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एक युग का अंत: बंद होगा ऐतिहासिक ‘द लेट शो’

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एक युग का अंत बंद होगा ऐतिहासिक ‘द लेट शो’ - SamacharToday.co.in

अमेरिकी टेलीविजन के इतिहास में एक अध्याय हमेशा के लिए समाप्त होने जा रहा है। 33 वर्षों तक दुनिया भर के दर्शकों का मनोरंजन करने वाला और राजनीतिक व्यंग्य का केंद्र रहा सीबीएस (CBS) ‘द लेट शो’ अब इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है। नेटवर्क ने आधिकारिक घोषणा की है कि वर्तमान होस्ट स्टीफन कोलबर्ट (Stephen Colbert) की विदाई के साथ ही ‘लेट शो’ ब्रांड को हमेशा के लिए रिटायर (Retire) कर दिया जाएगा।

यह विदाई केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उस परंपरा की है जिसे 1993 में दिग्गज डेविड लेटरमैन (David Letterman) ने शुरू किया था। सीबीएस ने एक अभूतपूर्व फैसला लेते हुए कोलबर्ट की जगह किसी नए होस्ट को नहीं लाने का निर्णय लिया है, जिसका अर्थ है कि रात 11:35 बजे का वह प्रतिष्ठित समय अब किसी अन्य कार्यक्रम के नाम होगा।

विदाई का ऐतिहासिक सप्ताह: जब दिग्गज हुए एक साथ

11 मई से 14 मई तक चलने वाला यह विदाई सप्ताह टेलीविजन इतिहास के सबसे भावुक क्षणों में से एक बन गया है। 11 मई के एपिसोड में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। अमेरिकी लेट-नाइट टीवी के ‘चार स्तंभ’ एक ही मंच पर कोलबर्ट को सम्मान देने पहुंचे।

जब जिमी फॉलन (The Tonight Show), जिमी किमेल (Jimmy Kimmel Live), सेठ मेयर्स (Late Night), और जॉन ओलिवर (Last Week Tonight) एक साथ मंच पर आए, तो एड सुलिवन थिएटर (Ed Sullivan Theater) तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा।

जॉन ओलिवर ने शो के दौरान कहा, “हम सिर्फ एक सहकर्मी को विदा नहीं कर रहे हैं, बल्कि हम टेलीविजन के एक ऐतिहासिक प्रारूप (Format) को विदा कर रहे हैं। स्टीफन ने केवल एक शो होस्ट नहीं किया, बल्कि एक दशक तक राष्ट्रीय विमर्श का नेतृत्व किया।”

डेविड लेटरमैन की वापसी: एक पूर्ण चक्र

इस विदाई समारोह का सबसे भावुक क्षण 14 मई को आने वाला है। ‘द लेट शो’ के जनक डेविड लेटरमैन, जिन्होंने 1993 से 2015 तक इस शो को सफलता के शिखर पर पहुँचाया, दशकों बाद फिर से उसी मंच पर कदम रखेंगे। लेटरमैन की उपस्थिति इस शो के 33 साल के सफर को एक पूर्णता प्रदान करेगी। उनके प्रशंसकों के लिए यह पल वैसा ही है जैसे किसी महान संस्थान की नींव रखने वाला व्यक्ति उसका आखिरी दरवाजा बंद करने आए।

33 साल का सफरनामा: ‘लेट शो’ का गौरवशाली इतिहास

‘द लेट शो’ का इतिहास अमेरिकी संस्कृति का प्रतिबिंब रहा है:

  • 1993-2015 (लेटरमैन युग): डेविड लेटरमैन ने एनबीसी (NBC) छोड़कर सीबीएस पर इस शो की शुरुआत की थी। उन्होंने अपनी अनूठी कॉमेडी, ‘टॉप टेन’ लिस्ट और बेबाक इंटरव्यू शैली से रात के टीवी को एक नई पहचान दी।

  • 2015-2026 (कोलबर्ट युग): लेटरमैन के बाद स्टीफन कोलबर्ट ने कमान संभाली। कोलबर्ट ने शो को अधिक बौद्धिक और राजनीतिक व्यंग्य की ओर मोड़ा। उन्होंने महामारी के कठिन दौर और अमेरिकी राजनीति के सबसे उथल-पुथल वाले समय में दर्शकों का मार्गदर्शन किया।

ब्रांड का रिटायरमेंट: क्यों बदल रहा है टेलीविजन?

