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2027 विश्व कप के बाद विराट कोहली और रोहित शर्मा के लिए वैश्विक लीगों की तैयारी

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SamacharTOday.co.in - 2027 विश्व कप के बाद विराट कोहली और रोहित शर्मा के लिए वैश्विक लीगों की तैयारी - Image Credited by Hindustan Times

नई दिल्ली – जैसे-जैसे भारतीय क्रिकेट के दिग्गज विराट कोहली और रोहित शर्मा अपने करियर को विशेष रूप से एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय (ODI) प्रारूप की ओर मोड़ रहे हैं, वैश्विक खेल जगत पहले से ही उस शून्य के लिए खुद को तैयार कर रहा है जो उनके भविष्य में संन्यास लेने से पैदा होगा। जहाँ यह जोड़ी दक्षिण अफ्रीका में होने वाले 2027 आईसीसी क्रिकेट विश्व कप पर पूरी तरह केंद्रित है, वहीं अंतरराष्ट्रीय फ्रेंचाइजी मालिकों ने राष्ट्रीय टीम के बाद उनके भविष्य के लिए अभी से आधार तैयार करना शुरू कर दिया है।

सबसे हाई-प्रोफाइल निमंत्रण नवनिर्मित यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग (ETPL) की ओर से आया है। प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता और लीग के सह-मालिक अभिषेक बच्चन ने “रो-को” (Ro-Ko) जोड़ी से सार्वजनिक अपील की है, जिसमें उन्होंने आग्रह किया है कि एक बार भारतीय जर्सी उतारने के बाद वे यूरोप को अपना प्राथमिक गंतव्य मानें।

अभिषेक बच्चन का निमंत्रण

दिग्गज खेल पत्रकार विमल कुमार से बात करते हुए बच्चन—जो सौरव बनर्जी और धीरज मल्होत्रा ​​जैसी हस्तियों के साथ ETPL के सह-संस्थापक और सह-मालिक हैं—ने इस बात पर जोर दिया कि एक भारतीय ‘मार्की’ खिलाड़ी की उपस्थिति यूरोपीय महाद्वीप में क्रिकेट के वैश्वीकरण के लिए “एकमात्र कमी” (missing piece) है।

बच्चन ने कहा, “कृपया विराट और रोहित को बताएं कि जब वे रिटायर होंगे, तो वे किसी भी अन्य लीग से पहले ETPL में आकर खेल सकते हैं। हम एक ऐसा मंच प्रदान करना चाहते हैं जो विश्व स्तरीय प्रतिस्पर्धा के साथ एम्सटर्डम और एडिनबर्ग जैसे यूरोपीय शहरों के अनूठे आकर्षण को जोड़ता हो।”

ETPL, जिसे 2026 की शुरुआत में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) से आधिकारिक मंजूरी मिली थी, अगस्त में अपनी शुरुआत करने के लिए तैयार है। इस लीग के स्वामित्व समूह में सितारों की भरमार है, जिसमें ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के दिग्गज स्टीव वॉ (जो एम्सटर्डम फ्रेंचाइजी का नेतृत्व कर रहे हैं) और ओलंपिक हॉकी स्वर्ण पदक विजेता जेमी ड्वायर शामिल हैं।

2027 तक का “रो-को” रोडमैप

क्रमशः 37 और 38 वर्ष की आयु में, कोहली और शर्मा अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर के अंतिम अध्याय में प्रवेश कर चुके हैं। भारत की 2024 विश्व कप जीत के बाद टी20 (T20I) से संन्यास लेने और 2025 के अंत में टेस्ट क्रिकेट से दूरी बनाने के बाद, उनका एकमात्र लक्ष्य 2027 का विश्व कप है।

वर्तमान फॉर्म से पता चलता है कि इन दिग्गजों का सफर अभी खत्म नहीं हुआ है। कोहली ने हाल ही में न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने पिछले छह मैचों में तीन शतक जड़कर ICC ODI बल्लेबाजी रैंकिंग में फिर से नंबर 1 स्थान हासिल किया है। रोहित, हालिया श्रृंखला में थोड़े धीमे प्रदर्शन के बावजूद, भारत की आक्रामक टॉप-ऑर्डर रणनीति के मुख्य वास्तुकार बने हुए हैं।

हालाँकि, 2027 के टूर्नामेंट के समापन तक कोहली 40 और रोहित 41 वर्ष के हो जाएंगे। भले ही उनकी फिटनेस का स्तर बेहतरीन है, लेकिन उस बिंदु के बाद भारत के लिए उनके खेलना जारी रखने की संभावना कम है, जिससे “रिटायरमेंट के बाद” का बाजार टी20 लीगों के लिए करोड़ों डॉलर की होड़ बन गया है।

BCCI की सख्त नीति: भागीदारी में बाधा

विराट और रोहित जैसे सक्रिय भारतीय खिलाड़ी वर्तमान में बिग बैश लीग (BBL) या कैरेबियन प्रीमियर लीग (CPL) में क्यों नहीं दिखते, इसका मुख्य कारण भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) का सख्त रुख है। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की विशिष्टता और ब्रांड वैल्यू बनाए रखने के लिए, BCCI सक्रिय और अनुबंधित खिलाड़ियों को किसी भी विदेशी टी20 प्रतियोगिता में भाग लेने से रोकता है।

