Connect with us

International Relations

भारत-यूरोपीय संघ के रणनीतिक संबंध ऐतिहासिक शिखर पर: व्यापार और रक्षा समझौते करीब

Published

on

SamacharToday.co.in - भारत-यूरोपीय संघ के रणनीतिक संबंध ऐतिहासिक शिखर पर व्यापार और रक्षा समझौते करीब - AI Generated Image

इस सप्ताह भारत की राजधानी के केंद्र में वैश्विक भू-राजनीति का एक नया अध्याय सामने आ रहा है। शनिवार को यूरोपीय संघ की उपाध्यक्ष और विदेश नीति एवं सुरक्षा नीति की उच्च प्रतिनिधि, काजा कल्लास, नई दिल्ली पहुंचीं। उनका आगमन एक महत्वपूर्ण राजनयिक पहल है, जो दुनिया की दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक अर्थव्यवस्थाओं के बीच एक “ऐतिहासिक” तालमेल का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।

यह यात्रा 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन की प्रस्तावना है, जहाँ लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) और एक क्रांतिकारी सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी को नवीनीकृत द्विपक्षीय संबंधों के “क्राउन ज्वेल” (सबसे महत्वपूर्ण हिस्से) के रूप में देखा जा रहा है।

‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ (सभी समझौतों की जननी)

लगभग दो दशकों की रुक-रुक कर चली बातचीत के बाद, भारत और 27 देशों वाला यूरोपीय संघ कथित तौर पर एक व्यापक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के कगार पर हैं। 24 जटिल अध्यायों में फैले इस समझौते से आर्थिक गलियारों के स्वरूप में भारी बदलाव आने की उम्मीद है।

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस समझौते के पैमाने को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ी है। 16 जनवरी, 2026 को संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैंने अब तक सात सौदे किए हैं, सभी विकसित देशों के साथ। यह समझौता ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ होगा।”

इस व्यापार सौदे से निम्नलिखित की परिकल्पना की गई है:

  • टैरिफ में कटौती: यूरोपीय ऑटोमोबाइल और वाइन पर शुल्क में महत्वपूर्ण कमी की उम्मीद है, जबकि भारतीय कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स और रसायनों को 20 ट्रिलियन यूरो के विशाल यूरोपीय बाजार में अभूतपूर्व पहुंच मिलेगी।

  • प्रोफेशनल मोबिलिटी (पेशेवर गतिशीलता): एक नया ढांचा मौसमी श्रमिकों, छात्रों और उच्च-कुशल पेशेवरों की आवाजाही को सुगम बनाएगा, जिससे भारत की लंबे समय से चली आ रही मांगें पूरी होंगी।

  • सप्लाई चेन लचीलापन: एकल वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता कम करने के लिए स्वच्छ प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर और फार्मास्यूटिकल्स में सहयोग को गहरा करना।

रक्षा: खरीदार और विक्रेता के संबंधों से परे

आर्थिक वार्ता के समानांतर एक बड़ा रणनीतिक बदलाव भी चल रहा है। काजा कल्लास ने पुष्टि की है कि यूरोपीय संघ और भारत एक नई सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर करेंगे। यह कदम पारंपरिक खरीदार-विक्रेता मॉडल—जहाँ भारत मुख्य रूप से यूरोपीय दिग्गजों से सैन्य प्लेटफॉर्म खरीदता था—से एक संरचित औद्योगिक साझेदारी में संक्रमण का संकेत देता है।

यह समझौता मुख्य रूप से इन पर केंद्रित होगा:

  • समुद्री सुरक्षा: हिंद-प्रशांत क्षेत्र में खुले समुद्री मार्गों और स्थिरता को सुनिश्चित करना।

  • साइबर रक्षा: महत्वपूर्ण डिजिटल बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए सहयोगात्मक प्रयास।

  • औद्योगिक तालमेल: रक्षा सब-सिस्टम और प्लेटफॉर्म के संभावित सह-विकास पर जोर।

एक अद्वितीय गणतंत्र दिवस

इस साझेदारी की गहराई को उच्च प्रतीकात्मक दृश्यता के साथ प्रदर्शित किया जाएगा। इतिहास में पहली बार, 26 जनवरी को भारत की 77वीं गणतंत्र दिवस परेड के दौरान यूरोपीय संघ का एक सैन्य दस्ता कर्तव्य पथ पर मार्च करेगा।

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रहे हैं। उनकी संयुक्त उपस्थिति एक दुर्लभ राजनयिक भाव है, जो खंडित होते वैश्विक क्रम में भारत को यूरोपीय संघ के एक “अपरिहार्य” (Indispensable) भागीदार के रूप में रेखांकित करती है।

देवाशीष एक समर्पित लेखक और पत्रकार हैं, जो समसामयिक घटनाओं, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से सीधा जुड़ाव बनाने वाली है। देवाशीष का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और सकारात्मक सोच फैलाने की जिम्मेदारी भी निभाती है। वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों में प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और सामाजिक बदलाव जैसे विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न केवल जानकारी प्रदान करते हैं, बल्कि पाठकों को विचार और समाधान की दिशा में प्रेरित भी करते हैं। समाचार टुडे में देवाशीष की भूमिका: स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग सामाजिक और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन रुचियाँ: लेखन, पठन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक विमर्श।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © 2017-2025 SamacharToday.