सीबीएस का ‘लेट शो’ ब्रांड को पूरी तरह से समाप्त करने का फैसला विशेषज्ञों को हैरान कर रहा है। आमतौर पर, ऐसे प्रतिष्ठित शो के होस्ट बदल दिए जाते हैं, लेकिन शो बंद नहीं होता। हालांकि, 2026 के आर्थिक समीकरण बदल चुके हैं।

नेटवर्क ने रात 11:35 बजे का यह कीमती टाइम स्लॉट बायरन एलन के ‘एलन मीडिया ग्रुप’ को बेच दिया है। 22 मई से इस समय पर ‘कॉमिक्स अनलीश्ड’ के एपिसोड प्रसारित होंगे। यह बदलाव स्पष्ट करता है कि यूट्यूब (YouTube), पॉडकास्ट और ओटीटी (OTT) के दौर में पारंपरिक नेटवर्क टीवी अब अपने पुराने ‘प्राइम टाइम’ मॉडल को बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है।

कोलबर्ट का नया सफर: लॉर्ड ऑफ द रिंग्स की दुनिया

स्टीफन कोलबर्ट टेलीविजन छोड़ रहे हैं, लेकिन काम नहीं। रिपोर्टों के अनुसार, वे अब फिल्म निर्माण और लेखन की दुनिया में एक बड़ी भूमिका निभाने जा रहे हैं। वे जे.आर.आर. टोल्किन के बहुत बड़े प्रशंसक रहे हैं और अब वे आगामी लॉर्ड ऑफ द रिंग्स फिल्म “शैडो ऑफ द पास्ट” (Shadow of the Past) के सह-लेखक (Co-writer) के रूप में काम कर रहे हैं। कोलबर्ट के लिए यह उनके किसी पुराने सपने के सच होने जैसा है।

‘द लेट शो’ का बंद होना केवल एक टीवी शो का अंत नहीं है, बल्कि उस युग का अंत है जहाँ पूरा देश सोने से पहले एक ही चैनल पर एक ही व्यक्ति को देखने के लिए टीवी चलाता था। अब दर्शक अपनी पसंद का कंटेंट अपनी सुविधानुसार देखते हैं। कोलबर्ट और लेटरमैन की विरासत हमेशा याद रखी जाएगी, लेकिन एड सुलिवन थिएटर की लाइटें अब एक सुनहरे इतिहास का हिस्सा बन चुकी हैं।

शमा एक उत्साही और संवेदनशील लेखिका हैं, जो समाज से जुड़ी घटनाओं, मानव सरोकारों और बदलते समय की सच्ची कहानियों को शब्दों में ढालती हैं। उनकी लेखन शैली सरल, प्रभावशाली और पाठकों के दिल तक पहुँचने वाली है। शमा का विश्वास है कि पत्रकारिता केवल खबरों का माध्यम नहीं, बल्कि विचारों और परिवर्तन की आवाज़ है। वे हर विषय को गहराई से समझती हैं और सटीक तथ्यों के साथ ऐसी प्रस्तुति देती हैं जो पाठकों को सोचने पर मजबूर कर दे। उन्होंने अपने लेखों में प्रशासन, शिक्षा, पर्यावरण, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक बदलाव जैसे मुद्दों को विशेष रूप से उठाया है। उनके लेख न केवल सूचनात्मक होते हैं, बल्कि समाज में जागरूकता और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा भी दिखाते हैं।

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