Connect with us

Sports

क्या क्रिस्टियानो रोनाल्डो बना पाएंगे 1,000 गोल का रिकॉर्ड?

Published

on

SamacharToday.co.in - क्या क्रिस्टियानो रोनाल्डो बना पाएंगे 1,000 गोल का रिकॉर्ड - Image Credited by News18

फुटबॉल की दुनिया में ‘1,000’ का आंकड़ा एक ऐसा जादुई मील का पत्थर है जिसे छूना लगभग असंभव माना जाता है। क्रिस्टियानो रोनाल्डो, जिन्होंने दो दशकों तक अपनी फिटनेस और खेल से दुनिया को हैरान किया है, अब इस ऐतिहासिक आंकड़े के बेहद करीब हैं। वर्तमान में 955 करियर गोल दाग चुके 40 वर्षीय पुर्तगाली दिग्गज को चार अंकों के इस आंकड़े तक पहुंचने के लिए केवल 45 और गोल की दरकार है। हालांकि, जहां पूरी दुनिया उनके हर गोल को गिन रही है, वहीं उनके नेशनल कोच रॉबर्टो मार्टिनेज ने इस पर एक अलग और गहरा नज़रिया पेश किया है।

हाल ही में रोनाल्डो की मानसिकता पर चर्चा करते हुए, मार्टिनेज ने कहा कि पांच बार के बैलन डी’ओर विजेता के लिए 1,000 गोल का आंकड़ा कोई जुनून (Obsession) नहीं है, बल्कि यह उनके दैनिक परिश्रम का एक परिणाम मात्र हो सकता है। मार्टिनेज ने कहा, “वह अपने करियर के बहुत अच्छे मोड़ पर हैं। उन्होंने यह सब इसलिए हासिल किया क्योंकि वह वर्तमान में जीते हैं। जब वह अपने लक्ष्यों के बारे में बात करते हैं, तो वह दीर्घकालिक सोच से बचते हैं: जैसे 1,000 मैच खेलना या गोलों की एक निश्चित संख्या तक पहुंचना… उनका रहस्य यह है कि वह आज अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें और हर दिन का आनंद लें। इसलिए, यह संख्या उस दिन का परिणाम होगी जब वह संन्यास लेने का फैसला करेंगे। मुझे नहीं लगता कि यह उनका प्राथमिक लक्ष्य है।”

1000 गोलों की राह और चुनौतियां

रोनाल्डो के 955 गोलों का सफर स्पोर्टिंग सीपी, मैनचेस्टर यूनाइटेड, रियल मैड्रिड, जुवेंटस, अल-नास्र और पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम के शानदार करियर में फैला हुआ है। सऊदी प्रो लीग में जाने के बाद भी, रोनाल्डो ने अपनी उम्र को धता बताते हुए गोल करने की अपनी भूख को बरकरार रखा है। इस सीजन में भी उन्होंने दिखाया है कि पेनल्टी बॉक्स के अंदर उनके गोल करने की क्षमता अभी भी उतनी ही सटीक है।

1,000 गोल तक पहुंचने के लिए रोनाल्डो को 45 और गोल चाहिए। एक युवा स्ट्राइकर के लिए, यह दो अच्छे सीजन का काम हो सकता है; लेकिन 40 की उम्र में, यह समय की दौड़ के खिलाफ एक संघर्ष है। यदि वह क्लब और देश के लिए प्रति मैच लगभग 0.8 गोल का अपना वर्तमान औसत बनाए रखते हैं, तो वह सैद्धांतिक रूप से 2025 के अंत या 2026 की शुरुआत तक—फीफा विश्व कप 2026 के ठीक समय पर—इस मुकाम तक पहुंच सकते हैं।

