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राजकुमार राव के वायरल लुक के पीछे का सच

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SamacharToday.co.in - राजकुमार राव के वायरल लुक के पीछे का सच - Image Credited by Hindustant Times

नई दिल्लीहाई-डेफिनिशन लेंस और तत्काल सोशल मीडिया फीडबैक के इस युग में, एक सार्वजनिक उपस्थिति भी अटकलों का बाजार गर्म कर सकती है। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता राजकुमार राव इस सप्ताह एक ऐसे ही डिजिटल बवंडर के केंद्र में रहे। रविवार के एक कार्यक्रम की तस्वीरें वायरल होने के बाद प्रशंसकों में चिंता की लहर दौड़ गई। इन तस्वीरों में अभिनेता का वजन काफी बढ़ा हुआ और उनकी ‘हेयरलाइन’ बदली हुई नजर आ रही थी।

हालांकि, अभिनेता के हालिया शेड्यूल की गहन जांच से पता चलता है कि यह बदलाव किसी स्वास्थ्य समस्या का परिणाम नहीं है, बल्कि यह उनकी “मेथड एक्टिंग” की ख्याति का प्रमाण है।

बायोपिक का चक्र: ‘निकम’ से ‘दादा’ तक

इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना यह “पहचान में न आने वाला” लुक दो बड़ी फिल्मों के बीच के शारीरिक बदलाव का हिस्सा है। अभिनेता के करीबी सूत्रों के अनुसार, राव ने हाल ही में निकम नामक बायोपिक की शूटिंग पूरी की है। इस भूमिका के लिए उन्हें अपनी वास्तविक उम्र से काफी बड़े व्यक्ति का किरदार निभाना था, जिसके लिए वजन बढ़ाना और गिरते बालों (रिसीडिंग हेयरलाइन) को दिखाना आवश्यक था।

राजकुमार राव ने केवल भारी ‘प्रोस्थेटिक्स’ पर निर्भर रहने के बजाय—जो अक्सर चेहरे के भावों को सीमित कर देते हैं—शारीरिक रूप से चरित्र में ढलना चुना। यथार्थवाद के प्रति उनकी यही प्रतिबद्धता उनकी पहचान बन गई है। हालांकि, रविवार के कार्यक्रम ने उन्हें उस दौर में कैमरे के सामने ला दिया जिसे फिल्म जगत में “परिवर्तन का चरण” (Transition Phase) कहा जाता है।

एक विशेष सूत्र ने खुलासा किया, “राजकुमार वर्तमान में बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने अभी-अभी निकम पूरी की है और तुरंत अपने अगले बड़े प्रोजेक्ट के लिए वजन घटाने की कठिन प्रक्रिया शुरू कर दी है: जो कि भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली की बहुप्रतीक्षित बायोपिक है।”

गांगुली की चुनौती: एक अलग तरह का अनुशासन

‘प्रिंस ऑफ कलकत्ता’ की भूमिका निभाने के लिए एक छरहरे और एथलेटिक शरीर की आवश्यकता होती है, जो निकम के वृद्ध लुक से बिल्कुल अलग है। बताया जा रहा है कि अभिनेता एक क्रिकेटर की चपलता को अपनाने के लिए सख्त डाइट और कठिन प्रशिक्षण ले रहे हैं।

गांगुली की बायोपिक के लिए प्रोस्थेटिक्स का उपयोग न करने का निर्णय राव की प्रामाणिकता की इच्छा से उपजा है। सौरव गांगुली जैसे जीवंत दिग्गज का किरदार निभाना—जिनके हाव-भाव और शरीर की बनावट करोड़ों लोगों की यादों में बसी है—बनावट के लिए बहुत कम जगह छोड़ता है।

