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तकनीकी खराबी के कारण एयर इंडिया का विमान दिल्ली लौटा
सोमवार, 22 दिसंबर को दिल्ली से मुंबई जा रहे एयर इंडिया के एक विमान को उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद तकनीकी खराबी के कारण वापस इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर उतरना पड़ा। विमान संख्या AI887 के कॉकपिट चालक दल द्वारा खराबी का पता चलने के बाद, मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत विमान की एहतियाती लैंडिंग कराई गई।
एयरलाइन द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, विमान सुरक्षित रूप से उतर गया और सभी यात्रियों तथा चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। एयरलाइन की इंजीनियरिंग टीम अब विमान की गहन जांच कर रही है ताकि तकनीकी खराबी के सटीक कारण का पता लगाया जा सके।
यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने इस बात पर जोर दिया कि वापस लौटने का निर्णय सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए लिया गया था। प्रवक्ता ने कहा, “मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार तकनीकी समस्या के कारण चालक दल ने दिल्ली लौटने का फैसला किया। एयर इंडिया इस अप्रत्याशित स्थिति के कारण हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त करती है।”
यात्रियों की परेशानी को कम करने के लिए, दिल्ली हवाई अड्डे पर ग्राउंड स्टाफ ने तत्काल सहायता प्रदान की और उनके लिए जलपान और वैकल्पिक उड़ान की व्यवस्था की गई। एयरलाइन ने पुष्टि की कि यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुँचाने के लिए दूसरे विमान की व्यवस्था की गई है।
संदर्भ: कोहरा सीजन और परिचालन सुरक्षा
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा घोषित “कोहरा विंडो” (10 दिसंबर, 2025 से 10 फरवरी, 2026) के कारण भारतीय विमानन कंपनियां हाई अलर्ट पर हैं। इस अवधि के दौरान, दिल्ली हवाई अड्डे पर दृश्यता अक्सर काफी कम हो जाती है, जिसके लिए विशेष उपकरणों और प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है।
हालाँकि AI887 की वापसी का कारण मौसम नहीं बल्कि तकनीकी समस्या थी, लेकिन यह सर्दियों के महीनों के दौरान एयरलाइन संचालन पर बढ़ते दबाव को दर्शाता है। एयर इंडिया ने हाल ही में अपनी ‘फॉग केयर’ पहल को सक्रिय किया है, जो कम दृश्यता से प्रभावित होने वाली उड़ानों की पहचान करने और यात्रियों को पहले से सूचित करने के लिए मौसम पूर्वानुमान का उपयोग करती है।
विमानन सुरक्षा विश्लेषक और पूर्व पायलट कैप्टन रमेश गुलाटी ने इस तरह की एहतियाती वापसी के महत्व पर ध्यान देते हुए कहा: “आधुनिक विमानन में, ‘बेस पर वापस लौटना’ कभी भी विफलता नहीं माना जाता, बल्कि इसे सुरक्षा प्रोटोकॉल की जीत के रूप में देखा जाता है। जब कोई तकनीकी संकेतक विसंगति दिखाता है, तो दिल्ली जैसे प्रमुख हब पर वापस उतरना सबसे विवेकपूर्ण विकल्प है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विमान पूरी तरह से उड़ान के योग्य है।”
तकनीकी तैयारी
एयर इंडिया ने CAT III B-प्रमाणित विमानों और चालक दल की तैनाती करके अपनी तकनीकी तैयारी को भी तेज कर दिया है। CAT III B प्रणाली एक उन्नत उपकरण लैंडिंग प्रणाली (ILS) है जो विमानों को बेहद कम दृश्यता (50 मीटर तक) में भी उतरने की अनुमति देती है। इस प्रमाणित चालक दल के माध्यम से, एयरलाइन का लक्ष्य उन देरी को कम करना है जो अक्सर दिसंबर के अंत में भारतीय हवाई अड्डों को प्रभावित करती हैं।
एयरलाइन ने दोहराया कि तकनीकी चुनौतियों और उत्तर भारत के मौसमी व्यवधानों के बीच उसके यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा और भलाई उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।