मार्टिनेज का दर्शन: प्रतिभा, अनुभव और दृष्टिकोण

उनकी सांख्यिकीय उपलब्धियों के बावजूद, राष्ट्रीय टीम में रोनाल्डो की जगह पर सवाल उठते रहे हैं। यूरो 2024 के बाद, आलोचकों का मानना था कि पुर्तगाली टीम उनके बिना अधिक बेहतर खेल सकती है। हालांकि, रॉबर्टो मार्टिनेज अपने कप्तान के समर्थन में अडिग हैं। उन्होंने कहा, “हम तीन स्तंभों का विश्लेषण करते हैं: प्रतिभा, अनुभव और वह दृष्टिकोण (Attitude) जो वह टीम में लाते हैं। खुद से सर्वश्रेष्ठ की मांग करने का उनका जज्बा ही उन्हें हमेशा टीम का हिस्सा बनाए रखता है। सर्वश्रेष्ठ बनने की उनकी भूख संक्रामक है। स्ट्राइकर के रूप में 30 मैचों में 25 गोल बताते हैं कि मैदान पर उनका योगदान टीम के लिए कितना महत्वपूर्ण है।”

रिकॉर्ड्स का बेताज बादशाह

1,000 गोल की इस खोज के महत्व को समझने के लिए ऐतिहासिक संदर्भ देखना जरूरी है। ब्राजीलियाई दिग्गज पेले और रोमारियो दोनों ने 1,000 से अधिक गोल करने का दावा किया था, लेकिन उन आंकड़ों में मैत्रीपूर्ण और शौकिया मैच भी शामिल थे। आधिकारिक पेशेवर आंकड़ों के युग में, रोनाल्डो निर्विवाद रूप से सबसे आगे हैं। उनके सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी लियोनेल मेसी भी 800 के आंकड़े में हैं, लेकिन रोनाल्डो की निरंतरता उन्हें इस दौड़ में बढ़त देती है।

रोनाल्डो ने खुद अपने यूट्यूब चैनल पर इस मील के पत्थर का जिक्र करते हुए कहा कि वह 1,000 गोल तक पहुंचना चाहते हैं, लेकिन उनका मुख्य ध्यान “काम की विरासत छोड़ने” पर है। उन्होंने चुटकी लेते हुए यह भी कहा कि उनके सभी गोल कैमरों में दर्ज हैं, जो पुराने दौर के विवादित आंकड़ों की ओर एक इशारा था।

विश्व कप 2026 उनके करियर का अंतिम बड़ा पड़ाव हो सकता है। यदि वह इस टूर्नामेंट के दौरान 1,000 गोल का आंकड़ा छू लेते हैं, तो यह खेल इतिहास की सबसे बड़ी व्यक्तिगत उपलब्धि होगी। जैसा कि मार्टिनेज कहते हैं, “रहस्य” संख्या में नहीं, बल्कि आखिरी सीटी बजने तक हार न मानने के जज्बे में है।

सब्यसाची एक अनुभवी और विचारशील संपादक हैं, जो समाचारों और समसामयिक विषयों को गहराई से समझने के लिए जाने जाते हैं। उनकी संपादकीय दृष्टि सटीकता, निष्पक्षता और सार्थक संवाद पर केंद्रित है। सब्यसाची का मानना है कि संपादन केवल भाषा सुधारने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि विचारों को सही दिशा देने की कला है। वे प्रत्येक लेख और रिपोर्ट को इस तरह से गढ़ते हैं कि पाठकों तक न केवल सूचना पहुँचे, बल्कि उसका सामाजिक प्रभाव भी स्पष्ट रूप से दिखे। उन्होंने विभिन्न विषयों—राजनीति, समाज, संस्कृति, शिक्षा और पर्यावरण—पर संतुलित संपादकीय दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। उनके संपादन के माध्यम से समाचार टुडे में सामग्री और भी प्रासंगिक, विश्वसनीय और प्रभावशाली बनती है। समाचार टुडे में सब्यसाची की भूमिका: संपादकीय सामग्री का चयन और परिष्करण समाचारों की गुणवत्ता और प्रामाणिकता सुनिश्चित करना लेखकों को मार्गदर्शन और संपादकीय दिशा प्रदान करना रुचियाँ: लेखन, साहित्य, समसामयिक अध्ययन, और विचार विमर्श।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © 2017-2025 SamacharToday.