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माइक्रोसॉफ्ट और परप्लेक्सिटी के बीच 750 मिलियन डॉलर का क्लाउड समझौता

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SamacharToday.co.in - माइक्रोसॉफ्ट और परप्लेक्सिटी के बीच 750 मिलियन डॉलर का क्लाउड समझौता - Image Credited by NDTV

सैन फ्रांसिस्को — आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के युग में बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के वर्चस्व की बढ़ती जंग के बीच, तेजी से बढ़ते सर्च स्टार्टअप ‘परप्लेक्सिटी एआई’ (Perplexity AI) ने माइक्रोसॉफ्ट के साथ 750 मिलियन डॉलर के एक विशाल समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। तीन साल की इस रणनीतिक साझेदारी के तहत परप्लेक्सिटी, माइक्रोसॉफ्ट की एज़्योर (Azure) क्लाउड सेवा और उसके “फाउंड्री” प्रोग्राम का उपयोग दुनिया के कुछ सबसे उन्नत AI मॉडल चलाने के लिए करेगी।

ब्लूमबर्ग न्यूज द्वारा गुरुवार को पहली बार रिपोर्ट किया गया यह सौदा, परप्लेक्सिटी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है क्योंकि यह गूगल जैसे स्थापित दिग्गजों के मुकाबले अपनी “आंसर इंजन” तकनीक को बड़े पैमाने पर ले जाने की कोशिश कर रहा है। एनवीडिया और अमेज़न के संस्थापक जेफ बेजोस द्वारा समर्थित परप्लेक्सिटी, माइक्रोसॉफ्ट के बुनियादी ढांचे का लाभ उठाकर ओपनएआई (OpenAI), एंथ्रोपिक (Anthropic) और एलन मस्क की एक्सएआई (xAI) द्वारा विकसित अत्याधुनिक ‘फ्रंटियर मॉडल’ तक सुलभ पहुंच प्राप्त करेगी।

मल्टी-क्लाउड रणनीति: एक संतुलन बनाने की कोशिश

दिलचस्प बात यह है कि माइक्रोसॉफ्ट के साथ हुआ यह सौदा उसके वर्तमान बुनियादी ढांचे से बाहर निकलने का संकेत नहीं देता है। परप्लेक्सिटी के एक प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि स्टार्टअप ने अमेज़न वेब सर्विसेज (AWS) से अपना खर्च कम नहीं किया है, जो उसका प्राथमिक क्लाउड प्रदाता बना हुआ है। इसके बजाय, यह समझौता उसकी तकनीकी निर्भरताओं के रणनीतिक विविधीकरण (Diversification) का प्रतिनिधित्व करता है।

परप्लेक्सिटी और अमेज़न के बीच हालिया तनाव को देखते हुए माइक्रोसॉफ्ट के साथ यह साझेदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय है। पिछले साल, अमेज़न ने स्टार्टअप के “शॉपिंग फीचर” को लेकर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की थी। अमेज़न ने आरोप लगाया था कि परप्लेक्सिटी के स्वचालित सिस्टम ने गुप्त रूप से ग्राहकों के खातों तक पहुँच बनाई और ऑर्डर देने के लिए बॉट्स को मानवीय ब्राउज़िंग के रूप में पेश किया—यह एक ऐसा दावा है जिससे निपटने की कोशिश परप्लेक्सिटी अब औपचारिक कॉर्पोरेट समझौतों की ओर बढ़कर कर रही है।

माइक्रोसॉफ्ट फाउंड्री के जरिए ‘फ्रंटियर’ तक पहुंच

इस 750 मिलियन डॉलर के सौदे का आधार ‘माइक्रोसॉफ्ट एज़्योर एआई फाउंड्री’ (Microsoft Azure AI Foundry) है। यह प्लेटफॉर्म डेवलपर्स को एक ही इंटरफेस के माध्यम से विभिन्न ‘लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स’ (LLMs) के साथ प्रयोग करने और उन्हें तैनात करने की सुविधा देता है। परप्लेक्सिटी के लिए, इसका मतलब है कि वह अपने उपयोगकर्ताओं को सबसे कुशल और सटीक जवाब देने के लिए ओपनएआई के GPT-4, एंथ्रोपिक के Claude और xAI के Grok के बीच स्विच करने की क्षमता रखेगी।

