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एआई “शायद” एक बुलबुला है: ओपनएआई अध्यक्ष की चेतावनी

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SamacharToday.co.in - एआई शायद एक बुलबुला है ओपनएआई अध्यक्ष की चेतावनी - Image Credited by The Times of India

वैश्विक प्रौद्योगिकी क्षेत्र में खलबली मचाते हुए, ओपनएआई (OpenAI) के बोर्ड अध्यक्ष ब्रेट टेलर ने घोषणा की है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) “शायद” एक सट्टा बुलबुला (bubble) है। गुरुवार, 22 जनवरी, 2026 को दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) के इतर बोलते हुए, टेलर ने आने वाले वर्षों में बाजार सुधार (market correction) की चेतावनी दी, जबकि उनकी अपनी कंपनी इस क्षेत्र में सबसे आगे है।

टेलर की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब एआई स्टार्टअप्स में निवेश अपने चरम पर है। टेलर की बात इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वह न केवल ChatGPT बनाने वाली कंपनी ओपनएआई के प्रमुख हैं, बल्कि Sierra नामक एक सफल एआई स्टार्टअप के सह-संस्थापक भी हैं।

“स्मार्ट मनी” बनाम “डंब मनी”

दावोस में सीएनबीसी (CNBC) को दिए एक साक्षात्कार में, टेलर ने एआई के मौजूदा दौर का विश्लेषण किया। उन्होंने कहा कि चूंकि हर कोई जानता है कि एआई का अर्थव्यवस्था पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ने वाला है, इसलिए निवेश की कोई कमी नहीं है।

“जब हर कोई जानता है कि एआई का अर्थव्यवस्था और उद्योगों पर भारी प्रभाव पड़ेगा, तो पैसा प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होता है,” टेलर ने समझाया। “इसके कारण ‘स्मार्ट मनी’ और ‘डंब मनी’ दोनों ही तकनीक के हर स्तर पर प्रतिस्पर्धियों को फंड दे रहे हैं।”

टेलर ने तर्क दिया कि हालांकि वह अगले कुछ वर्षों में “एकीकरण और सुधार” (consolidation and correction) की उम्मीद करते हैं, लेकिन यह मौजूदा उन्माद पूरी तरह से बुरा नहीं है। उन्होंने इसे “अव्यवस्थित प्रतिस्पर्धा” (messy competition) कहा, जो उनके अनुसार नवाचार के लिए आवश्यक है। अंततः मुक्त बाजार ही तय करेगा कि असली मूल्य कहाँ है।

इतिहास खुद को दोहराता है: 1999 का सबक

यह पहली बार नहीं है जब टेलर ने ऐसी चिंता व्यक्त की है। वह लगातार आज के एआई परिदृश्य की तुलना 1990 के दशक के डॉट-कॉम बुलबुले से करते आए हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि 1999 का बुलबुला फट गया था, लेकिन उस समय का यह विश्वास सही था कि इंटरनेट दुनिया को बदल देगा।

टेलर के अनुसार, “यह दोनों बातें सच हैं कि एआई अर्थव्यवस्था को बदल देगा और यह भी कि हम एक बुलबुले में हैं जहाँ बहुत से लोग बहुत सारा पैसा खो देंगे।” उन्होंने उदाहरण दिया कि जिस तरह 90 के दशक की कई कंपनियां विफल हुईं, लेकिन अमेज़न और गूगल जैसी दिग्गज कंपनियां बची रहीं, वैसा ही एआई के साथ भी होगा।

सिएरा (Sierra) का विरोधाभास: $10 बिलियन का मूल्यांकन

एआई बुलबुले के बारे में टेलर की चेतावनी उनकी अपनी कंपनी की सफलता के विपरीत लगती है। उनके स्टार्टअप, सिएरा, ने 2025 के अंत में 10 बिलियन डॉलर के मूल्यांकन पर 350 मिलियन डॉलर जुटाए।

हालांकि टेलर ने खुद स्वीकार किया कि 10 बिलियन डॉलर का मूल्यांकन आज के माहौल में “मामूली” लगता है, जहाँ कई एआई कंपनियों का मूल्य बिना किसी स्थापित बिजनेस मॉडल के 100 बिलियन डॉलर से अधिक लगाया जा रहा है।

ब्रेट टेलर का करियर

टेलर की बातों को गंभीरता से क्यों लिया जाता है, इसका जवाब उनके करियर में छिपा है। ओपनएआई के बोर्ड में आने से पहले, उन्होंने आधुनिक इंटरनेट की कई बड़ी उपलब्धियों में भूमिका निभाई है:

  • गूगल: उन्होंने गूगल मैप्स के सह-निर्माण में भूमिका निभाई।

  • फेसबुक (मेटा): मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (CTO) के रूप में कार्य किया।

  • सेल्सफोर्स: सह-सीईओ के रूप में जिम्मेदारी संभाली।

  • ट्विटर (X): एलन मस्क द्वारा अधिग्रहण के दौरान बोर्ड के अध्यक्ष थे।

एक भविष्यवादी दृष्टिकोण

पैसा खोने और बाजार में गिरावट की चेतावनियों के बावजूद, टेलर एआई के भविष्य को लेकर आशावादी हैं। उनका मानना है कि एआई “मौलिक रूप से अपस्फीतिकारी” (deflationary) है, जिसका अर्थ है कि इसमें लागत कम करने और उत्पादकता बढ़ाने की जबरदस्त क्षमता है।

भारत और विदेशों के निवेशकों के लिए टेलर का संदेश सावधानी का आह्वान है: एआई वास्तविक है, एआई परिवर्तनकारी है, लेकिन इस लहर पर सवार हर कंपनी किनारे तक नहीं पहुंचेगी।

अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। समाचार टुडे में अनूप कुमार की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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