Connect with us

Sports

मेलबर्न में ‘हैंडशेक’ विवाद: जब राजनीति और खेल में हुआ टकराव

Published

on

SamacharToday.co.in - मेलबर्न में 'हैंडशेक' विवाद जब राजनीति और खेल में हुआ टकराव - Image Credited by Times NOW

मेलबर्न — रॉड लेवर एरेना के प्रतिष्ठित नीले हार्डकोर्ट, जो आमतौर पर खेल भावना और सौहार्द के प्रतीक होते हैं, गुरुवार, 29 जनवरी 2026 को भू-राजनीतिक दरार के गवाह बन गए। ऑस्ट्रेलियन ओपन के इस हाई-स्टेक सेमीफाइनल मुकाबले में भारत-पाकिस्तान क्रिकेट के हालिया तनावपूर्ण संबंधों जैसी झलक देखने को मिली। दुनिया की नंबर 1 खिलाड़ी आर्यना साबालेंका की यूक्रेन की एलिना स्वितोलिना पर 6-2, 6-3 से हुई जीत एक ‘हैंडशेक विवाद’ (हाथ मिलाने के विवाद) के कारण फीकी पड़ गई, जिसने एक बार फिर इस बहस को हवा दे दी है कि क्या खेल को कभी वैश्विक संघर्षों से पूरी तरह अलग किया जा सकता है।

मैच की पहली सर्विस होने से बहुत पहले ही मेलबर्न पार्क का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया था। स्टेडियम की विशाल स्क्रीन पर एक संदेश चमका, जो टूर्नामेंट आयोजकों द्वारा उठाया गया एक अभूतपूर्व कदम था: “मैच की समाप्ति पर, खिलाड़ियों के बीच कोई हाथ नहीं मिलाया जाएगा। हम मैच के दौरान और बाद में दोनों एथलीटों के प्रति आपके सम्मान की सराहना करते हैं।” तटस्थ और सख्त लहजे में दी गई इस घोषणा का उद्देश्य उस शोर-शराबे और भ्रम की स्थिति को रोकना था, जो फरवरी 2022 के बाद से ऐसे मुकाबलों में अक्सर देखी गई है। युद्धग्रस्त यूक्रेन की निवासी स्वितोलिना के लिए, रूस या उसके सहयोगी बेलारूस (जहाँ से साबालेंका आती हैं) के खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से इनकार करना खराब खेल भावना का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकजुटता का एक अडिग संकल्प है।

विरोध का एक पैटर्न: पहलगाम से मेलबर्न तक

मेलबर्न में हुआ यह ‘हैंडशेक विवाद’ भारतीय खेल प्रशंसकों के लिए ‘देजा वू’ (पुरानी घटना की याद) जैसा है। अभी कुछ महीने पहले, क्रिकेट जगत में इसी तरह का विवाद तब पैदा हुआ था जब भारतीय क्रिकेट टीम ने एशिया कप और महिला विश्व कप के दौरान कथित तौर पर पाकिस्तानी टीम से मैच के बाद हाथ न मिलाने का फैसला किया था। वह निर्णय दुखद पहलगाम आतंकवादी हमलों के बाद लिया गया था, जो यह संकेत देता है कि मैदान पर किए गए इशारे अक्सर एथलीटों के लिए एक दुखी या संघर्षरत राष्ट्र की भावनाओं को व्यक्त करने का एकमात्र तरीका होते हैं।

टेनिस में, यह प्रोटोकॉल अब एक कड़वी परंपरा बन गया है। रूस-यूक्रेन संघर्ष के बढ़ने के बाद से, यूक्रेनी खिलाड़ियों ने लगातार नेट पर हाथ मिलाने की रस्म को छोड़ दिया है। साबालेंका, जो बेलारूस से हैं और एक तटस्थ ध्वज के तहत खेलती हैं, को कई बार इस “तिरस्कार” का सामना करना पड़ा है। हालांकि, ग्रैंड स्लैम सेमीफाइनल जैसे बड़े मंच ने इस खामोशी को वैश्विक सुर्खियों में बदल दिया।

मैच: ताकत बनाम दृष्टिकोण

गहरी राजनीतिक कड़वाहट के बावजूद, टेनिस का स्तर उत्कृष्ट था। अपने तीसरे मेलबर्न खिताब और लगातार चौथे फाइनल की तलाश में साबालेंका ने अपनी वही आक्रामक ताकत दिखाई जिसने उन्हें 2026 की सबसे प्रभावी खिलाड़ी बना दिया है। उन्होंने 29 विनर्स लगाए और उनकी फुर्ती में दिन के तनाव की झलक साफ दिख रही थी।

मैच के पहले सेट के चौथे गेम में तनाव चरम पर पहुंच गया। चेयर अंपायर लुईस एज़ेमर एनजेल ने साबालेंका पर एक दुर्लभ “हिंड्रेंस कॉल” (बाधा डालने का आरोप) लगाया। अंपायर ने फैसला सुनाया कि साबालेंका ने एक महत्वपूर्ण अंक के दौरान अपने सामान्य ‘ग्रंट’ से अलग आवाज निकाली थी। इससे नाराज साबालेंका ने वीडियो रिव्यू की मांग करते हुए अंपायर से तीखी बहस की, जबकि दर्शकों के एक हिस्से ने शोर मचाना शुरू कर दिया।

