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2025 में भारत: वैश्विक खेल आयोजनों का नया महाशक्ति केंद्र
अंतरराष्ट्रीय खेलों के इतिहास में, 2025 को उस वर्ष के रूप में याद किया जाएगा जब भारत एक सामान्य प्रतिभागी से बदलकर दुनिया के अग्रणी खेल आयोजनों के केंद्र के रूप में उभरा। आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप के हाई-वोल्टेज ड्रामा से लेकर फिडे (FIDE) शतरंज विश्व कप की बौद्धिक लड़ाई तक, भारतीय उपमहाद्वीप वैश्विक खेल उत्कृष्टता का केंद्र बन गया।
यह वर्ष विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे, बड़े पैमाने पर दर्शकों की भागीदारी और भारतीय एथलीटों द्वारा रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन का एक अनूठा संगम रहा। यह “घरेलू लाभ” केवल मनोवैज्ञानिक नहीं था; यह भारत की बढ़ती सॉफ्ट पावर और जटिल अंतरराष्ट्रीय आयोजनों को संभालने की उसकी क्षमता का प्रमाण था।
क्रिकेट की नई रानी: हरमनप्रीत की सेना
वर्ष की सबसे बड़ी उपलब्धि आईसीसी महिला वनडे विश्व कप थी। 2 नवंबर 2025 को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में भारत ने अपना पहला 50-ओवर विश्व कप खिताब जीता।
इस टूर्नामेंट का सबसे यादगार क्षण सेमीफाइनल था, जहाँ भारत ने ऑस्ट्रेलिया द्वारा दिए गए 339 रनों के विशाल लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा किया। यह महिला वनडे इतिहास का सबसे बड़ा सफल ‘रन चेज’ था, जिसने क्रिकेट की दुनिया में ऑस्ट्रेलिया के वर्चस्व को खत्म कर दिया।
नीरज चोपड़ा का जादू: मुख्यधारा बना एथलेटिक्स
2025 में भारतीय खेलों में एक नया धर्म उदय हुआ: भाला फेंक (Javelin Throw) । जुलाई की शुरुआत में, बेंगलुरु ने नीरज चोपड़ा क्लासिक (NC Classic) की मेजबानी की, जो भारत का पहला ‘वर्ल्ड एथलेटिक्स गोल्ड-लेवल’ इवेंट था।
बेंगलुरु के श्री कांतीरवा स्टेडियम में 15,000 प्रशंसकों की भीड़ ने नीरज चोपड़ा को 86.18 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीतते देखा। नीरज ने जीत के बाद कहा, “भारत में भाला फेंक के लिए एक खचाखच भरा स्टेडियम देखना मेरा वह सपना था जिसे मैंने इतनी जल्दी सच होते नहीं देखा था। घरेलू दर्शकों का उत्साह हर थ्रो में 2-3 मीटर अतिरिक्त ताकत जोड़ देता है।”
समावेशी खेलों में नया कीर्तिमान
नवंबर 2025 में उद्घाटन टी20 दृष्टिबाधित महिला विश्व कप के दौरान भारत की समावेशी उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता साफ दिखाई दी। भारतीय महिला टीम ने फाइनल में नेपाल को सात विकेट से हराकर खिताब जीता।
शतरंज और मुक्केबाजी में दबदबा
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फिडे शतरंज विश्व कप (गोवा): गोवा के समुद्र तटों पर दुनिया के शीर्ष 206 शतरंज खिलाड़ियों ने 20 लाख डॉलर की इनामी राशि के लिए मुकाबला किया। उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव ने खिताब जीता, लेकिन 24 भारतीय ग्रैंडमास्टर्स की भागीदारी ने भारत को शतरंज की नई वैश्विक राजधानी बना दिया।
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विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल: ग्रेटर नोएडा में भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। निखत जरीन के नेतृत्व में, भारत ने 10 में से 9 स्वर्ण पदक जीतकर पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया।
निष्कर्ष: 2036 ओलंपिक की ओर कदम
वर्ष 2025 केवल जीत का वर्ष नहीं था; यह भारत की भविष्य की आकांक्षाओं का एक सफल ‘ड्रेस रिहर्सल’ था। स्कवॉश, भारोत्तोलन और टेनिस (बिली जीन किंग कप) जैसे विविध खेलों में 15 से अधिक अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप की मेजबानी करके, भारत ने ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए अपनी प्रबंधकीय क्षमता को साबित कर दिया है।