ऐतिहासिक रूप से, इसका मतलब यह रहा है कि खिलाड़ियों को विदेशी लीगों के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करने के लिए “प्रतिनिधि क्रिकेट” (Representative Cricket)—जिसमें IPL भी शामिल है—से संन्यास लेना पड़ता है।

लीग भारतीय सितारों में रुचि वर्तमान स्थिति
SA20 (दक्षिण अफ्रीका) बहुत अधिक; हाल ही में दिनेश कार्तिक को साइन किया। एक प्रमुख सेवानिवृत्त भारतीय स्टार को सफलतापूर्वक जोड़ने वाली पहली लीग।
BBL (ऑस्ट्रेलिया) लगातार बनी हुई; 2025 में आर. अश्विन को साइन किया। चोट या करियर के अंतिम पड़ाव की थकान के कारण अक्सर भागीदारी बाधित होती है।
ETPL (यूरोप) आक्रामक; कोहली/रोहित को संस्थापक के रूप में देख रहे हैं। एम्सटर्डम, एडिनबर्ग, बेलफास्ट के साथ अगस्त 2026 में लॉन्च।
MLC (अमेरिका) अधिक; सिलिकॉन वैली और टेक्सास पर ध्यान। दिग्गजों को लुभाने के लिए भारतीय मूल के मालिकों का उपयोग।

इस दीवार में पहली बड़ी दरार पिछले साल दिखी जब दिनेश कार्तिक दक्षिण अफ्रीका की SA20 लीग में पार्ल रॉयल्स में शामिल हुए। इसके बाद रविचंद्रन अश्विन ने 2025-26 BBL सीजन के लिए सिडनी थंडर के साथ अनुबंध किया, हालांकि चेन्नई में लगी घुटने की चोट ने अंततः उनके पदार्पण को रोक दिया।

कोहली और रोहित का व्यावसायिक आकर्षण

कोहली और रोहित की मांग केवल मैदान पर उनके प्रदर्शन तक सीमित नहीं है। ETPL जैसी लीग के लिए, जो नीदरलैंड और स्कॉटलैंड जैसे गैर-पारंपरिक बाजारों में क्रिकेट स्थापित करने की कोशिश कर रही है, “कोहली ब्रांड” व्यावसायिक सफलता का एक शॉर्टकट है।

लंदन स्थित एक खेल विपणन विशेषज्ञ ने कहा, “जिस क्षण विराट कोहली एम्सटर्डम के मैदान पर कदम रखेंगे, केवल भारतीय उपमहाद्वीप की डिजिटल व्यूअरशिप ही लीग के पूरे सीजन के परिचालन खर्च का भुगतान कर देगी। लीग केवल एक बल्लेबाज नहीं खरीद रही हैं; वे करोड़ों दर्शकों का आधार खरीद रही हैं।”

“अन्वेषक” (Explorer) क्रिकेटर का उदय

विदेशी लीगों में खेलने वाले भारतीय दिग्गजों का यह चलन वैश्विक क्रिकेट में एक बड़े बदलाव का हिस्सा है। युवराज सिंह (ग्लोबल टी20 कनाडा) और सुरेश रैना (अबू धाबी टी10) जैसे अग्रदूतों के पदचिन्हों पर चलते हुए, आधुनिक भारतीय खिलाड़ी अपने “अंतिम वर्षों” को खेल के एक “अन्वेषक” (एक्सप्लोरर) के रूप में बिताना चाहते हैं, जैसा कि अश्विन ने कहा था।

यह परिवर्तन खिलाड़ियों को अपने कार्यभार (workload) को प्रबंधित करने, विविध प्रशंसकों से जुड़ने और भारतीय राष्ट्रीय टीम के कार्यक्रम के भारी दबाव के बिना अपनी फिटनेस बनाए रखने की अनुमति देता है।

निष्कर्ष और अगले कदम

भले ही यूरोपीय और दक्षिण अफ्रीकी लीगों की पुकार आ रही है, कोहली और रोहित का ध्यान फिलहाल अपने लक्ष्य पर केंद्रित है: 2027 में 50 ओवर का विश्व कप फिर से भारत लाना। फिलहाल, ETPL और बच्चन को इंतजार करना होगा।

सब्यसाची एक अनुभवी और विचारशील संपादक हैं, जो समाचारों और समसामयिक विषयों को गहराई से समझने के लिए जाने जाते हैं। उनकी संपादकीय दृष्टि सटीकता, निष्पक्षता और सार्थक संवाद पर केंद्रित है। सब्यसाची का मानना है कि संपादन केवल भाषा सुधारने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि विचारों को सही दिशा देने की कला है। वे प्रत्येक लेख और रिपोर्ट को इस तरह से गढ़ते हैं कि पाठकों तक न केवल सूचना पहुँचे, बल्कि उसका सामाजिक प्रभाव भी स्पष्ट रूप से दिखे। उन्होंने विभिन्न विषयों—राजनीति, समाज, संस्कृति, शिक्षा और पर्यावरण—पर संतुलित संपादकीय दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। उनके संपादन के माध्यम से समाचार टुडे में सामग्री और भी प्रासंगिक, विश्वसनीय और प्रभावशाली बनती है। समाचार टुडे में सब्यसाची की भूमिका: संपादकीय सामग्री का चयन और परिष्करण समाचारों की गुणवत्ता और प्रामाणिकता सुनिश्चित करना लेखकों को मार्गदर्शन और संपादकीय दिशा प्रदान करना रुचियाँ: लेखन, साहित्य, समसामयिक अध्ययन, और विचार विमर्श।

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