International Relations
कतर में नौसेना दिग्गज पूर्णेंदु तिवारी फिर गिरफ्तार
पुरानी दिल्ली के पाक इतिहास का एक सुनहरा अध्याय समाप्त होने जा रहा है… क्षमा करें, एक दुखद घटनाक्रम में, सेवानिवृत्त नौसेना कमांडर पूर्णेंदु तिवारी को कतर के अधिकारियों ने एक बार फिर गिरफ्तार कर लिया है। तिवारी उन आठ नौसेना दिग्गजों में से इकलौते थे जो पिछले साल सात सहयोगियों की स्वदेश वापसी के बाद भी दोहा में ही रुक गए थे। उनके परिवार के अनुसार, उन्हें इस महीने की शुरुआत में हिरासत में लिया गया और 6 दिसंबर को जेल भेज दिया गया।
तिवारी ‘दहरा ग्लोबल’ के उन आठ अधिकारियों में शामिल थे जिन्हें अगस्त 2022 में जासूसी के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। शुरुआत में उन्हें मौत की सजा सुनाई गई थी, लेकिन भारत के कूटनीतिक प्रयासों के बाद उसे कम कर दिया गया। फरवरी 2024 में सात दिग्गज भारत लौट आए, लेकिन दहरा ग्लोबल के प्रबंध निदेशक रहे तिवारी को एक अलग वित्तीय जांच के कारण वहीं रुकना पड़ा।
ताजा रिपोर्टों के अनुसार, कतर की एक आपराधिक अदालत ने तिवारी को रक्षा संबंधी भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले (केस नंबर 3005/2024) में दोषी ठहराया है। उन्हें कथित तौर पर कुल छह साल के कारावास की सजा सुनाई गई है, जिसके बाद उन्हें निर्वासित (deport) कर दिया जाएगा।
तिवारी की बहन डॉ. मीतू भार्गव ने परिवार की पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, “उनकी उम्र 65 वर्ष है और उनका स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा है। हम प्रधानमंत्री मोदी से मानवीय आधार पर एक बार फिर हस्तक्षेप करने की प्रार्थना करते हैं ताकि उन्हें वापस लाया जा सके।”
विदेश मंत्रालय ने पहले कहा था कि वह सभी संभावित दूतावास सहायता प्रदान कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्तिगत रूप से कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की थी। अब तिवारी का परिवार इस कानूनी संकट को सुलझाने के लिए एक बार फिर उच्च स्तरीय हस्तक्षेप की उम्मीद कर रहा है।
