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सैमसंग गैलेक्सी S26: मोबाइल स्क्रीन प्राइवेसी की नई परिभाषा

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SamacharToday.co.in - सैमसंग गैलेक्सी S26 मोबाइल स्क्रीन प्राइवेसी की नई परिभाषा - Image Credited by The Indian Express

सियोल/नई दिल्ली — एक ऐसे दौर में जहाँ डिजिटल फुटप्रिंट्स पर लगातार नज़र रखी जा रही है, प्राइवेसी की जंग अब क्लाउड से निकलकर हमारे हाथों में मौजूद स्क्रीन तक पहुँच गई है। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि उसकी आगामी फ्लैगशिप सीरीज़, गैलेक्सी S26, एक क्रांतिकारी ‘हार्डवेयर-इंटीग्रेटेड प्राइवेसी डिस्प्ले’ के साथ दस्तक देगी। पारंपरिक सॉफ्टवेयर फिल्टरों से आगे बढ़ते हुए, दक्षिण कोरियाई दिग्गज “पिक्सेल स्तर पर प्राइवेसी” का वादा कर रहा है, जिसे सार्वजनिक स्थानों पर “शोल्डर सर्फिंग” (पास बैठे व्यक्ति द्वारा ताक-झांक करना) को बीते ज़माने की बात बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

गैलेक्सी डिवाइसों की अगली पीढ़ी के लिए रणनीति ब्रीफिंग के दौरान की गई यह घोषणा स्मार्टफोन निर्माण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। हालाँकि थर्ड-पार्टी प्राइवेसी स्क्रीन प्रोटेक्टर वर्षों से मौजूद हैं, लेकिन वे अक्सर डिस्प्ले की क्वालिटी और टच सेंसिटिविटी को खराब कर देते हैं। सैमसंग का यह एकीकृत दृष्टिकोण बिना किसी समझौते के वही सुरक्षा प्रदान करने का लक्ष्य रखता है।

कार्यप्रणाली: ‘पिक्सेल-लेवल’ प्राइवेसी को समझना

गैलेक्सी S26 के इस नए फीचर के केंद्र में डिस्प्ले आर्किटेक्चर का एक मौलिक बदलाव है। सॉफ्टवेयर-आधारित डिमिंग के विपरीत, जो केवल पूरी स्क्रीन की ब्राइटनेस कम करता है, सैमसंग की “पिक्सेल-लेवल प्राइवेसी” सीधे OLED स्टैक के भीतर एम्बेडेड विशेष लाइट-कंट्रोल परतों के उपयोग का संकेत देती है।

उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक Flex Magic Pixel OLED का एक उन्नत व्यावसायिक संस्करण है, जिसे सैमसंग डिस्प्ले ने 2025 में मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस (MWC) में प्रदर्शित किया था। यह हार्डवेयर स्क्रीन को व्यापक कोणों (wide angles) पर प्रकाश के प्रसार को बुद्धिमानी से प्रतिबंधित करने की अनुमति देता है। जब फोन को सीधे (90-डिग्री के कोण पर) देखा जाता है, तो पिक्सेल पूरी चमक और स्पष्टता के साथ काम करते हैं। हालांकि, जैसे ही देखने का कोण बदलता है—आमतौर पर 30 से 45 डिग्री के बाद—विशेष पिक्सेल संरचना प्रकाश के घेरे को संकुचित कर देती है, जिससे साइड में खड़े व्यक्ति को स्क्रीन काली या धुंधली दिखाई देती है।

“यह OLED पैनल में एक संरचनात्मक संशोधन है,” सीनियर डिस्प्ले आर्किटेक्ट डॉ. हवान-सू किम ने कहा। “माइक्रो-लूवर को शामिल करके या प्रोग्रामेबल सब-पिक्सेल लाइट दिशा का उपयोग करके, सैमसंग प्राइवेसी फिल्टर को फोन के डीएनए का हिस्सा बना रहा है। यह एक अधिक भरोसेमंद समाधान है क्योंकि यह सॉफ्टवेयर के ट्रिक्स पर निर्भर नहीं है जिन्हें आसानी से बायपास किया जा सकता है।”

हार्डवेयर क्यों है ज़रूरी: पुराने डिवाइसों की सीमाएँ

सैमसंग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह फीचर गैलेक्सी S25 या फोल्ड सीरीज़ जैसे मौजूदा मॉडलों पर वन यूआई (One UI) सॉफ्टवेयर अपडेट के माध्यम से उपलब्ध नहीं होगा। इसका कारण पूरी तरह से भौतिक (physical) है। चूँकि यह तकनीक प्रकाश उत्सर्जक डायोड (LEDs) और आंतरिक अपवर्तक परतों की विशिष्ट व्यवस्था पर निर्भर करती है, इसलिए इसके लिए नए डिस्प्ले हार्डवेयर की आवश्यकता होती है जो केवल S26 की उत्पादन लाइन में ही संभव है।

