International Relations
भारत-इंडोनेशिया व्यापार दो दशकों में नौ गुना बढ़ा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन दिवसीय इंडोनेशिया यात्रा के साथ दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई गति मिलने की उम्मीद है। 6 से 8 जुलाई तक होने वाली इस यात्रा के दौरान दोनों देश व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) की प्रगति की समीक्षा करेंगे और व्यापार, निवेश, संपर्क तथा अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इंडोनेशिया आज आसियान क्षेत्र में भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन चुका है। पिछले दो दशकों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2005-06 के 4.3 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2022-23 में 38.84 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। हालांकि, 2024-25 में कुल द्विपक्षीय व्यापार 28.15 अरब अमेरिकी डॉलर दर्ज किया गया।
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 2024-25 के दौरान भारत ने इंडोनेशिया को 5.38 अरब अमेरिकी डॉलर का निर्यात किया, जबकि इंडोनेशिया से 22.78 अरब अमेरिकी डॉलर का आयात किया। अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच ही दोनों देशों के बीच व्यापार 22.72 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है।
भारत, इंडोनेशिया से कोयले का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार और कच्चे पाम ऑयल का सबसे बड़ा आयातक है। इसके अलावा भारत इंडोनेशिया से खनिज, रबर, पल्प एवं पेपर तथा हाइड्रोकार्बन का भी आयात करता है। वहीं भारत इंडोनेशिया को परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पाद, वाणिज्यिक वाहन, दूरसंचार उपकरण, कृषि उत्पाद, गोवंशीय मांस, इस्पात उत्पाद और प्लास्टिक का निर्यात करता है।
हाल के वर्षों में व्यापारिक संबंधों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2020-21 में द्विपक्षीय व्यापार 17.49 अरब अमेरिकी डॉलर था, जो 2021-22 में बढ़कर 26.17 अरब अमेरिकी डॉलर और 2022-23 में 38.84 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। इसके बाद 2023-24 में यह 29.40 अरब अमेरिकी डॉलर और 2024-25 में 28.15 अरब अमेरिकी डॉलर रहा।
निवेश के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। इंडोनेशियाई अधिकारियों के अनुसार, 2000 से 2024 के बीच भारतीय कंपनियों ने इंडोनेशिया में 7,292 परियोजनाओं के माध्यम से 1.56 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश किया। वहीं उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के अनुसार, जनवरी 2000 से सितंबर 2025 के बीच भारत में इंडोनेशिया का कुल निवेश 668.37 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा। वर्तमान में लगभग 100 भारतीय कंपनियां और संयुक्त उपक्रम इंडोनेशिया में विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय हैं।
पर्यटन और हवाई संपर्क में भी उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। बढ़ती मांग को देखते हुए एयर इंडिया ने दिल्ली-बाली मार्ग पर अपनी साप्ताहिक उड़ानों की संख्या सात से बढ़ाकर दस कर दी है। फिलहाल दोनों देशों के बीच जकार्ता-मुंबई, बाली-बेंगलुरु, बाली-मुंबई और बाली-दिल्ली सहित चार सीधी हवाई सेवाएं संचालित हैं, जबकि जकार्ता और दिल्ली के बीच अभी भी सीधी उड़ान उपलब्ध नहीं है।
पर्यटन के मोर्चे पर भी भारत की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2023 में भारत ऑस्ट्रेलिया के बाद बाली आने वाले पर्यटकों का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत रहा। वहीं 2024 में 7.1 लाख भारतीय पर्यटकों के साथ भारत, मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर और चीन के बाद इंडोनेशिया आने वाले विदेशी पर्यटकों का पांचवां सबसे बड़ा स्रोत बना।