उद्योग विश्लेषकों का सुझाव है कि माइक्रोसॉफ्ट एज़्योर को “एआई के स्विट्जरलैंड” के रूप में स्थापित कर रहा है—एक ऐसा तटस्थ स्थान जहाँ सबसे होनहार स्टार्टअप्स को आकर्षित करने के लिए प्रतिस्पर्धियों के मॉडल भी होस्ट किए जाते हैं।

“यह साझेदारी दोनों के लिए फायदेमंद (win-win) है। माइक्रोसॉफ्ट को भारी कंप्यूटिंग आवश्यकताओं वाला एक तेजी से बढ़ने वाला ग्राहक मिल गया है, जबकि परप्लेक्सिटी को किसी एक प्रदाता के इकोसिस्टम में बंधे बिना किसी भी शीर्ष स्तर के मॉडल का उपयोग करने का तकनीकी लचीलापन प्राप्त हुआ है।” — डैन इवेस, वेसबश सिक्योरिटीज में सीनियर इक्विटी रिसर्च एनालिस्ट।

‘आंसर इंजन’ का उदय

2022 में स्थापित, परप्लेक्सिटी ने लिंक की सूची के बजाय उपयोगकर्ता के प्रश्नों के सीधे और सन्दर्भों (Citations) के साथ उत्तर प्रदान करके पारंपरिक सर्च मार्केट में हलचल मचा दी है। एसईओ-अनुकूलित (SEO-optimized) वेबसाइटों पर भरोसा करने वाले पारंपरिक सर्च इंजन के विपरीत, परप्लेक्सिटी वास्तविक समय में वेब से जानकारी एकत्र करने के लिए LLMs का उपयोग करती है।

2026 की शुरुआत तक, रिपोर्टों के अनुसार परप्लेक्सिटी प्रति माह 50 करोड़ से अधिक सवालों को संभाल रही है। हालांकि, ऐसी सेवा को बड़े पैमाने पर चलाने के लिए अत्यधिक कंप्यूटिंग शक्ति और उच्च-स्तरीय जीपीयू (GPUs) की आवश्यकता होती है—वे संसाधन जो डेटा केंद्रों में अपने अरबों डॉलर के निवेश के कारण माइक्रोसॉफ्ट के पास प्रचुर मात्रा में हैं।

एआई युद्ध के व्यापक निहितार्थ

यह सौदा वैश्विक तकनीकी परिदृश्य को आकार देने वाले तीन प्रमुख रुझानों पर प्रकाश डालता है:

  • क्लाउड के प्रति वफादारी कम हो रही है: आधुनिक एआई स्टार्टअप अब मल्टी-क्लाउड वातावरण (Azure + AWS + Google Cloud) चुन रहे हैं ताकि उच्च उपलब्धता सुनिश्चित हो सके और किसी एक वेंडर पर निर्भरता (vendor lock-in) से बचा जा सके।

  • जीपीयू (GPU) की कमी: विशिष्ट एआई चिप्स तक पहुंच अब “नया तेल” बन गई है। बड़े क्लाउड सौदों में अक्सर एनवीडिया H100 या ब्लैकवेल (Blackwell) चिप्स तक गारंटीड पहुंच शामिल होती है।

  • प्रतिस्पर्धा और सहयोग (Coopetition): माइक्रोसॉफ्ट ओपनएआई में अपने प्रमुख निवेश के बावजूद, परप्लेक्सिटी की सेवा के लिए अनिवार्य रूप से xAI (Grok) और एंथ्रोपिक मॉडल की मेजबानी कर रहा है।

अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। समाचार टुडे में अनूप कुमार की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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