यह कदम सैमसंग के व्यापक सुरक्षा दर्शन को और मजबूत करता है। वर्षों से, कंपनी सैमसंग नॉक्स (Knox) और नॉक्स वॉल्ट (Knox Vault) को गोल्ड स्टैंडर्ड के रूप में प्रचारित करती आई है क्योंकि वे एक “सिक्योर एलिमेंट” (SE)—एक भौतिक चिप—का उपयोग करते हैं जो मुख्य प्रोसेसर से अलग होती है। स्क्रीन प्राइवेसी को हार्डवेयर के दायरे में ले जाकर, सैमसंग नॉक्स दर्शन का विस्तार उन पिक्सेल तक कर रहा है जो आपके बैंक बैलेंस, निजी संदेश और मेडिकल रिकॉर्ड प्रदर्शित करते हैं।

उपयोगकर्ता अनुभव: कस्टमाइजेशन और इंटेलिजेंट एक्टिवेशन

जबकि हार्डवेयर क्षमता प्रदान करता है, सॉफ्टवेयर (जिसके One UI 8.5 होने की उम्मीद है) नियंत्रण प्रदान करता है। सैमसंग ने कई तरीके बताए हैं जिनसे उपयोगकर्ता प्राइवेसी डिस्प्ले का उपयोग कर सकते हैं:

  • ऐप-विशिष्ट एक्टिवेशन: उपयोगकर्ता बैंकिंग पोर्टल, व्हाट्सएप या पासवर्ड मैनेजर जैसे संवेदनशील ऐप को चुन सकते हैं, जिन्हें खोलते ही प्राइवेसी मोड अपने आप चालू हो जाएगा।

  • संदर्भ-आधारित सुरक्षा: सिस्टम को विशेष रूप से कीबोर्ड पॉप-अप होने पर या “सुरक्षित फॉर्म” का पता चलने पर सक्रिय होने के लिए सेट किया जा सकता है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि बस या मेट्रो में आपके बगल में बैठा व्यक्ति आपके पासवर्ड न देख सके।

  • एडजस्टेबल इंटेंसिटी: “आई कम्फर्ट शील्ड” की तरह, उपयोगकर्ता प्राइवेसी प्रभाव की “शक्ति” को एडजस्ट कर सकेंगे, जिससे वे तय कर पाएंगे कि वे व्यूइंग एंगल को कितना संकीर्ण रखना चाहते हैं।

वन यूआई 8.5 बीटा के शुरुआती लीक्स में एक एनीमेशन दिखाया गया था जहाँ डिवाइस को तिरछा करने पर स्क्रीन “शटर” होती हुई दिखाई देती थी। इससे पता चलता है कि फोन का जायरोस्कोप और फ्रंट-फेसिंग सेंसर डिस्प्ले के साथ मिलकर काम करेंगे ताकि जैसे ही फोन को केंद्र से हटाकर पकड़ा जाए, प्राइवेसी मोड तुरंत सक्रिय हो सके।

‘शोल्डर सर्फिंग’ का बढ़ता खतरा

जैसे-जैसे स्मार्टफोन हमारे व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन का प्राथमिक केंद्र बन गए हैं, वे लो-टेक “एनालॉग” हैकिंग का लक्ष्य भी बन गए हैं। शोल्डर सर्फिंग आज भी पहचान चोरों (identity thieves) के लिए पिन कोड और पैटर्न चुराने के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है।

दिल्ली, मुंबई या न्यूयॉर्क जैसे उच्च घनत्व वाले शहरी वातावरण में, सार्वजनिक परिवहन में अजनबियों की निकटता 6.8 इंच की स्क्रीन को वास्तव में निजी रखना लगभग असंभव बना देती है। पहले, उपयोगकर्ताओं को एक खराब दिखने वाले प्लास्टिक स्क्रीन प्रोटेक्टर या अपने डेटा को जोखिम में डालने के बीच चुनाव करना पड़ता था। सैमसंग का S26 इस दुविधा को हल करने का लक्ष्य रखता है।

भविष्य की राह: क्या यह सभी मॉडलों में होगा?

एक सवाल अभी भी बना हुआ है: क्या प्राइवेसी डिस्प्ले पूरे गैलेक्सी S26, S26+ और S26 अल्ट्रा रेंज में मानक होगा, या यह केवल अल्ट्रा मॉडल तक सीमित रहेगा? इस तरह के उन्नत OLED पैनल बनाने की लागत को देखते हुए, विश्लेषकों का अनुमान है कि यह पहले अल्ट्रा और प्लस मॉडल पर आ सकता है, जो उन्हें बाज़ार में एक अलग पहचान दिलाएगा।

2026 की शुरुआत में लॉन्च होने के साथ, गैलेक्सी S26 खुद को केवल AI और कैमरा तकनीक के पावरहाउस के रूप में ही नहीं, बल्कि हमारे डिजिटल जीवन की सबसे सुरक्षित खिड़की के रूप में स्थापित कर रहा है।

देवाशीष एक समर्पित लेखक और पत्रकार हैं, जो समसामयिक घटनाओं, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से सीधा जुड़ाव बनाने वाली है। देवाशीष का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और सकारात्मक सोच फैलाने की जिम्मेदारी भी निभाती है। वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों में प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और सामाजिक बदलाव जैसे विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न केवल जानकारी प्रदान करते हैं, बल्कि पाठकों को विचार और समाधान की दिशा में प्रेरित भी करते हैं। समाचार टुडे में देवाशीष की भूमिका: स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग सामाजिक और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन रुचियाँ: लेखन, पठन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक विमर्श।

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