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भारतीय गेंदबाजों ने पहले टी20 में श्रीलंका को रोका
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रविवार को विशाखापत्तनम में खेले गए पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में अनुशासित गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को निर्धारित 20 ओवरों में 121/6 के मामूली स्कोर पर रोक दिया। हालांकि क्षेत्ररक्षण में कुछ खामियां रहीं और कुछ कैच भी छूटे, लेकिन अनुभवी दीप्ति शर्मा के नेतृत्व में भारतीय गेंदबाजी इकाई ने यह सुनिश्चित किया कि मेहमान टीम कभी भी बड़े स्कोर के लिए जरूरी गति हासिल न कर सके।
टॉस जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण करने का भारतीय कप्तान का निर्णय शुरुआत में ही सही साबित हुआ क्योंकि गेंदबाजों ने सटीक लाइन और लेंथ बनाए रखी। श्रीलंकाई टीम भारतीय स्पिन आक्रमण के जाल से मुक्त होने के लिए संघर्ष करती दिखी, जिसने विशाखापत्तनम की धीमी पिच का पूरा फायदा उठाया।
अनुशासित गेंदबाजी ने मेहमानों पर कसा शिकंजा
भारत को पहली सफलता तब मिली जब खतरनाक श्रीलंकाई कप्तान चमारी अटापट्टू को 15 रन के निजी स्कोर पर आउट किया गया। क्रांति गौड़ ने टीम का स्कोर मात्र 18 होने पर दिग्गज सलामी बल्लेबाज को क्लीन बोल्ड कर शुरुआती जोश भर दिया। इस शुरुआती विकेट ने श्रीलंका को रक्षात्मक खेलने पर मजबूर कर दिया, और वे पावरप्ले में केवल 31 रन ही बना सके।
गेंदबाजों में दीप्ति शर्मा सबसे सफल रहीं, उन्होंने एक बार फिर साबित किया कि उन्हें इस प्रारूप में सबसे भरोसेमंद संपत्तियों में से क्यों गिना जाता है। उन्होंने अपने चार ओवरों में 1/20 के शानदार आंकड़े दर्ज किए, जिसमें एक मेडन ओवर भी शामिल था।
प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “आज हमारे गेंदबाजों द्वारा दिखाया गया अनुशासन हमारी रणनीतिक योजना में की गई कड़ी मेहनत को दर्शाता है। हालांकि क्षेत्ररक्षण को निश्चित रूप से और बेहतर किया जा सकता है, लेकिन श्रीलंका जैसी टीम को 120 के आसपास रोकना हमारे बल्लेबाजों को लक्ष्य का पीछा करने के लिए एक बहुत ही आरामदायक मंच प्रदान करता है।”
श्रीलंकाई बल्लेबाजी की मुश्किलें
मेहमान टीम के लिए विश्मी गुणरत्ने ने सबसे अधिक 39 रन (43 गेंद) बनाए। हालांकि उन्होंने एक छोर मजबूती से संभाले रखा, लेकिन वे नियमित रूप से बाउंड्री खोजने में संघर्ष करती रहीं और अंततः 18वें ओवर में तेजी से रन बनाने के प्रयास में आउट हो गईं। हर्षिता समरविक्रमा ने 23 गेंदों में 21 रनों का योगदान दिया, लेकिन मध्यक्रम में बड़े शॉट खेलने वाले खिलाड़ियों की कमी मेहमान टीम को भारी पड़ी।
भारतीय गेंदबाजों द्वारा बनाए गए दबाव के कारण विकेटों के बीच दौड़ में भी घबराहट दिखी। श्रीलंका के तीन खिलाड़ी रन आउट हुए, जिनमें नीलाक्षिका सिल्वा और कविशा दिलहारी शामिल थीं, जिससे उनके 140 के करीब पहुंचने की उम्मीदों को झटका लगा।
एक बढ़ती प्रतिद्वंद्विता
यह मैच दोनों देशों के लिए एक महत्वपूर्ण श्रृंखला की शुरुआत है क्योंकि वे आगामी वैश्विक टूर्नामेंटों के लिए अपनी टीमों को तैयार कर रहे हैं। ऐतिहासिक रूप से, टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में श्रीलंका के खिलाफ भारत का पलड़ा भारी रहा है, लेकिन मेहमान टीम ने हाल के महीनों में, विशेष रूप से एशिया कप अभियानों के दौरान, महत्वपूर्ण सुधार दिखाया है। वर्तमान श्रृंखला को भारत की बेंच स्ट्रेंथ और डेथ ओवरों में दबाव बनाए रखने की उनकी क्षमता के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षण के रूप में देखा जा रहा है।
संक्षिप्त स्कोर: श्रीलंका महिला: 20 ओवर में 121/6 (विश्मी गुणरत्ने 39, हर्षिता समरविक्रमा 21; दीप्ति शर्मा 1/20, क्रांति गौड़ 1/23)।
