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पायलटों के भत्तों में वृद्धि: इंडिगो का संकट प्रबंधन
भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने अपने संचालन को स्थिर करने और पायलटों का मनोबल बढ़ाने के लिए उनके भत्तों (Allowances) में बड़ी बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह फैसला दिसंबर 2025 में हुए बड़े परिचालन संकट के कुछ सप्ताह बाद आया है, जिसमें रोस्टर प्लानिंग की विफलता के कारण 4,500 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं।
1 जनवरी, 2026 से प्रभावी होने वाले इस नए वेतन ढांचे के तहत, कैप्टन और फर्स्ट ऑफिसर्स के ‘लेओवर’ (Layover) और ‘डेडहेडिंग’ (Deadheading) भत्तों में वृद्धि की गई है। कैप्टन के लिए लेओवर भत्ता ₹2,000 से बढ़ाकर ₹3,000 कर दिया गया है, जबकि डेडहेडिंग भत्ता अब ₹4,000 होगा।
दिसंबर का संकट: नियोजन की बड़ी विफलता
इंडिगो के लिए पिछला महीना ऐतिहासिक रूप से चुनौतीपूर्ण रहा। विमानन नियामक डीजीसीए (DGCA) द्वारा थकान मिटाने के लिए लागू किए गए नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशंस (FDTL) नियमों को अपनाने में एयरलाइन विफल रही। जहां एयर इंडिया और अकासा एयर ने पहले से तैयारी कर रखी थी, वहीं इंडिगो को पायलटों की भारी कमी का सामना करना पड़ा।
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उड़ानों पर असर: संकट के दौरान प्रतिदिन 170 से 200 उड़ानें रद्द की गईं।
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बाजार हिस्सेदारी: अक्टूबर में 65.6% रहने वाली बाजार हिस्सेदारी नवंबर में गिरकर 63.6% रह गई।
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नियामक कार्रवाई: डीजीसीए ने एयरलाइन के सीईओ पीटर एल्बर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया और विंटर शेड्यूल में 10% की कटौती का आदेश दिया।
वित्तीय प्रभाव और प्रतिस्पर्धा जांच
मूडीज रेटिंग्स (Moody’s Ratings) ने चेतावनी दी है कि उड़ानें रद्द होने, रिफंड और जुर्माने के कारण इंडिगो को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसके साथ ही, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) भी इस बात की जांच कर रहा है कि क्या एयरलाइन ने अपनी मजबूत बाजार स्थिति का फायदा उठाकर रद्द उड़ानों के बदले महंगे टिकट बेचे।
पायलटों की इस वेतन वृद्धि को विदेशी एयरलाइनों द्वारा भारतीय प्रतिभाओं को लुभाने (Poaching) से रोकने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है। सरकार ने पहले ही अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) से पायलटों की भर्ती के लिए एक वैश्विक आचार संहिता बनाने की मांग की है।
निष्कर्ष
इंडिगो के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (फ्लाइट ऑपरेशंस) असीम मित्रा ने पायलटों को भेजे ईमेल में कहा कि यह निर्णय विभिन्न बेस पर पायलटों के साथ चर्चा के बाद लिया गया है। 2026 की शुरुआत के साथ, एयरलाइन का लक्ष्य यात्रियों का भरोसा फिर से जीतना और अपनी खोई हुई साख को बहाल करना है।
