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भारत-न्यूजीलैंड वनडे टीम: ऋषभ पंत के भविष्य पर टिकी नजरें

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SamacharToday.co.in - भारत-न्यूजीलैंड वनडे टीम ऋषभ पंत के भविष्य पर टिकी नजरें - Image Credited by India Today

नए साल की शुरुआत के साथ ही, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) आज न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी तीन मैचों की एकदिवसीय (ODI) श्रृंखला के लिए टीम की घोषणा करने वाला है। यह श्रृंखला, जो 11 जनवरी से शुरू होने वाली है, 2026 की पहली द्विपक्षीय प्रतियोगिता है। हालांकि, सभी की निगाहें मुख्य कोच गौतम गंभीर और अजीत अगरकर के नेतृत्व वाली चयन समिति के रणनीतिक विजन पर टिकी हैं।

इस चयन बैठक का मुख्य आकर्षण ऋषभ पंत की सीमित ओवरों के प्रारूप में स्थिति है। टेस्ट क्रिकेट में एक अनिवार्य खिलाड़ी होने के बावजूद, वनडे में निरंतरता की कमी और घरेलू क्रिकेट में अन्य दावेदारों के उभरने ने पंत के सफेद गेंद के करियर को एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा कर दिया है।

ऋषभ पंत की पहेली: सफेद गेंद में अनिश्चितता

ऋषभ पंत की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के बाद से उनकी कहानी दो प्रारूपों में बंटी हुई है। लाल गेंद के क्रिकेट में उनकी निडरता बेजोड़ बनी हुई है, लेकिन वनडे में उनका प्रदर्शन स्थिर हो गया है। उन्होंने अपना आखिरी वनडे अक्टूबर 2024 में श्रीलंका के खिलाफ खेला था। तब से, उन्हें या तो वर्कलोड मैनेजमेंट के कारण आराम दिया गया या केएल राहुल की स्थिरता के कारण उन्हें बेंच पर बैठना पड़ा।

चयन समिति की झिझक के पीछे हालिया आंकड़े भी हैं। विजय हजारे ट्रॉफी में दिल्ली के लिए खेलते हुए पंत का प्रदर्शन सामान्य रहा है। चार पारियों में वह केवल एक बार पचास का आंकड़ा पार कर सके। इसके विपरीत, केएल राहुल नंबर 6 पर एक भरोसेमंद ‘फिनिशर’ की भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा, ईशान किशन और ध्रुव जुरेल जैसे खिलाड़ियों के शानदार फॉर्म ने चयनकर्ताओं की चुनौती बढ़ा दी है। किशन ने हाल ही में झारखंड के लिए 125 रनों की पारी खेली, जबकि जुरेल ने अपनी पिछली कुछ पारियों में एक शतक और दो अर्द्धशतक जड़े हैं।

पेस अटैक: मोहम्मद शमी की वापसी की उम्मीद

आगामी टी20 विश्व कप को ध्यान में रखते हुए जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या को आराम दिए जाने की संभावना है। ऐसे में अनुभवी मोहम्मद शमी की वापसी लगभग तय मानी जा रही है। लगभग एक साल से राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रहे शमी ने घरेलू क्रिकेट में अपनी धार दिखाई है।

विजय हजारे ट्रॉफी में बंगाल के लिए खेलते हुए शमी ने चार मैचों में आठ विकेट झटके हैं। उनकी स्विंग और सटीकता को देखते हुए उन्हें मोहम्मद सिराज पर प्राथमिकता दी जा सकती है। सिराज का घर में औसत (22.38) शानदार है, लेकिन विदेशी परिस्थितियों में उनका औसत (28.15) शमी (24.57) की तुलना में थोड़ा कमजोर नजर आता है।

चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर ने शमी की वापसी पर कहा था:

“शमी एक विश्व स्तरीय गेंदबाज हैं, लेकिन हम चाहते थे कि वह घरेलू क्रिकेट के जरिए अपनी लय हासिल करें। मेडिकल टीम उनकी रिकवरी पर नजर रखे हुए है। उनके जैसे कद के खिलाड़ी के लिए दरवाजे कभी बंद नहीं होते, बशर्ते उनकी फिटनेस और फॉर्म सही हो।”

कप्तान के रूप में शुभमन गिल की घर में पहली परीक्षा

यह श्रृंखला शुभमन गिल के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है, जो वनडे कप्तान के रूप में वापसी करने के लिए तैयार हैं। गर्दन की चोट के कारण दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ श्रृंखला से बाहर रहने के बाद, गिल पहली बार घरेलू मैदान पर टीम की कप्तानी करेंगे। टीम में उनके साथ रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज होंगे, जिन्होंने हाल ही में घरेलू क्रिकेट में शतक जड़कर अपनी फॉर्म का प्रमाण दिया है।

घरेलू सितारों की दस्तक: पडिक्कल और सरफराज

रुतुराज गायकवाड़ ने रायपुर में अपने पहले वनडे शतक के साथ अपनी जगह सुरक्षित कर ली है, लेकिन देवदत्त पडिक्कल और सरफराज खान के रनों की बारिश को नजरअंदाज करना मुश्किल है। पडिक्कल ने इस सीजन में चार मैचों में तीन शतक लगाए हैं, जबकि सरफराज खान ने हाल ही में मुंबई के लिए सिर्फ 75 गेंदों में 157 रनों की तूफानी पारी खेली है।

निरंतरता और भविष्य की योजना के बीच संतुलन

आज होने वाली टीम की घोषणा केवल नामों की सूची नहीं होगी, बल्कि 2027 विश्व कप की ओर भारत के पहले कदम का संकेत होगी। क्या चयनकर्ता ऋषभ पंत को एक और मौका देंगे या फिर युवाओं की ओर रुख करेंगे, यह अगले दो वर्षों के लिए भारतीय क्रिकेट की दिशा तय करेगा। दिग्गजों और नए सितारों के मेल के साथ, ‘मेन इन ब्लू’ 2026 की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में करना चाहेंगे।

सब्यसाची एक अनुभवी और विचारशील संपादक हैं, जो समाचारों और समसामयिक विषयों को गहराई से समझने के लिए जाने जाते हैं। उनकी संपादकीय दृष्टि सटीकता, निष्पक्षता और सार्थक संवाद पर केंद्रित है। सब्यसाची का मानना है कि संपादन केवल भाषा सुधारने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि विचारों को सही दिशा देने की कला है। वे प्रत्येक लेख और रिपोर्ट को इस तरह से गढ़ते हैं कि पाठकों तक न केवल सूचना पहुँचे, बल्कि उसका सामाजिक प्रभाव भी स्पष्ट रूप से दिखे। उन्होंने विभिन्न विषयों—राजनीति, समाज, संस्कृति, शिक्षा और पर्यावरण—पर संतुलित संपादकीय दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। उनके संपादन के माध्यम से समाचार टुडे में सामग्री और भी प्रासंगिक, विश्वसनीय और प्रभावशाली बनती है। समाचार टुडे में सब्यसाची की भूमिका: संपादकीय सामग्री का चयन और परिष्करण समाचारों की गुणवत्ता और प्रामाणिकता सुनिश्चित करना लेखकों को मार्गदर्शन और संपादकीय दिशा प्रदान करना रुचियाँ: लेखन, साहित्य, समसामयिक अध्ययन, और विचार विमर्श।

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