कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, सोना-चांदी में आई तेजी

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, सोना-चांदी में आई तेजी - SamacharToday.co.in

वैश्विक कमोडिटी बाजार में गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में शुरुआती बढ़त के बाद गिरावट दर्ज की गई, जबकि सोना और चांदी की कीमतों में मजबूती देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें दबाव में रहीं, वहीं घरेलू सर्राफा बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कीमती धातुओं में खरीदारी का रुख बना रहा।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत कारोबार के दौरान लगभग 0.8 प्रतिशत गिरकर 90 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई। शुरुआती कारोबार में तेजी के बाद निवेशकों की बिकवाली से कीमतों में नरमी देखने को मिली। इसी तरह वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी लगभग 0.7 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83.83 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता देखा गया।

विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक तेल बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव कई कारकों से प्रभावित होता है। इनमें वैश्विक मांग और आपूर्ति की स्थिति, प्रमुख तेल उत्पादक देशों की नीतियां, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकेतक शामिल हैं। इन परिस्थितियों के कारण कारोबार के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बदलाव देखने को मिलता है।

दूसरी ओर, भारतीय सर्राफा बाजार में निवेशकों का रुझान सोना और चांदी की ओर बना रहा। 24 कैरेट सोना करीब 0.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,43,340 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता देखा गया। वहीं चांदी की कीमत में 0.6 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई और इसका भाव 2,19,580 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग बढ़ने पर सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं में निवेशकों की रुचि बढ़ जाती है। यही कारण है कि जब अन्य परिसंपत्तियों में उतार-चढ़ाव रहता है, तब बुलियन बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी दोनों कीमती धातुओं में मजबूती का रुख बना रहा। अगस्त डिलीवरी वाला सोना आधे प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ 1,42,582 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं सितंबर डिलीवरी वाली चांदी लगभग 0.4 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,18,303 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में कच्चे तेल, सोने और चांदी की कीमतों की दिशा वैश्विक आर्थिक आंकड़ों, केंद्रीय बैंकों की नीतियों, डॉलर की चाल और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी। निवेशकों की नजर अब अंतरराष्ट्रीय बाजार के अगले संकेतों पर बनी हुई है, जो कमोडिटी बाजार की आगे की दिशा तय करेंगे।

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