ही में साझा किया कि उनकी कुल कमाई का 40 प्रतिशत हिस्सा अब यूट्यूब से आता है। उनके चैनल ‘लाइफ ऑफ लिंबाचिया’ के 85 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स हैं।
मुंबई में उनका ₹6 करोड़ का आलीशान घर और उनके गैरेज में खड़ी BMW X7, मर्सिडीज-बेंज, और ऑडी Q5 जैसी गाड़ियां उनकी सफलता की गवाही देती हैं।
संघर्ष से सफलता तक
अमृतसर की तंग गलियों से निकलकर करोड़ों के साम्राज्य की मालकिन बनने तक का भारती का सफर प्रेरणादायक है। अपनी सफलता पर बात करते हुए भारती ने कहा:
“मैं आज जो कुछ भी हूँ, अपनी माँ की वजह से हूँ। उन्होंने दूसरों के घरों में काम किया ताकि हम पेट भर सकें। आज जब मैं पैसे कमाती हूँ, तो मुझे अच्छा लगता है, लेकिन मैं अपने संघर्ष के दिनों को कभी नहीं भूलती। माँ बनने के बाद मैं और भी ज्यादा सक्रिय और बच्चों के भविष्य के लिए समर्पित हो गई हूँ।”