जहाँ साबालेंका ने अपनी आक्रामकता के जरिए लय हासिल की, वहीं स्वितोलिना एक टेनिस रैकेट से कहीं अधिक भारी बोझ के साथ खेल रही थीं। सेमीफाइनल तक पहुँचने के लिए दो टॉप-10 प्रतिद्वंद्वियों को बाहर करने के बाद, उनका अभियान उनके वतन के लिए आशा का प्रतीक था।

स्वितोलिना ने मैच के बाद एक भावुक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “यूक्रेन में लोग वास्तव में भयानक और डरावना जीवन जी रहे हैं, इसलिए मुझे दुखी होने की अनुमति नहीं होनी चाहिए क्योंकि मैं एक बहुत ही भाग्यशाली व्यक्ति हूँ। मुझे यहाँ सेंटर कोर्ट पर खेलने, अपने देश का प्रतिनिधित्व करने और अपनी बातों के जरिए अपने लोगों के लिए खड़े होने का यह अद्भुत अवसर मिला है।”

तटस्थता का ध्वज

विवाद केवल हाथ मिलाने तक सीमित नहीं है। वर्तमान अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतिबंधों के तहत, साबालेंका और अन्य बेलारूसी और रूसी एथलीटों को अपने राष्ट्रीय ध्वज का प्रतिनिधित्व करने से प्रतिबंधित किया गया है। स्कोरबोर्ड पर, साबालेंका के नाम के आगे एक खाली सफेद जगह छोड़ी गई थी—जो उस “तटस्थ स्थिति” की याद दिलाती है जिसमें उन्हें दौरे के दौरान रहना पड़ता है।

दिलचस्प बात यह है कि यह विरोध अब विकसित हो गया है। खबरों के अनुसार, कुछ यूक्रेनी खिलाड़ियों ने अब उन एथलीटों के साथ भी हाथ मिलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है जिन्होंने अपनी राष्ट्रीयता रूसी या बेलारूसी से बदलकर किसी दूसरे देश की कर ली है। वे इसे एक दिखावटी बदलाव मानते हैं जो मूल संघर्ष का समाधान नहीं करता है।

हाथ मिलाने की पवित्र रस्म

टेनिस में, मैच के बाद हाथ मिलाना केवल शिष्टाचार नहीं है; इसे “खेल के बुनियादी ढांचे” का हिस्सा माना जाता है। फुटबॉल या बास्केटबॉल के विपरीत, टेनिस एक व्यक्तिगत मुकाबला है जहाँ नेट पर हाथ मिलाना एक ‘रीसेट’ के रूप में कार्य करता है—एक तीव्र मानसिक और शारीरिक युद्ध के बाद एक-दूसरे को सम्मान देने का क्षण।

वर्ष आयोजन विवाद का संदर्भ
2023 विंबलडन स्वितोलिना बनाम अजारेंका; हाथ न मिलाने पर दर्शकों ने हूटिंग की।
2025 एशिया कप भारत-पाकिस्तान क्रिकेट हैंडशेक विवाद।
2026 ऑस्ट्रेलियन ओपन दर्शकों के आक्रोश को रोकने के लिए आधिकारिक घोषणा की गई।

आयोजकों को अब हाथ न मिलाने के बारे में पहले से “चेतावनी” जारी करने की आवश्यकता महसूस हो रही है, जो यह दर्शाता है कि खेल जगत अब एक नई और विभाजित वास्तविकता को स्वीकार कर रहा है।

सब्यसाची एक अनुभवी और विचारशील संपादक हैं, जो समाचारों और समसामयिक विषयों को गहराई से समझने के लिए जाने जाते हैं। उनकी संपादकीय दृष्टि सटीकता, निष्पक्षता और सार्थक संवाद पर केंद्रित है। सब्यसाची का मानना है कि संपादन केवल भाषा सुधारने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि विचारों को सही दिशा देने की कला है। वे प्रत्येक लेख और रिपोर्ट को इस तरह से गढ़ते हैं कि पाठकों तक न केवल सूचना पहुँचे, बल्कि उसका सामाजिक प्रभाव भी स्पष्ट रूप से दिखे। उन्होंने विभिन्न विषयों—राजनीति, समाज, संस्कृति, शिक्षा और पर्यावरण—पर संतुलित संपादकीय दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। उनके संपादन के माध्यम से समाचार टुडे में सामग्री और भी प्रासंगिक, विश्वसनीय और प्रभावशाली बनती है। समाचार टुडे में सब्यसाची की भूमिका: संपादकीय सामग्री का चयन और परिष्करण समाचारों की गुणवत्ता और प्रामाणिकता सुनिश्चित करना लेखकों को मार्गदर्शन और संपादकीय दिशा प्रदान करना रुचियाँ: लेखन, साहित्य, समसामयिक अध्ययन, और विचार विमर्श।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © 2017-2025 SamacharToday.