ट्रेड एनालिस्ट और फिल्म समीक्षक तरण आदर्श कहते हैं, “राजकुमार उन दुर्लभ अभिनेताओं में से हैं जो अपने शरीर को एक कैनवास की तरह देखते हैं। इस युग में जहां एआई और वीएफएक्स लगभग कुछ भी ठीक कर सकते हैं, प्राकृतिक शारीरिक बदलाव पर उनका जोर सराहनीय है। यह फिल्म में यथार्थवाद की एक गहरी परत जोड़ता है जिसे दर्शक पर्दे पर महसूस कर सकते हैं। चाहे वह बोस के लिए आधा गंजा होना हो या ट्रैप्ड के लिए कंकाल जैसा शरीर बनाना, उन्होंने लगातार शारीरिक सहनशक्ति की सीमाओं को पार किया है।”

चरम बदलावों का इतिहास

वर्तमान चिंता को समझने के लिए राजकुमार राव की कला के प्रति ऐतिहासिक प्रतिबद्धता को देखना होगा। यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने अपने लुक से जनता को चौंकाया है:

  • बोस: डेड/अलाइव (2017): सुभाष चंद्र बोस की भूमिका निभाने के लिए, राव ने 13 किलो वजन बढ़ाया था और विग के बजाय वास्तव में अपने सिर के आधे बाल मुंडवाए थे।

  • ट्रैप्ड (2016): अनुशासन की एक मिसाल पेश करते हुए, उन्होंने केवल 18 दिनों में 7 किलो वजन कम किया था। उस दौरान वे केवल एक कप ब्लैक कॉफी और दो गाजर प्रतिदिन के आहार पर जीवित रहे।

  • बधाई दो (2022): एक पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाने के लिए उन्होंने भारी मस्कुलर बदलाव किया और महीनों तक “नो-कार्ब, नो-शुगर” डाइट का पालन किया।

पेशेवर प्रतिबद्धता की कीमत

हालांकि प्रशंसक चिंतित हो सकते हैं, लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञ अक्सर चेतावनी देते हैं कि इस तरह के “यो-यो” बदलाव एक कलाकार के मेटाबॉलिज्म पर दबाव डाल सकते हैं। हालांकि, राव जैसे शीर्ष स्तर के अभिनेता आमतौर पर दीर्घकालिक नुकसान को कम करने के लिए विशेषज्ञ पोषण विशेषज्ञों और डॉक्टरों की देखरेख में काम करते हैं।

रविवार की वायरल तस्वीरों ने राव को उस समय कैद किया जब निकम की भूमिका का वजन अभी भी उनके शरीर पर था, जबकि उनके बाल गांगुली की बायोपिक के स्क्रीन टेस्ट के लिए तैयार किए जा रहे थे। इस मेल ने एक ऐसा दृश्य विरोधाभास पैदा किया जिसे इंटरनेट ने गलती से बिगड़ता स्वास्थ्य समझ लिया।

जैसे-जैसे सौरव गांगुली की बायोपिक की शूटिंग शुरू होने का समय करीब आ रहा है, प्रशंसक राजकुमार राव को एक बार फिर से फिट और एथलेटिक अवतार में देखने की उम्मीद कर सकते हैं। फिलहाल, वायरल तस्वीरों के पीछे की “सच्चाई” केवल एक समर्पित कलाकार की मेहनत है।

शमा एक उत्साही और संवेदनशील लेखिका हैं, जो समाज से जुड़ी घटनाओं, मानव सरोकारों और बदलते समय की सच्ची कहानियों को शब्दों में ढालती हैं। उनकी लेखन शैली सरल, प्रभावशाली और पाठकों के दिल तक पहुँचने वाली है। शमा का विश्वास है कि पत्रकारिता केवल खबरों का माध्यम नहीं, बल्कि विचारों और परिवर्तन की आवाज़ है। वे हर विषय को गहराई से समझती हैं और सटीक तथ्यों के साथ ऐसी प्रस्तुति देती हैं जो पाठकों को सोचने पर मजबूर कर दे। उन्होंने अपने लेखों में प्रशासन, शिक्षा, पर्यावरण, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक बदलाव जैसे मुद्दों को विशेष रूप से उठाया है। उनके लेख न केवल सूचनात्मक होते हैं, बल्कि समाज में जागरूकता और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा भी दिखाते हैं।

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